PMEGP Yojana 2026: देश में स्वरोज़गार और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने वाली केंद्र सरकार की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री रोज़गार निर्मिति कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वर्ष 2026 में भी पात्र आवेदकों को मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए अधिकतम ₹50 लाख और सेवा/व्यवसाय क्षेत्र के लिए अधिकतम ₹20 लाख तक का बैंक लोन उपलब्ध है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) के अंतर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा संचालित इस केंद्र सरकार की योजना में 15% से लेकर 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को सर्वाधिक 35% तक की वित्तीय सहायता मिलती है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के लिए सरकार ने इस योजना पर ₹13,554 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है, जिसके माध्यम से देशभर में लगभग 4 लाख नई सूक्ष्म इकाइयाँ स्थापित करने और 30 लाख रोज़गार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसके लिए केंद्रीयकृत पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर पंजीकरण किया जा सकता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री रोज़गार निर्मिति कार्यक्रम (PMEGP) |
| शुरू की गई | 15 अगस्त 2008 |
| शुरू करने वाली सरकार | केंद्र सरकार (MoMSME) |
| नोडल एजेंसी | खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) |
| लाभार्थी | 18 वर्ष से अधिक आयु के बेरोज़गार युवा, कारीगर, स्वरोज़गार आकांक्षी |
| अधिकतम परियोजना लागत | मैन्युफैक्चरिंग: ₹50 लाख / सेवा-व्यवसाय: ₹20 लाख |
| मार्जिन मनी सब्सिडी | 15% से 35% तक (श्रेणी और क्षेत्र पर निर्भर) |
| आवेदन मोड | ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | kviconline.gov.in/pmegpeportal |
| संपर्क | आधिकारिक पोर्टल का “Contact Us” अनुभाग |
PMEGP योजना क्या है: पूरी जानकारी
प्रधानमंत्री रोज़गार निर्मिति कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसे 15 अगस्त 2008 को तत्कालीन प्रधानमंत्री रोज़गार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोज़गार सृजन कार्यक्रम (REGP) — इन दो पुरानी योजनाओं का विलय करके शुरू किया गया था। योजना का संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) के अधीन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) करता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एकमात्र नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत है।
राज्य स्तर पर इस योजना का क्रियान्वयन KVIC के राज्य निदेशालयों, राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) और ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से किया जाता है। शहरी क्षेत्रों में योजना का क्रियान्वयन केवल ज़िला उद्योग केंद्रों (DIC) द्वारा होता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में KVIC, KVIB और DIC — तीनों एजेंसियाँ शामिल होती हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके बेरोज़गार युवाओं, पारंपरिक कारीगरों और महिलाओं को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करना है।
सब्सिडी कितनी मिलती है: पूरा गणित समझें
PMEGP के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी, जिसे आधिकारिक भाषा में “मार्जिन मनी” कहा जाता है, आवेदक की श्रेणी और परियोजना के स्थान के आधार पर तय होती है। आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार सब्सिडी का विवरण इस प्रकार है:
| श्रेणी | शहरी क्षेत्र | ग्रामीण क्षेत्र | स्वयं का योगदान |
|---|---|---|---|
| सामान्य वर्ग | 15% | 25% | 10% |
| विशेष श्रेणी | 25% | 35% | 5% |
विशेष श्रेणी में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक, महिलाएँ, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांगजन, उत्तर-पूर्व राज्यों के निवासी, पहाड़ी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं।
व्यावहारिक उदाहरण के तौर पर देखें तो यदि कोई ग्रामीण क्षेत्र की महिला आवेदक ₹50 लाख की मैन्युफैक्चरिंग परियोजना के लिए आवेदन करती हैं, तो उन्हें केवल ₹2.5 लाख (5%) स्वयं लगाने होंगे, ₹17.5 लाख (35%) सरकार से मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में प्राप्त होंगे, और शेष ₹30 लाख (60%) बैंक से टर्म लोन के रूप में स्वीकृत होंगे।
PMEGP के लिए पात्रता शर्तें
आधिकारिक पोर्टल पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्न शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
1. आयु सीमा: आवेदक की आयु आवेदन तिथि को 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए। आयु की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है।
2. शैक्षणिक योग्यता: मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में ₹10 लाख से अधिक लागत वाली परियोजना तथा सेवा/व्यवसाय क्षेत्र में ₹5 लाख से अधिक लागत वाली परियोजना के लिए कम से कम कक्षा 8 उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इससे कम लागत की परियोजनाओं के लिए कोई न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है।
3. नए उद्यम: योजना केवल नए सूक्ष्म उद्यमों के लिए है। पहले से संचालित या PMRY, REGP, MUDRA अथवा किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त कर चुकी इकाइयाँ पात्र नहीं हैं।
4. एक परिवार से एक लाभार्थी: एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकता है। योजना के तहत “परिवार” की परिभाषा में स्वयं और जीवनसाथी शामिल हैं।
5. पात्र संस्थाएँ: व्यक्तिगत आवेदक के अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG), पंजीकृत सहकारी समितियाँ, उत्पादन सहकारी समितियाँ और चैरिटेबल ट्रस्ट भी आवेदन कर सकते हैं।
6. आय सीमा: योजना में कोई वार्षिक आय सीमा निर्धारित नहीं है।
आवेदन से पहले तैयार रखें ये दस्तावेज़
आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज़ डिजिटल प्रारूप में तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ रंगीन फोटो
- शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि SC/ST/OBC श्रेणी से हैं)
- विशेष श्रेणी प्रमाण पत्र (महिला, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अल्पसंख्यक — यदि लागू हो)
- ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (ग्रामीण आवेदकों के लिए)
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report)
- बैंक खाता विवरण
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप गाइड
PMEGP के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकती है। नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
स्टेप 1: सबसे पहले KVIC के आधिकारिक पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाएं।
स्टेप 2: होमपेज पर “Online Application for Individual” अथवा “Online Application for Non-Individual (Institution)” विकल्प का चयन करें।
स्टेप 3: आधार नंबर, नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, सामाजिक श्रेणी, राज्य, ज़िला, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी मूल जानकारी सही-सही दर्ज करें।
स्टेप 4: परियोजना से संबंधित जानकारी भरें — उद्यम का प्रकार (मैन्युफैक्चरिंग/सेवा), क्षेत्र (ग्रामीण/शहरी), अनुमानित लागत और प्रायोजक एजेंसी (KVIC/KVIB/DIC) का चयन करें।
स्टेप 5: अपने पसंदीदा बैंक की शाखा का चयन करें, जहाँ से लोन लेना चाहते हैं।
स्टेप 6: सभी आवश्यक दस्तावेज़ निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें। दस्तावेज़ स्पष्ट और पठनीय होने चाहिए।
स्टेप 7: आवेदन सबमिट करने से पहले सभी जानकारी की दोबारा जाँच करें। एक बार सबमिट करने के बाद Application ID स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी, जिसे सुरक्षित रखें।
स्टेप 8: Application ID के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन की स्थिति समय-समय पर ट्रैक की जा सकती है।
स्वीकृति के बाद आवेदन को संबंधित ज़िला कार्यालय (KVIC/KVIB/DIC) द्वारा ज़िला स्तरीय कार्यबल समिति (DLTFC) के समक्ष रखा जाता है, जिसकी अध्यक्षता ज़िलाधिकारी करते हैं। समिति की सिफारिश के बाद आवेदन वित्तपोषक बैंक को अग्रेषित किया जाता है। बैंक द्वारा अंतिम मंज़ूरी से पहले आवेदक को अनिवार्य EDP (Entrepreneurship Development Programme) प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
महाराष्ट्र में आवेदन कहाँ करें
महाराष्ट्र राज्य में PMEGP योजना का क्रियान्वयन तीन एजेंसियों — महाराष्ट्र खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग कार्यालय, महाराष्ट्र राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (MSKVIB) और प्रत्येक ज़िले के ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से किया जाता है। मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, औरंगाबाद, ठाणे सहित राज्य के सभी 36 ज़िलों में DIC कार्यालय कार्यरत हैं।
राज्य के उद्योग निदेशालय (Directorate of Industries, Government of Maharashtra) की आधिकारिक वेबसाइट di.maharashtra.gov.in पर PMEGP से संबंधित विस्तृत जानकारी, ज़िलावार DIC कार्यालयों की संपर्क सूची और मॉडल परियोजना रिपोर्ट उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक KVIC अथवा KVIB के माध्यम से और शहरी क्षेत्र के आवेदक केवल DIC के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
किन व्यवसायों पर मिलेगा लाभ और कौन से Negative List में हैं
PMEGP के तहत गैर-कृषि क्षेत्र के लगभग सभी सूक्ष्म उद्यम पात्र हैं, जिनमें खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा निर्माण, हस्तशिल्प, बेकरी, डेयरी प्रसंस्करण, ब्यूटी पार्लर, ऑटो रिपेयरिंग, कंप्यूटर सेंटर, टेलरिंग शॉप, फर्नीचर निर्माण जैसी इकाइयाँ शामिल हैं। KVIC के पोर्टल पर 30 से अधिक मॉडल परियोजनाएँ उपलब्ध हैं, जिनकी संदर्भ रिपोर्ट देखकर आवेदक अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं।
Negative List (अपात्र व्यवसाय): आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार निम्नलिखित गतिविधियों के लिए योजना का लाभ नहीं मिलेगा:
- माँस प्रसंस्करण, कैनिंग या उससे जुड़े खाद्य उत्पाद
- बीड़ी, पान, सिगार, सिगरेट, तम्बाकू उत्पादन या बिक्री
- शराब परोसने वाले होटल या ढाबे
- रेशम-कीट पालन (सेरीकल्चर), फसलों की खेती, बागवानी, फूलों की खेती (हालाँकि इनसे जुड़ी मूल्यवर्धन गतिविधियाँ अनुमत हैं)
- 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पॉलीथीन कैरी बैग का निर्माण
- पुनर्चक्रित प्लास्टिक से खाद्य पैकेजिंग कंटेनर
- ग्रामीण परिवहन सेवाएँ (कुछ अपवादों को छोड़कर)
आवेदन के समय ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें
1. कोलैटरल-मुक्त लोन: आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार ₹10 लाख तक के PMEGP लोन के लिए किसी प्रकार की कोलैटरल सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं है। ₹10 लाख से ₹25 लाख तक के लोन CGTMSE गारंटी के अंतर्गत कवर होते हैं।
2. लॉक-इन अवधि: सरकार द्वारा प्रदान की गई मार्जिन मनी सब्सिडी 3 वर्ष की लॉक-इन अवधि तक टर्म डिपॉज़िट के रूप में रखी जाती है। 3 वर्ष के बाद नियमित किस्त भुगतान की पुष्टि होने पर ही सब्सिडी राशि लोन खाते में समायोजित की जाती है।
3. EDP प्रशिक्षण अनिवार्य: लोन वितरण से पहले उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण KVIC/KVIB के मान्यता प्राप्त केंद्रों, RSETI तथा अब ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध है।
4. ब्याज दर एवं पुनर्भुगतान: PMEGP लोन पर ब्याज दर सामान्य बैंकिंग दर के अनुसार ली जाती है, जो बैंक की नीति पर निर्भर करती है। आवश्यक मोरटोरियम अवधि के बाद 3 से 7 वर्ष की अवधि में लोन का पुनर्भुगतान किया जा सकता है।
5. एजेंट से सावधान: KVIC ने आधिकारिक तौर पर बार-बार स्पष्ट किया है कि योजना के लिए कोई एजेंट या मध्यस्थ नियुक्त नहीं हैं। आवेदक सीधे आधिकारिक पोर्टल अथवा KVIC/KVIB/DIC कार्यालय से ही आवेदन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: PMEGP के तहत अधिकतम कितना लोन मिल सकता है?
उत्तर: आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की परियोजना के लिए अधिकतम ₹50 लाख और सेवा/व्यवसाय क्षेत्र की परियोजना के लिए अधिकतम ₹20 लाख तक की परियोजना लागत स्वीकृत की जाती है।
प्रश्न 2: क्या PMEGP पूरी तरह सब्सिडी वाला फ्री लोन है?
उत्तर: नहीं, यह क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। आवेदक स्वयं 5-10% योगदान करता है, सरकार 15-35% मार्जिन मनी सब्सिडी देती है, और शेष राशि बैंक से टर्म लोन के रूप में स्वीकृत होती है।
प्रश्न 3: क्या मौजूदा व्यवसाय वाले लोग आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, योजना केवल नई इकाइयों के लिए है। हालाँकि सफलतापूर्वक संचालित मौजूदा PMEGP/REGP/MUDRA इकाइयाँ अपग्रेडेशन हेतु दूसरे लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं — मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹1 करोड़ तक और सेवा क्षेत्र के लिए ₹25 लाख तक।
प्रश्न 4: PMEGP आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
उत्तर: आवेदन सबमिट करने के बाद प्राप्त Application ID और पासवर्ड का उपयोग करके kviconline.gov.in/pmegpeportal पर लॉगिन करके आवेदन की वर्तमान स्थिति देखी जा सकती है।
प्रश्न 5: क्या EDP प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: PMEGP लाभार्थियों के लिए EDP प्रशिक्षण KVIC द्वारा वित्त पोषित होता है। प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः 2 से 3 सप्ताह की होती है।
प्रश्न 6: आवेदन से बैंक स्वीकृति तक कितना समय लगता है?
उत्तर: आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार DLTFC की सिफारिश से लेकर बैंक की अंतिम मंज़ूरी तक सामान्यतः 30 से 60 दिनों का समय लगता है, जो दस्तावेज़ों की पूर्णता और बैंक की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
प्रश्न 7: क्या महिला आवेदकों को विशेष लाभ मिलता है?
उत्तर: हाँ, महिला आवेदकों को विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में महिला आवेदक 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी और केवल 5% न्यूनतम स्वयं योगदान के साथ योजना का लाभ ले सकती हैं।
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स्वरोज़गार और सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले अपनी परियोजना रिपोर्ट सावधानीपूर्वक तैयार करें, KVIC पोर्टल पर उपलब्ध मॉडल प्रोजेक्ट्स का अध्ययन करें और सभी दस्तावेज़ डिजिटल प्रारूप में पूर्व-तैयार रखें। योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी, ज़िलावार कार्यालयों की संपर्क सूची अथवा शिकायत समाधान के लिए आधिकारिक पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर “Contact Us” अनुभाग देखा जा सकता है अथवा नज़दीकी ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) से सीधे संपर्क किया जा सकता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।








