रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब एक बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। एक तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की दुनिया के ताकतवर नेताओं से समर्थन जुटाने के लिए मिशन पर हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध के मैदान में अपनी ताकत झोंक दी है। शनिवार को ज़ेलेंस्की कनाडा पहुंचे, जहां से वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए अमेरिका रवाना होने वाले हैं। लेकिन ज़ेलेंस्की के इस दौरे के बीच ही रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को मिसाइलों और ड्रोनों से दहला दिया है।
ज़ेलेंस्की का कनाडा दौरा और ट्रंप से ‘महामुलाकात’ की तैयारी
यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की शनिवार को कनाडा के हैलिफ़ैक्स पहुंचे। यहां उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की। यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि रविवार को फ्लोरिडा में ज़ेलेंस्की और नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग होनी है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप के आने से इस युद्ध का कोई समाधान निकलेगा।
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ज़ेलेंस्की के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाते हुए कहा, “रूस ने रात भर जो बर्बरता दिखाई है, उसने साफ कर दिया है कि हमें यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा होना होगा। शांति के लिए रूस की इच्छाशक्ति जरूरी है, जो फिलहाल कहीं नहीं दिख रही।”
कीव में मौत का तांडव: अंधेरे में डूबे 10 लाख लोग
जब ज़ेलेंस्की विदेशी जमीन पर समर्थन मांग रहे थे, ठीक उसी वक्त रूस ने कीव पर करीब 500 ड्रोन और 40 मिसाइलों से हमला बोल दिया। इस भीषण हमले में दो लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। भीषण ठंड के बीच इस हमले ने कीव की कमर तोड़ दी है।
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के मुताबिक, हमले में 2,600 से ज्यादा रिहायशी इमारतें और 300 स्कूल तबाह हो गए हैं। सबसे बुरा हाल बिजली सप्लाई का है; करीब 10 लाख लोग बिना हीटिंग और बिजली के कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं। ज़ेलेंस्की ने भावुक होते हुए कहा, “पुतिन युद्ध खत्म नहीं करना चाहते, वे सिर्फ यूक्रेन को तड़पाना चाहते हैं।”
पुतिन की दोटूक चेतावनी: “शांति से नहीं तो सैन्य तरीके से मानेंगे”
सिर्फ हवाई हमले ही नहीं, रूस ने जमीन पर भी यूक्रेन को बड़ा झटका दिया है। रूसी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने पूर्वी यूक्रेन के दो महत्वपूर्ण शहरों, मिरनोग्राड (Myrnohrad) और गुलियापोल (Huliaypole) पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के तेवर अब और भी सख्त हो गए हैं। शनिवार को उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर कीव के अधिकारी इस मसले को शांति से सुलझाना नहीं चाहते, तो हमारे पास सैन्य तरीका अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हम अपनी हर समस्या को सेना के जरिए हल करेंगे।”
आगे क्या होगा?
ज़ेलेंस्की और ट्रंप की फ्लोरिडा वाली मुलाकात अब ‘गेम चेंजर’ मानी जा रही है। अगर ट्रंप यूक्रेन को मदद जारी रखने का आश्वासन देते हैं, तो युद्ध और खिंच सकता है। वहीं, अगर कोई समझौता होता है, तो यूक्रेन को अपनी जमीन से समझौता करना पड़ सकता है। फिलहाल, रूस की आक्रामकता ने यह साफ कर दिया है कि वह झुकने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
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