Bhausaheb Fundkar Falbag Lagvad Yojana 2026 को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया है। इस योजना के माध्यम से किसान अपनी बंजर या कम उपजाऊ भूमि पर फलों के बाग लगाकर अगले 3 सालों तक सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
महाराष्ट्र के कृषि विभाग द्वारा संचालित यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए है जो पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी (Horticulture) के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। इसमें आम, काजू, संतरा और मोसंबी जैसे 16 प्रकार के फलों के पेड़ों को शामिल किया गया है। अगर आप भी महाराष्ट्र के किसान हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें आवेदन से लेकर सब्सिडी मिलने तक की पूरी जानकारी दी गई है।
एक नज़र में — Bhausaheb Fundkar Falbag Lagvad Yojana की पूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | भाऊसाहेब फुंडकर फलबाग लागवड योजना (Bhausaheb Fundkar Falbag Lagvad Yojana) |
| शुरू की गई | खरीफ सीजन 2018-19 |
| किसने शुरू की | कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार (राज्य सरकार की योजना) |
| लाभार्थी | महाराष्ट्र के किसान (व्यक्तिगत) |
| लाभ राशि | 3 वर्षों में देय कुल सहायता राशि (Aadhaar Linked Bank Account में) |
| आवेदन मोड | ऑनलाइन (MahaDBT पोर्टल) |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://mahadbt.maharashtra.gov.in/ |
| हेल्पलाइन नंबर | आधिकारिक वेबसाइट पर देखें |
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Bhausaheb Fundkar Falbag Lagvad Yojana 2026: किसको मिलेगा फायदा
इस योजना के तहत किसानों को न केवल पौधे लगाने के लिए बल्कि उनके रखरखाव के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में फल उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ:
गड्ढे खोदना (Pit Digging): पौधों को लगाने के लिए प्रारंभिक खुदाई का खर्च सरकार वहन करती है।
पौधों की आपूर्ति: अच्छी गुणवत्ता वाले ग्राफ्ट्स (Grafts) और सीडलिंग्स की खरीद पर सहायता।
खाद और उर्वरक: रासायनिक और जैविक खाद के उपयोग के लिए सब्सिडी।
फसल सुरक्षा: कीटनाशकों और फसल सुरक्षा उपायों के लिए आर्थिक मदद।
गैप फिलिंग: यदि कोई पौधा सूख जाता है, तो उसकी जगह नया पौधा लगाने के लिए सहायता।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ
Bhausaheb Fundkar Falbag Lagvad Yojana 2026 के लिए पात्रता शर्तें काफी सरल रखी गई हैं ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ ले सकें:
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स्थानीय निवासी: आवेदक को महाराष्ट्र राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
भूमि सीमा (Land Limit):
कोंकण विभाग: यहाँ के किसान 0.10 हेक्टेयर से 10.00 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए लाभ ले सकते हैं।
बाकी महाराष्ट्र: अन्य जिलों के किसान 0.20 हेक्टेयर से 6.00 हेक्टेयर तक की जमीन पर बाग लगा सकते हैं।
दस्तावेज़: किसान के नाम पर 7/12 और 8-A प्रमाण पत्र होना चाहिए।
आधार कार्ड: बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है क्योंकि सब्सिडी का पैसा सीधे DBT के माध्यम से भेजा जाता है।
शर्त (Survival Rate): सब्सिडी जारी रखने के लिए पहले साल कम से कम 80% और दूसरे साल 90% पौधों का जीवित रहना (Survival) अनिवार्य है।
किसे नहीं मिलेगा लाभ: संस्थागत लाभार्थियों (Institutional beneficiaries) को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इन 16 फलों के बागों पर मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत आप अपनी पसंद और क्षेत्र की जलवायु के अनुसार निम्नलिखित 16 फलों में से किसी का भी चयन कर सकते हैं:
आम (Mango)
काजू (Cashew)
अमरूद (Guava)
चीकू (Sapota)
सीताफल (Custard Apple)
अनार (Pomegranate)
कागजी नींबू (Paper Lemon)
नारियल (Coconut)
इमली (Tamarind)
अंजीर (Fig)
आंवला (Amla)
कोकम (Kokum)
कटहल (Jackfruit)
जामुन (Jamun)
संतरा (Orange)
मोसंबी (Mosambi)
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
अगर आप Bhausaheb Fundkar Falbag Lagvad Yojana 2026 में आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
स्टेप 1: सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक ‘Aaple Sarkar DBT Portal’ (https://mahadbt.maharashtra.gov.in/) पर जाएं।
स्टेप 2: होमपेज पर “Farmer Scheme” विकल्प का चुनाव करें।
स्टेप 3: यदि आप नए यूजर हैं, तो “New Applicant Registration” पर क्लिक करें।
स्टेप 4: अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
स्टेप 5: यूजरनेम और पासवर्ड बनाकर लॉगिन करें।
स्टेप 6: अपनी प्रोफाइल 100% पूरी करें (पता, भूमि की जानकारी, बैंक विवरण आदि भरें)।
स्टेप 7: प्रोफाइल पूरी होने के बाद “Apply” सेक्शन में जाकर ‘Horticulture’ या ‘Fruit Plantation’ योजना का चयन करें।
स्टेप 8: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और ₹23.60 का आवेदन शुल्क जमा करें।
स्टेप 9: अंत में फॉर्म सबमिट करें और आवेदन की रसीद प्रिंट कर लें।
ज़रूरी दस्तावेज़ों की लिस्ट
आवेदन के समय आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार होने चाहिए:
आधार कार्ड (Aadhaar Card)
7/12 प्रमाण पत्र (सातबारा उतारा)
8-A प्रमाण पत्र (खाते उतारा)
जाति प्रमाण पत्र (केवल SC/ST लाभार्थियों के लिए)
स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration)
पूर्व-मंजूरी पत्र (Pre-Sanction Letter)
उपकरणों या पौधों का इनवॉइस (Invoice)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: भाऊसाहेब फुंडकर फलबाग लागवड योजना के लिए आवेदन शुल्क कितना है?
A: इस योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन शुल्क ₹23.60 है।
Q: क्या एक किसान एक से अधिक फलों के पेड़ों के लिए आवेदन कर सकता है?
A: हाँ, किसान अपनी भूमि की क्षमता के अनुसार एक से अधिक फल फसलों के लिए आवेदन कर सकता है।
Q: सब्सिडी का पैसा कैसे मिलता है?
A: सब्सिडी की राशि 3 वर्षों के दौरान किस्तों में सीधे किसान के आधार से लिंक बैंक खाते (Direct Benefit Transfer) में जमा की जाती है।
Q: पौधों की जीवित रहने की दर (Survival Rate) कितनी होनी चाहिए?
A: योजना के अनुसार, पहले साल के अंत में कम से कम 80% और दूसरे साल 90% पौधों का जीवित रहना ज़रूरी है, तभी अगले साल की सब्सिडी मिलती है।
Q: क्या महिलाएं या दिव्यांग किसान भी आवेदन कर सकते हैं?
A: बिल्कुल! महिला किसान आवेदन कर सकती हैं। साथ ही, दिव्यांग (PH) श्रेणी के किसानों के लिए कुल फंड का 5% आरक्षित रखा गया है।
हेल्पलाइन और संपर्क
किसी भी समस्या या जानकारी के लिए आप अपने तहसील के कृषि कार्यालय (Taluka Agriculture Office) से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक MahaDBT पोर्टल पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी भी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।








