Current date 13/02/2026

प्रीतिश नंदी निधन: सिनेमा ने खोया सितारा

URL copied
Pritish Nandy Dies: A Legacy Remembered
Share URL copied

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, कवि, पत्रकार और राजनीतिज्ञ प्रीतिश नंदी का 8 जनवरी 2025 को मुंबई स्थित उनके आवास पर 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया गया है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

प्रीतिश नंदी का जन्म 15 जनवरी 1951 को बिहार के भागलपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनकी माता, प्रफुल्ला नलिनी नंदी, कोलकाता के ला मार्टिनियर कॉलेज में शिक्षिका थीं और बाद में वहां की पहली भारतीय उप-प्राचार्या बनीं। प्रीतिश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ला मार्टिनियर कॉलेज, कोलकाता से प्राप्त की और बाद में प्रेसिडेंसी कॉलेज में अध्ययन किया।

साहित्यिक योगदान

प्रीतिश नंदी ने अपने साहित्यिक करियर की शुरुआत 1967 में अपनी पहली कविता संग्रह ‘ऑफ गॉड्स एंड ऑलिव्स’ से की। उन्होंने अंग्रेजी में 40 से अधिक कविता संग्रह लिखे और बंगाली, उर्दू, पंजाबी से अंग्रेजी में कई कविताओं का अनुवाद किया। उनकी कविता ‘Calcutta If You Must Exile Me’ आधुनिक भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

पत्रकारिता और संपादन

1982 से 1991 तक, प्रीतिश नंदी ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह के प्रकाशन निदेशक रहे। उन्होंने ‘द इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया’, ‘द इंडिपेंडेंट’ और ‘फिल्मफेयर’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का संपादन किया। उनके संपादन के दौरान, ‘द इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया’ ने अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल की।

राजनीतिक जीवन

1998 में, प्रीतिश नंदी महाराष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य चुने गए, जहां उन्होंने 2004 तक सेवा की। वे शिवसेना पार्टी के प्रतिनिधि थे और रक्षा, संचार और विदेश मामलों की संसदीय समितियों के सदस्य रहे।

फिल्म निर्माण और टेलीविजन

1993 में, प्रीतिश नंदी ने ‘प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस’ (PNC) की स्थापना की, जो भारतीय फिल्म उद्योग में एक प्रमुख नाम बना। उन्होंने ‘द प्रीतिश नंदी शो’ जैसे टेलीविजन कार्यक्रमों की मेजबानी की और ‘झंकार बीट्स’, ‘चमेली’, ‘प्यार के साइड इफेक्ट्स’ जैसी सफल फिल्मों का निर्माण किया। उनकी कंपनी ने ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज!’ जैसे वेब सीरीज का भी निर्माण किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

सामाजिक कार्य

प्रीतिश नंदी ने ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ नामक भारत की पहली पशु अधिकार संगठन की स्थापना की, जिसे वर्तमान में मेनका गांधी संचालित करती हैं। उन्हें 2012 में लॉस एंजिल्स में ‘इंटरनेशनल ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

पुरस्कार और सम्मान

प्रीतिश नंदी को 1977 में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्हें ‘बांग्लादेश लिबरेशन वॉर अवार्ड’ और ‘कर्मवीर पुरस्कार’ जैसे सम्मान भी प्राप्त हुए।

निधन और श्रद्धांजलि

प्रीतिश नंदी के निधन पर फिल्म और पत्रकारिता जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। वयोवृद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “मेरे सबसे प्रिय मित्रों में से एक प्रीतिश नंदी के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ। वे मेरे शुरुआती दिनों में मेरे समर्थन का स्रोत थे।”

पत्रकार शीला भट्ट ने ट्वीट किया, “प्रीतिश नंदी ने 80 के दशक की पत्रिका पत्रकारिता में जबरदस्त ऊर्जा का संचार किया।” वहीं, वरिष्ठ पत्रकार दिबांग ने कहा, “उन्होंने ‘द इलस्ट्रेटेड वीकली’ को पुनर्जीवित किया, जिससे यह अपने समय की सबसे प्रभावशाली पत्रिकाओं में से एक बन गई।”

प्रीतिश नंदी का जीवन बहुआयामी था, जिसमें उन्होंने साहित्य, पत्रकारिता, राजनीति, फिल्म निर्माण और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी रचनात्मकता, साहस और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें सदैव यादगार बनाएगी। उनका निधन भारतीय सांस्कृतिक और साहित्यिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

लेखक

  • Nalini Mishra

    नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

    View all posts
Share URL copied
Written by
नलिनी मिश्रा

नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञतानलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

टेक्नोलॉजी98
विदेश240
देश289
व्यापार101
CTET Exam City Slip 2026: यहाँ देखें अपना परीक्षा शहर
नोकरी

CTET 2026 Exam City Slip OUT: शिक्षक बनने का सपना होगा पूरा! CBSE ने जारी की सिटी स्लिप, यहाँ से तुरंत करें डाउनलोड

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों का इंतज़ार खत्म कर दिया है।...

Ather का बड़ा कदम: 100 बच्चों के हेलमेट दान
देश

अब सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा होगी पक्की! Ather ने बेंगलुरु पुलिस को किए 100 बच्चों के हेलमेट दान, उठाया ये बड़ा कदम

बेंगलुरु: भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु की सड़कों पर हर दिन लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं। अक्सर हम देखते हैं...

AIIMS Delhi Robotic Surgery: 13 महीने में 1000 सफल ऑपरेशन
देश

दिल्ली AIIMS ने रचा इतिहास! सिर्फ 13 महीनों में कर दिए 1000 रोबोटिक ऑपरेशन, अब फ्री में होगा बड़े से बड़ा इलाज

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े अस्पताल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली ने चिकित्सा जगत में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की...

Related Articles