Mahila Samman Savings Scheme 2026 को लेकर महिलाओं के बीच एक अहम सवाल बना हुआ है — क्या इस लोकप्रिय बचत योजना में अब भी नया खाता खोला जा सकता है? इसका सीधा और स्पष्ट जवाब है: नहीं। केंद्र सरकार की इस महिला-केंद्रित छोटी बचत योजना में नए खाते खोलने की सुविधा 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी है। डाक विभाग (Department of Posts) द्वारा जारी SB Order No. 03/2025 के अनुसार इस तारीख के बाद कोई नया जमा स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
हालांकि लाभार्थियों के लिए राहत की बात यह है कि जिन महिलाओं ने अंतिम तिथि से पहले खाता खोल लिया था, उनके निवेश पर 7.5% की निश्चित ब्याज दर मैच्योरिटी तक जारी रहेगी। यह योजना केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन डाकघरों और चुनिंदा बैंकों के माध्यम से चलाई गई थी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे केंद्रीय बजट 2023-24 में आज़ादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर घोषित किया था।
महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं ने भी राज्य भर के डाकघरों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में इस योजना के तहत खाते खोले थे। अब जब योजना नए निवेश के लिए बंद हो चुकी है, ऐसे में महिलाओं के लिए यह जानना ज़रूरी है कि उनके मौजूदा खातों की स्थिति क्या रहेगी और 2026 में बचत के लिए कौन से बेहतर विकल्प मौजूद हैं।
Mahila Samman Savings Scheme 2026: एक नज़र में पूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (Mahila Samman Savings Certificate) |
| शुरू की गई | 1 अप्रैल 2023 (बजट 2023-24 में घोषित) |
| शुरू करने वाली सरकार | केंद्र सरकार (वित्त मंत्रालय / डाक विभाग) |
| लाभार्थी | केवल महिलाएं और बालिकाएं |
| ब्याज दर | 7.5% प्रति वर्ष (तिमाही चक्रवृद्धि) |
| निवेश सीमा | न्यूनतम ₹1,000 से अधिकतम ₹2,00,000 |
| अवधि | 2 वर्ष |
| नए खाते की स्थिति | 31 मार्च 2025 के बाद बंद |
| आधिकारिक वेबसाइट | indiapost.gov.in |
योजना अब क्यों बंद है
महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र शुरू से ही एक सीमित अवधि (one-time) की योजना थी। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इसमें खाता खोलने की सुविधा केवल 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2025 तक के दो साल के विंडो के लिए ही उपलब्ध थी। यह कोई स्थायी योजना नहीं थी, बल्कि महिलाओं में बचत और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए तय समय के लिए लाई गई थी।
डाक विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 31 मार्च 2025 की समय सीमा बीतने के बाद नए खाते खोलने पर रोक लग गई। इसका मतलब यह है कि अब किसी भी डाकघर या बैंक में इस योजना के तहत नया निवेश नहीं किया जा सकता। बता दें कि जो खाते समय रहते खोले जा चुके हैं, वे अपनी निर्धारित अवधि पूरी होने तक सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
मौजूदा खाताधारकों के लिए क्या हैं नियम
अगर किसी महिला ने अंतिम तिथि से पहले खाता खोला था, तो उसे घबराने की ज़रूरत नहीं है। योजना के नियमों के अनुसार ये प्रावधान लागू रहते हैं:
- ब्याज: जमा राशि पर 7.5% की दर से ब्याज, तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि होकर, खाते की मैच्योरिटी तक मिलता रहेगा।
- आंशिक निकासी: खाता खोलने के एक साल पूरा होने पर पात्र शेष राशि का 40% तक निकाला जा सकता है।
- समय से पहले बंद करना: सामान्य कारणों से खाता खोलने के 6 महीने बाद बंद किया जा सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में योजना की नियमित दर से 2% कम ब्याज मिलेगा।
- विशेष परिस्थितियां: खाताधारक की मृत्यु या गंभीर बीमारी जैसी अनुकंपा-आधारित स्थितियों में उचित दस्तावेज़ों के साथ खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है।
लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि निकासी या खाता बंद करने से जुड़े सटीक नियमों के लिए संबंधित डाकघर या बैंक शाखा से पुष्टि अवश्य कर लें।
2026 में महिलाओं के लिए बचत के बेहतर विकल्प
चूंकि महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र में अब नया निवेश संभव नहीं है, इसलिए बचत की योजना बना रही महिलाओं के लिए डाकघर की अन्य छोटी बचत योजनाएं अच्छा विकल्प बन सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1, FY 2026-27) के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित रखी हैं। नीचे दी गई तुलना से सही विकल्प चुनने में मदद मिलेगी:
| योजना | ब्याज दर (अप्रैल-जून 2026) | खास बात |
|---|---|---|
| महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र | 7.5% (अब बंद) | नया खाता संभव नहीं |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% | केवल बालिका के लिए, सबसे ऊंची दर |
| राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) | 7.7% | 5 वर्ष की निश्चित अवधि |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% | 115 महीनों में राशि दोगुनी |
| सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) | 7.1% | लंबी अवधि, टैक्स-फ्री ब्याज |
आधिकारिक जानकारी के अनुसार बालिकाओं के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) 8.2% के साथ सबसे आकर्षक विकल्प है, जबकि सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहने वाली महिलाएं NSC या KVP पर विचार कर सकती हैं। लंबी अवधि और टैक्स लाभ के लिए PPF एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है।
महाराष्ट्र में मौजूदा खाताधारक कहां संपर्क करें
महाराष्ट्र में महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र के खाते इंडिया पोस्ट के महाराष्ट्र सर्किल के डाकघरों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से खोले गए थे। मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, ठाणे सहित राज्य के सभी जिलों के लाभार्थी अपने खाते की स्थिति, ब्याज या मैच्योरिटी से जुड़ी जानकारी के लिए उसी डाकघर या बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं जहां खाता खोला गया था। खाते से जुड़े दस्तावेज़ और पासबुक सुरक्षित रखना ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या 2026 में महिला सम्मान बचत योजना में नया खाता खोला जा सकता है?
उत्तर: नहीं। डाक विभाग की अधिसूचना के अनुसार 31 मार्च 2025 के बाद इस योजना में नया खाता खोलना या नया जमा करना संभव नहीं है।
प्रश्न 2: पहले से खुले खातों पर ब्याज मिलता रहेगा या नहीं?
उत्तर: हां। समय रहते खोले गए खातों पर 7.5% की दर से ब्याज मैच्योरिटी तक मिलता रहेगा।
प्रश्न 3: योजना की ब्याज दर कितनी थी?
उत्तर: आधिकारिक जानकारी के अनुसार 7.5% प्रति वर्ष, जो तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि होती है।
प्रश्न 4: क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है?
उत्तर: एक साल पूरा होने पर पात्र शेष राशि का 40% तक आंशिक निकासी की सुविधा है। 6 महीने बाद सामान्य कारणों से खाता बंद करने पर ब्याज दर 2% कम हो जाती है।
प्रश्न 5: इस योजना का लाभ कौन ले सकता था?
उत्तर: यह योजना केवल महिलाओं और बालिकाओं के लिए थी। अधिकतम ₹2,00,000 तक निवेश की अनुमति थी।
प्रश्न 6: अब बचत के लिए महिलाओं के पास कौन से विकल्प हैं?
उत्तर: सुकन्या समृद्धि योजना (8.2%, बालिकाओं के लिए), NSC (7.7%), KVP (7.5%) और PPF (7.1%) जैसी डाकघर योजनाएं विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं।
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अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें: India Post (indiapost.gov.in)
यह जानकारी 28 मई 2026 तक की आधिकारिक सूचना पर आधारित है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।








