नई दिल्ली। भारत में करीब 5 साल बाद टिकटॉक (TikTok) की वेबसाइट अनब्लॉक हो गई है। शुक्रवार शाम से यूजर्स मोबाइल और लैपटॉप पर टिकटॉक का होमपेज एक्सेस कर पा रहे हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स अलीएक्सप्रेस (AliExpress) और शीन (Shein) के वेबपेज भी खुलने लगे हैं। बता दें कि जून 2020 में भारत-चीन तनाव के चलते इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया गया था।
अभी सिर्फ वेबसाइट खुली, ऐप्स ब्लॉक
फिलहाल टिकटॉक और अलीएक्सप्रेस का ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। यानी ऐप्स अब भी ब्लॉक हैं। हालांकि, शीन का ऐप इंस्टॉल किया जा सकता है।
टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस (ByteDance) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न तो उन्होंने वेबसाइट खुलने की वजह बताई है और न ही ऐप वापसी की पुष्टि की है।
सरकार का रुख साफ – आदेश जारी नहीं
न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार ने टिकटॉक के लिए कोई अनब्लॉकिंग आदेश जारी नहीं किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय की तरफ से भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
2020 में शुरू हुआ था बैन
गलवान घाटी में भारत-चीन झड़प के बाद जून 2020 में भारत सरकार ने 59 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगाया था। इनमें टिकटॉक, वीचैट, हेलो, शेयरइट और UC ब्राउज़र जैसे पॉपुलर ऐप शामिल थे। इसके बाद कुल 500 से ज्यादा चीनी ऐप्स भारत में बैन हो चुके हैं।
सरकार का कहना था कि ये ऐप्स भारतीय यूजर्स का डेटा चीन के साथ शेयर कर सकते हैं, जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा है।
टिकटॉक पर विवाद और आरोप
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टिकटॉक पर पोर्नोग्राफी फैलाने और भारतीयों का डेटा चोरी करने के आरोप लगे।
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सबसे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर बैन लगाया और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी रोक जारी रखी।
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बैन के समय भारत में टिकटॉक के करीब 24 करोड़ यूजर्स थे।
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बैन से टिकटॉक की पैरेंट कंपनी ByteDance को रोजाना लगभग 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
टिकटॉक का बयान उस समय
टिकटॉक इंडिया के तत्कालीन CEO निखिल गांधी ने कहा था –
“हमने भारतीय कानूनों का हमेशा पालन किया है और भारतीय यूजर्स का डेटा किसी विदेशी सरकार, यहां तक कि चीन को भी साझा नहीं किया है। भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे। हम यूजर्स की प्राइवेसी को अहमियत देते हैं।”
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।
