Current date 25/08/2026

फसल खराब? 72 घंटे में सूचना दें, वरना दावा अटक सकता है

URL copied
Pik Vima Nuksan Suchana: फसल नुकसान की 72 घंटे में सूचना देने की प्रक्रिया बैनर
Share URL copied

Pik Vima Nuksan Suchana: प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर बीमित किसान को नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी होती है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना — ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023” के पैरा 21.5.5.4 के अनुसार यह सूचना सबसे पहले “Crop Insurance App” या कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन (KRPH) के टोल-फ्री नंबर 14447 पर दर्ज करानी चाहिए। लेकिन हर तरह के फसल नुकसान पर यह नियम लागू नहीं होता, और यहीं सबसे ज़्यादा किसान चूक जाते हैं।

स्थिति (23/08/2026 तक): खरीप 2026 के लिए पीक विमा में नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी और वह विंडो बंद हो चुकी है। जिन किसानों का हप्ता उससे पहले खाते से कट चुका है, उनके लिए नुकसान की सूचना देने की प्रक्रिया चालू है। स्रोत: महाराष्ट्र शासन, कृषि, पशुसंवर्धन, दुग्धव्यवसाय विकास व मत्स्यव्यवसाय विभाग का शासन निर्णय क्रमांक बैठक-२०२६/प्र.क्र.१२२/का.११ ए/ई-१६६७००३, दिनांक 03 जुलाई 2026।

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
किसकी योजनाकेंद्र सरकार, राज्य के शासन निर्णय से लागू
सूचना की समय सीमाघटना के 72 घंटे के भीतर
पहला माध्यमCrop Insurance App या KRPH 14447
टोल-फ्री हेल्पलाइन14447 (कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन)
WhatsApp चैटबॉट7065514447
दावा भुगतान की सीमाNCIP पर गणना के 21 दिन के भीतर
देरी पर12% वार्षिक दंड ब्याज किसान को देय
आधिकारिक वेबसाइटpmfby.gov.in

72 घंटे का नियम किन नुकसानों पर लागू होता है

यह नियम दो श्रेणियों पर लागू होता है, यह बात कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 के पैरा 21.5 और 21.6 में स्पष्ट की गई है।

पहली श्रेणी — स्थानीय आपदा (Localized Calamity)। गाइडलाइंस के पैरा 21.5.1 के अनुसार इसमें ओलावृष्टि, भूस्खलन, खेत का जलमय होना, बादल फटना और बिजली गिरने से लगी प्राकृतिक आग शामिल हैं। शर्त यह है कि फसल खड़ी हालत में हो और कटाई तक की अवधि में नुकसान हुआ हो।

दूसरी श्रेणी — कटाई पश्चात नुकसान (Post-Harvest Loss)। पैरा 21.6.1 के अनुसार इसमें ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा और बेमौसम बारिश से उस फसल का नुकसान आता है जो कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए फैली या छोटे बंडलों में पड़ी हो। यह सुरक्षा कटाई के बाद अधिकतम 14 दिन तक मिलती है।

बेमौसम बारिश के मामले में एक अतिरिक्त शर्त है। पैरा 21.6.2 के अनुसार दावा तभी बनता है जब उस तालुका या ज़िले में उस महीने की बारिश दीर्घकालिक औसत से 20 प्रतिशत से अधिक हो।

किन नुकसानों के लिए 72 घंटे की सूचना ज़रूरी नहीं

ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 के पैरा 5.2 और 21.5 के अनुसार तीन स्थितियों में किसान को अलग से सूचना नहीं देनी पड़ती, क्योंकि इनका आकलन राज्य सरकार और बीमा कंपनी मिलकर करते हैं।

  • पेरणी न हो पाना (Prevented Sowing): प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई ही न हो पाने की घोषणा राज्य सरकार करती है।
  • मध्य हंगाम प्रतिकूल परिस्थिति (Mid-Season Adversity): हंगाम के बीच व्यापक प्रतिकूल स्थिति की अधिसूचना भी राज्य सरकार जारी करती है।
  • उत्पादन आधारित व्यापक नुकसान: इसका निर्धारण पीक कटाई प्रयोग से निकले औसत उत्पादन की तुलना उंबरठा उत्पादन से करके होता है।

एक बात जो कम लोगों को पता है। गाइडलाइंस के पैरा 21.5 की टिप्पणी 3 के अनुसार यदि अधिसूचित बीमा इकाई में अधिसूचित फसल के बीमित क्षेत्र का 25 प्रतिशत से अधिक भाग प्रभावित है, तो नुकसान व्यक्तिगत नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में उसे व्यापक नुकसान मानकर मध्य हंगाम प्रतिकूल परिस्थिति की On-Account पद्धति से भुगतान होता है। यानी बड़े पैमाने की बाढ़ या अतिवृष्टि 72 घंटे वाला व्यक्तिगत मामला नहीं है।

एक और अपवाद ध्यान देने योग्य है। इसी टिप्पणी 2 के अनुसार जलमय होने का जोखिम धान, गन्ना, जूट और मेस्ता जैसी जलप्रिय फसलों पर लागू नहीं होता।

Pik Vima Nuksan Suchana कहाँ और कैसे दें: स्टेप बाय स्टेप

गाइडलाइंस के पैरा 21.5.5.4 के अनुसार सूचना का पहला माध्यम “Crop Insurance App” या केंद्रीकृत टोल-फ्री नंबर KRPH ही होना चाहिए। बैंक और सरकारी कार्यालय इसके बाद के विकल्प हैं।

  1. मोबाइल पर “Crop Insurance App” खोलें और नुकसान की सूचना वाला विकल्प चुनें। पैरा 21.5.5.1 के अनुसार इसमें अक्षांश-देशांतर और फोटो भी दर्ज किए जा सकते हैं, जो बाद में सर्वेक्षण के समय काम आते हैं।
  2. ऐप न चले तो टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की गाइडलाइंस के पैरा 39.4.14 के अनुसार यह कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन का राष्ट्रीय स्तर का शिकायत निवारण तंत्र है, जो बीमा कंपनियों, बैंकों और ज़िला प्रशासन से जुड़ा हुआ है।
  3. नेटवर्क या कॉल की समस्या हो तो pmfby.gov.in पर दिए गए WhatsApp चैटबॉट नंबर 7065514447 का उपयोग करें।
  4. इनमें से कुछ संभव न हो तो अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, संबंधित बैंक शाखा या तालुका कृषि अधिकारी के कार्यालय में सूचना दर्ज कराएं।
  5. बैंक या सरकारी कार्यालय के माध्यम से सूचना देने पर पावती अवश्य लें। पैरा 21.5.5.6 के अनुसार बैंक या अधिकारी को वह सूचना अगले 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनी तक पहुँचानी होती है।

गाइडलाइंस के पैरा 21.5.5.5 में यह भी कहा गया है कि आगे चलकर बाकी माध्यम धीरे-धीरे बंद किए जाएंगे और सूचना केवल Crop Insurance App तथा KRPH से ली जाएगी।

सूचना देते समय ये जानकारी तैयार रखें

पैरा 21.5.5.1 के अनुसार सूचना में यह विवरण होना आवश्यक है।

  • बीमित किसान का नाम
  • प्रभावित सर्वे नंबर, बीमित फसल और प्रभावित क्षेत्र
  • NCIP पोर्टल पर दर्ज Farmer’s Application Number
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • कर्जदार किसान के लिए KCC खाता संख्या, बिगर कर्जदार किसान के लिए वह बचत खाता जो आवेदन के समय घोषित किया गया था

पूरी जानकारी तुरंत न मिले तब भी सूचना रोकें नहीं। पैरा 21.5.6.1 के अनुसार आंशिक जानकारी पहले भेजी जा सकती है और नुकसान के 7 दिन के भीतर पूरा फॉर्म जमा किया जा सकता है।

सूचना के बाद क्या होता है: 21 दिन और 12% ब्याज का नियम

सूचना दर्ज होने के बाद राज्य सरकार के प्रतिनिधि और बीमा कंपनी संबंधित किसान की उपस्थिति में संयुक्त सर्वेक्षण करते हैं, यह पैरा 21.5.3 में तय है।

भुगतान की समय सीमा भी बंधी हुई है। ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 की तालिका के क्रमांक 46 के अनुसार NCIP पर दावे की गणना होने के 21 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए, चाहे बीमा कंपनी ने अनुदान की दूसरी किश्त की माँग की हो या नहीं।

देरी होने पर पैरा 16.14 के अनुसार लंबित दावों पर 12 प्रतिशत वार्षिक दंड ब्याज किसान को देय होता है, और यह व्यवस्था खरीप 2024 से अनिवार्य है। महाराष्ट्र के लिए यह बिंदु खास मायने रखता है, क्योंकि राज्य में योजना Cup and Cap प्रतिरूप पर चल रही है और गाइडलाइंस में यही दंड ब्याज राज्य सरकार की देनदारी पर भी लागू बताया गया है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 मार्च 2026 को लोकसभा में पूरक प्रश्नों के उत्तर में इसी व्यवस्था की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 21 दिन में दावा निपटाने में विफल रहने पर बीमा कंपनियों को 12 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करना होगा, और राज्य सरकारें देरी करें तो उन्हें भी किसानों को इतना ही ब्याज देना होगा। उसी उत्तर में उन्होंने बताया कि कृषि रक्षक पोर्टल पर अब तक 2 लाख 71 हज़ार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

आम गलतियाँ — इनसे बचें

हप्ता कटने से पहले का नुकसान। गाइडलाइंस के पैरा 21.5.4.4 के अनुसार लाभ केवल उन किसानों को मिलता है जिनके खाते से बीमा हप्ता घटना घटित होने से पहले कट चुका हो।

क्रॉप कैलेंडर की अवधि से बाहर की घटना। पैरा 21.5.5.1 के अनुसार राज्य सरकार हर ज़िले और फसल के लिए वह अवधि अधिसूचित करती है जिसमें फसल खड़ी मानी जाती है। उस अवधि के बाहर घटी घटना पर यह प्रावधान किसी भी स्थिति में लागू नहीं होता।

अधिसूचित न होने वाली फसल। पैरा 21.5.3 के अनुसार जो फसलें निविदा और अधिसूचना में स्थानीय आपदा श्रेणी के लिए शामिल नहीं की गईं, उन्हें बाद में जोड़ा नहीं जा सकता।

केवल पंचनामे पर भरोसा करना। महसूल विभाग का पंचनामा राज्य सरकार की आपदा राहत के लिए होता है। पीक विमा का दावा उससे अलग प्रक्रिया है और उसके लिए बीमा कंपनी तक सूचना पहुँचना ज़रूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: 72 घंटे की गिनती कब से शुरू होती है?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 की तालिका 11 के अनुसार 72 घंटे की गणना जोखिम की घटना घटित होने के समय से शुरू होती है, न कि नुकसान दिखने के दिन से।

प्रश्न 2: 72 घंटे निकल गए तो क्या दावा खत्म हो जाता है?

हर मामले में नहीं। ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 के पैरा 5.2 के अनुसार पेरणी न होना, मध्य हंगाम प्रतिकूल परिस्थिति और उत्पादन आधारित व्यापक नुकसान अलग प्रावधानों से तय होते हैं, जिनमें व्यक्तिगत सूचना ज़रूरी नहीं।

प्रश्न 3: सूचना देने का पहला माध्यम कौन सा होना चाहिए?

ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 के पैरा 21.5.5.4 के अनुसार पहला माध्यम “Crop Insurance App” या कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन का टोल-फ्री नंबर 14447 होना चाहिए। बैंक और ज़िला अधिकारी इसके बाद के विकल्प हैं।

प्रश्न 4: खेत में पानी भर गया तो दावा मिलेगा?

फसल पर निर्भर है। ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 के पैरा 21.5 की टिप्पणी 2 के अनुसार जलमय होने का जोखिम धान, गन्ना, जूट और मेस्ता जैसी जलप्रिय फसलों पर लागू नहीं होता।

प्रश्न 5: दावे का पैसा कितने दिन में आना चाहिए?

ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 की तालिका के क्रमांक 46 के अनुसार NCIP पर दावे की गणना होने के 21 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए। पैरा 16.14 के अनुसार देरी पर 12 प्रतिशत वार्षिक दंड ब्याज देय है।

प्रश्न 6: दावे में देरी हो तो शिकायत कहाँ करें?

ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2023 के पैरा 39.4.14 के अनुसार कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन (KRPH) के टोल-फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज की जा सकती है, जो बीमा कंपनियों और ज़िला प्रशासन से जुड़ा है।

महत्वपूर्ण लिंक

ये भी पढ़ें: केंद्र सरकार की योजनाओं की ताज़ा जानकारी

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र सरकार की योजनाएं

आधिकारिक स्रोत: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना — बीमा कंपनी डायरेक्टरी (अपने ज़िले की कंपनी और नंबर देखें)

आधिकारिक स्रोत: कृषि विभाग, महाराष्ट्र शासन

ये भी पढ़ें: पीक विमा भरपाई का स्टेटस कैसे चेक करें

 

नुकसान होने पर किसानों को सलाह दी जाती है कि सूचना दर्ज कराने में देर न करें और सूचना क्रमांक या पावती सुरक्षित रखें। संयुक्त सर्वेक्षण के समय यही दस्तावेज़ दावे का आधार बनता है। अपने ज़िले की बीमा कंपनी और उसका टोल-फ्री नंबर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल पर देखा जा सकता है।

यह जानकारी 23 अगस्त 2026 तक की आधिकारिक सूचना पर आधारित है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।

लेखक

  • Mayur Phatak

    मयूर फाटक BigNews18.in के संस्थापक हैं। 2024 से वे महाराष्ट्र सरकारी योजना, MPSC भर्ती और केंद्र सरकारी योजनाओं पर हिंदी में शोध-आधारित लेख लिख रहे हैं। विशेषज्ञता: Ladki Bahin Yojana, PM Kisan, MPSC Rajyaseva, PM Awas Yojana। सभी जानकारी आधिकारिक सरकारी सूत्रों पर आधारित। 80+ लेख प्रकाशित। Maharashtra, India।

    View all posts
Share URL copied
Written by
मयूर फाटक - Content Writer

मयूर फाटक BigNews18.in के संस्थापक हैं। 2024 से वे महाराष्ट्र सरकारी योजना, MPSC भर्ती और केंद्र सरकारी योजनाओं पर हिंदी में शोध-आधारित लेख लिख रहे हैं। विशेषज्ञता: Ladki Bahin Yojana, PM Kisan, MPSC Rajyaseva, PM Awas Yojana। सभी जानकारी आधिकारिक सरकारी सूत्रों पर आधारित। 80+ लेख प्रकाशित। Maharashtra, India।

Maharashtra Police Bharti 2026 कांस्टेबल भर्ती 15631 पद अधिसूचना बैनर
नौकरी

Maharashtra Police Bharti 2026: 15,631 कांस्टेबल पदों की पूरी गाइड

Maharashtra Police Bharti 2026: महाराष्ट्र राज्य पुलिस विभाग द्वारा कांस्टेबल और संबंधित पदों पर देश की सबसे बड़ी राज्य-स्तरीय भर्तियों में से...

Sanjay Gandhi Niradhar Yojana: महाराष्ट्र में ₹1,500 मासिक निराधार पेंशन योजना बैनर
सरकारी योजना

Sanjay Gandhi Niradhar Yojana: ₹1500 पेंशन, पात्रता 2026

🕒 अंतिम अपडेट: 9 अगस्त 2026Sanjay Gandhi Niradhar Yojana के तहत महाराष्ट्र में पात्र निराधार व्यक्ति को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक...

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026 के तहत रूफटॉप सोलर पैनल पर ₹78,000 सब्सिडी की जानकारी।
केंद्र सरकारी योजना

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: सोलर पैनल पर ₹78,000 सब्सिडी

PM Surya Ghar Yojana 2026: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत देश भर के लाखों परिवारों...

Related Articles

PMFME Yojana 2026: ₹10 लाख सब्सिडी, आवेदन सितंबर तक

ताज़ा अपडेट (24 जून 2026): केंद्र सरकार ने PMFME योजना की अवधि...

PM Kisan Beneficiary List 2026: गाँव की लिस्ट में नाम ऐसे देखें

PM Kisan Beneficiary List 2026 में अपना नाम गाँव के अनुसार कैसे...

Kisan Credit Card 2026: ₹5 लाख सस्ता लोन, खरीफ से पहले बनवाएं

Kisan Credit Card 2026 को लेकर देश के करोड़ों किसानों के लिए...