🕒 अंतिम अपडेट: 16 जुलाई 2026
Sanjay Gandhi Niradhar Yojana के तहत महाराष्ट्र में पात्र निराधार व्यक्ति को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में मिलती है। सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह राशि 18 से 65 वर्ष आयु के निराधार पुरुष व महिला, अनाथ बच्चों, सभी प्रवर्ग के दिव्यांगों, निराधार विधवाओं और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को दी जाती है। सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांग लाभार्थियों के लिए हुआ है, जिनकी मासिक राशि अब ₹1,500 से बढ़कर ₹2,500 हो चुकी है।
3 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस वृद्धि को मंजूरी दी गई थी। मंत्रिमंडल के फैसले की आधिकारिक जानकारी के अनुसार संजय गांधी निराधार अनुदान योजना और श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तिवेतन योजना, दोनों के दिव्यांग लाभार्थियों को हर महीने एक हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सामाजिक न्याय विभाग ने इसके बाद आदेश जारी किया और यह बढ़ी हुई राशि अक्टूबर 2025 से लागू है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार संजय गांधी निराधार अनुदान योजना में 4 लाख 50 हजार 700 और श्रावणबाळ योजना में 24 हजार 3 दिव्यांग लाभार्थी हैं। सारी रकम DBT पोर्टल के ज़रिए आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा होती है, इसलिए आधार सीडिंग अधूरी रहने पर भुगतान अटक जाता है।
Sanjay Gandhi Niradhar Yojana: एक नज़र में पूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | संजय गांधी निराधार अनुदान योजना |
| शुरू की गई | वर्ष 2000 (आधिकारिक पोर्टल के अनुसार) |
| शुरू करने वाली सरकार | राज्य सरकार (महाराष्ट्र) |
| संबंधित विभाग | सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग |
| लाभार्थी | 18 से 65 वर्ष के निराधार, अनाथ, दिव्यांग, विधवा, गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति |
| लाभ राशि | ₹1,500 प्रति माह (दिव्यांग लाभार्थियों को ₹2,500) |
| आय की शर्त | BPL सूची में नाम या पारिवारिक वार्षिक आय ₹21,000 तक |
| आवेदन मोड | तहसील कार्यालय / तलाठी कार्यालय / Aaple Sarkar व सेतु केंद्र |
| आधिकारिक वेबसाइट | sjsa.maharashtra.gov.in |
| योजना पोर्टल | sas.mahait.org |
निराधार योजना में क्या है ताज़ा अपडेट
दिव्यांग संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद राज्य सरकार ने 2025-26 के मानसून सत्र में मासिक अर्थसहाय्य बढ़ाने की घोषणा की थी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद जारी शासन निर्णय के अनुसार यह वृद्धि सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जमाति, तीनों प्रवर्गों के लिए मंजूर तरतूद से दी जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था निवृत्तिवेतन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा निवृत्तिवेतन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग निवृत्तिवेतन योजना के दिव्यांग लाभार्थियों को भी यही बढ़ी हुई राशि लागू है।
यहाँ एक बात साफ़ समझ लेना ज़रूरी है। यह वृद्धि सिर्फ़ दिव्यांग लाभार्थियों के लिए है। विधवा, अनाथ या अन्य निराधार श्रेणी के लाभार्थियों की मासिक राशि फ़िलहाल ₹1,500 ही है। नीचे दी गई तुलना से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाती है।
| लाभार्थी श्रेणी | पहले (प्रति माह) | अब (प्रति माह) |
|---|---|---|
| दिव्यांग लाभार्थी (संजय गांधी निराधार अनुदान योजना) | ₹1,500 | ₹2,500 |
| दिव्यांग लाभार्थी (श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तिवेतन योजना) | ₹1,500 | ₹2,500 |
| निराधार, विधवा, अनाथ, गंभीर बीमारी वाले लाभार्थी | ₹1,500 | ₹1,500 (कोई बदलाव नहीं) |
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ: संजय गांधी निराधार योजना पात्रता
सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इन श्रेणियों को योजना का लाभ मिलता है:
- 18 से 65 वर्ष आयु के निराधार पुरुष और महिला
- अनाथ बच्चे
- दिव्यांगों के सभी प्रवर्ग
- क्षयरोग, कर्करोग, एड्स, कुष्ठरोग जैसी दुर्धर बीमारियों के कारण अपना चरितार्थ न चला पाने वाले पुरुष और महिला
- निराधार विधवा
- घटस्फोट प्रक्रिया में शामिल या घटस्फोट के बाद पोटगी न पाने वाली महिलाएं
- अत्याचार पीड़ित तथा वेश्या व्यवसाय से मुक्त कराई गई महिलाएं
- तृतीयपंथी और देवदासी
- 35 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला
- सज़ा काट रहे कैदियों की पत्नी
- सिकलसेल से ग्रस्त व्यक्ति
आय की शर्त सबसे अहम है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार लाभार्थी का नाम गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की सूची में होना चाहिए या परिवार की वार्षिक आय ₹21,000 तक होनी चाहिए। जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार आवेदक का महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना भी अनिवार्य है, और कई जिला पोर्टल इसके लिए न्यूनतम 15 वर्ष निवास की शर्त बताते हैं। अपने तहसील कार्यालय में यह शर्त एक बार पुष्टि कर लें।
आवेदन से पहले तैयार रखें ये दस्तावेज़
जिला प्रशासन द्वारा दी गई संजय गांधी निराधार योजना दस्तावेज़ सूची इस प्रकार है:
- विहित नमूने में भरा गया आवेदन पत्र
- आयु का प्रमाण: स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र या जिला शल्य चिकित्सक का दाखला
- निवासी प्रमाणपत्र: तलाठी द्वारा जारी
- आय प्रमाणपत्र: तहसीलदार द्वारा जारी
- दिव्यांग, दुर्धर बीमारी या तृतीयपंथी होने की स्थिति में जिला शल्य चिकित्सक का प्रमाणपत्र
- विधवा के मामले में पति के मृत्यु का प्रमाणपत्र
- आधार कार्ड और आधार से जुड़ी बैंक पासबुक
Sanjay Gandhi Niradhar Yojana में आवेदन कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप गाइड
- नज़दीकी जिलाधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय की संजय गांधी निराधार अनुदान योजना शाखा या तलाठी कार्यालय में जाकर पात्रता और शर्तें समझ लें।
- वहीं से निर्धारित नमूने का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म भरें, पासपोर्ट साइज़ फोटो चिपकाएं और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ स्वप्रमाणित करके संलग्न करें।
- भरा हुआ फॉर्म सेतु केंद्र, महा ई-सेवा केंद्र या Aaple Sarkar पोर्टल के माध्यम से जमा करें। योजना का पोर्टल sas.mahait.org है।
- तलाठी दस्तावेज़ों की पड़ताल कर आवेदन तहसील कार्यालय को भेजते हैं।
- संजय गांधी निराधार समिति की बैठक में आवेदन मंज़ूर होने के बाद ही नाम लाभार्थी सूची में जुड़ता है।
- आवेदन की पावती संभालकर रखें। इसी से आगे स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
पैसा नहीं आया तो क्या करें
अमरावती जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार दिसंबर 2024 से यह मासिक सहायता DBT के माध्यम से ही दी जाती है। इसका मतलब है कि आधार और बैंक खाते की सीडिंग ही भुगतान की असली कुंजी है। अनुदान अटकने के पीछे आमतौर पर ये कारण सामने आते हैं:
- आधार बैंक खाते से लिंक नहीं: DBT राशि आधार से जुड़े खाते में ही जाती है। बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग की स्थिति जांचें।
- दस्तावेज़ों में विसंगति: आधार, बैंक पासबुक और आवेदन में नाम की spelling अलग होने पर भुगतान फेल हो सकता है।
- आय के प्रमाण में त्रुटि: तहसीलदार का आय प्रमाणपत्र पुराना या अपूर्ण हो तो फ़ाइल रुक जाती है।
- नई मंज़ूरी की तकनीकी प्रक्रिया: नए मंज़ूर लाभार्थियों का नाम सॉफ़्टवेयर में अपडेट होने तक पहला हप्ता नहीं आता।
इसका ताज़ा उदाहरण नांदेड़ जिले से है। पुढारी की 13 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार वहाँ फरवरी में समिति की बैठक में मंज़ूर हुए 302 नए लाभार्थियों का मानधन करीब छह महीने रुका रहा। मंत्रालय और जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 जुलाई को सॉफ़्टवेयर अपडेट हुआ और पहले हप्ते की राशि खातों में जमा होने की प्रक्रिया शुरू हुई। यानी आवेदन मंज़ूर होने के बाद भी राशि आने में समय लग सकता है, ऐसे में तहसील कार्यालय की संजय गांधी योजना शाखा से लिखित में स्थिति पूछना सबसे कारगर तरीका है।
महाराष्ट्र की अन्य योजनाओं में भी यही नियम लागू है। Ladki Bahin Yojana eKYC 2026 की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया इसका सीधा उदाहरण है, जहाँ आधार सत्यापन अधूरा रहने पर ₹1,500 की किस्त रोक दी जाती है। राज्य की बाकी योजनाओं के अपडेट के लिए महाराष्ट्र सरकारी योजना सेक्शन देखें। योजना की आधिकारिक शर्तें सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: Sanjay Gandhi Niradhar Yojana में कितनी पेंशन मिलती है?
सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र लाभार्थी को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है। दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह राशि अक्टूबर 2025 से ₹2,500 प्रति माह है।
प्रश्न 2: निराधार योजना ₹1500 पेंशन के लिए आय की सीमा क्या है?
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार लाभार्थी का नाम BPL सूची में होना चाहिए या परिवार की वार्षिक आय ₹21,000 तक होनी चाहिए।
प्रश्न 3: क्या 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति इस योजना में आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। आधिकारिक शर्तों के अनुसार यह योजना 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के लिए है। 65 वर्ष से अधिक आयु के निराधार नागरिकों के लिए श्रावणबाळ सेवा राज्य निवृत्तिवेतन योजना लागू होती है।
प्रश्न 4: Sanjay Gandhi Niradhar Anudan Yojana online apply कहाँ से करें?
आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय की योजना शाखा या तलाठी कार्यालय में किया जा सकता है। भरा हुआ फॉर्म सेतु केंद्र, महा ई-सेवा केंद्र या Aaple Sarkar पोर्टल के माध्यम से भी जमा किया जा सकता है। योजना का पोर्टल sas.mahait.org है।
प्रश्न 5: क्या सभी लाभार्थियों को ₹2,500 मिलेंगे?
नहीं। मंत्रिमंडल के फैसले की आधिकारिक जानकारी के अनुसार बढ़ी हुई राशि केवल दिव्यांग लाभार्थियों के लिए है। विधवा, अनाथ और अन्य निराधार श्रेणियों के लाभार्थियों को ₹1,500 प्रति माह ही मिलते हैं।
प्रश्न 6: आवेदन मंज़ूर होने के बाद पहला हप्ता कब आता है?
इसकी कोई निश्चित समय सीमा आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं है। समिति की मंज़ूरी के बाद नाम सॉफ़्टवेयर में अपडेट होने पर राशि DBT से खाते में जमा होती है। देरी होने पर तहसील कार्यालय की संजय गांधी योजना शाखा से संपर्क करें।
प्रश्न 7: दिव्यांग प्रमाणपत्र कौन जारी करता है?
जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार दिव्यांगता, दुर्धर बीमारी और तृतीयपंथी होने का प्रमाणपत्र जिला शल्य चिकित्सक (Civil Surgeon) द्वारा जारी किया जाता है।
पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले आधार और बैंक खाते की सीडिंग पूरी करा लें तथा आय व निवास प्रमाणपत्र अद्यतन रखें। योजना से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए नज़दीकी तहसील कार्यालय की संजय गांधी निराधार अनुदान योजना शाखा से संपर्क किया जा सकता है।
यह जानकारी 16 जुलाई 2026 तक की आधिकारिक सूचना पर आधारित है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।








