Yuva Karya Prashikshan Yojana के तहत महाराष्ट्र के लाखों शिक्षित बेरोज़गार युवाओं के लिए अहम जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार की इस प्रमुख योजना के अंतर्गत 12वीं पास से लेकर स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ हर महीने ₹6,000 से ₹10,000 तक का स्टायपेंड सीधे बैंक खाते में दिया जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने प्रशिक्षण की अवधि को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा लाभ प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा।
यह योजना, जिसका पूरा नाम मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना (CMYKPY) है, राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस योजना की घोषणा उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री अजित पवार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए की थी और इसे जुलाई 2024 में शुरू किया गया था। इसका संचालन कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग द्वारा किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए ₹5,500 करोड़ का बजट निर्धारित किया है और हर वित्तीय वर्ष में लगभग 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, जिन प्रशिक्षणार्थियों ने अपना 6 महीने का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, उन्हें अब अतिरिक्त 5 महीने (कुल मिलाकर 11 महीने तक) प्रशिक्षण जारी रखने का विकल्प भी दिया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना (CMYKPY) |
| शुरू की गई | जुलाई 2024 |
| शुरू करने वाली सरकार | राज्य सरकार (महाराष्ट्र) |
| लाभार्थी | 12वीं/ITI/डिप्लोमा/स्नातक/स्नातकोत्तर पास 18–35 वर्ष के युवा |
| लाभ राशि | ₹6,000 से ₹10,000 प्रति माह (योग्यता अनुसार) |
| प्रशिक्षण अवधि | 6 महीने (अधिकतम 11 महीने तक का विकल्प) |
| आवेदन मोड | Online (Mahaswayam Portal) |
| आधिकारिक वेबसाइट | rojgar.mahaswayam.gov.in |
| हेल्पलाइन | आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध |
Yuva Karya Prashikshan Yojana 2026: ताज़ा अपडेट
आधिकारिक सरकारी नोटिस के अनुसार, योजना के तहत प्रशिक्षण की अवधि में बदलाव किया गया है। पहले प्रशिक्षण की अवधि 6 महीने तय की गई थी, लेकिन अब जिन युवाओं ने यह अवधि पूरी कर ली है, उन्हें अतिरिक्त 5 महीने तक प्रशिक्षण जारी रखने की सुविधा दी गई है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को अधिक अनुभव हासिल करने और बेहतर रोज़गार के अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी।
बता दें कि स्टायपेंड राशि बढ़ाने को लेकर भी सुझाव सामने आए हैं, लेकिन अभी तक राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर किसी बढ़ी हुई राशि की पुष्टि नहीं की है। फ़िलहाल लागू स्टायपेंड राशि ₹6,000 से ₹10,000 प्रति माह ही है। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी बदलाव की पुष्टि के लिए वे केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही भरोसा करें।
योजना के तहत कितना मिलता है स्टायपेंड
आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्टायपेंड की राशि प्रशिक्षणार्थी की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तय की जाती है और यह राशि DBT के माध्यम से सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
| शैक्षणिक योग्यता | मासिक स्टायपेंड |
|---|---|
| 12वीं पास | ₹6,000 |
| ITI / डिप्लोमा | ₹8,000 |
| स्नातक / स्नातकोत्तर | ₹10,000 |
इस तरह सबसे अधिक ₹10,000 प्रति माह का स्टायपेंड स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं को दिया जाता है। राशि का भुगतान प्रशिक्षण की पूरी अवधि के दौरान हर महीने किया जाता है।
योजना के लिए पात्रता शर्तें
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करना ज़रूरी है:
- आवेदक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक कम से कम 12वीं पास होना चाहिए (ITI, डिप्लोमा, स्नातक या स्नातकोत्तर भी पात्र हैं)।
- आवेदक के पास आधार से लिंक बैंक खाता होना अनिवार्य है, क्योंकि स्टायपेंड DBT के ज़रिए भेजा जाता है।
ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची
आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल के अनुसार सामान्यतः ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र (मार्कशीट / डिग्री)
- महाराष्ट्र का अधिवास (Domicile) प्रमाणपत्र
- आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन हेतु)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप गाइड
योजना में रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया Online है और इसे आधिकारिक Mahaswayam पोर्टल पर पूरा किया जा सकता है।
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल rojgar.mahaswayam.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2: होमपेज पर जॉब सीकर (Job Seeker) रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें।
स्टेप 3: अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें। ध्यान रखें कि यह नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।
स्टेप 4: मोबाइल पर प्राप्त OTP को सत्यापित करें।
स्टेप 5: व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक योग्यता का विवरण भरें तथा आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
स्टेप 6: प्रशिक्षण के लिए अपनी पसंद के क्षेत्र और शहरों का चयन करें।
स्टेप 7: फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए Application ID सुरक्षित रखें, ताकि आप स्टेटस ट्रैक कर सकें।
आवेदन के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
आवेदन के समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना ज़रूरी है, अन्यथा प्रक्रिया अटक सकती है या स्टायपेंड में देरी हो सकती है:
- नाम का मिलान: आधार, बैंक खाते और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में नाम की spelling एक जैसी होनी चाहिए। अंतर होने पर भुगतान अटक सकता है।
- बैंक खाता आधार से लिंक: स्टायपेंड DBT के ज़रिए आता है, इसलिए बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है।
- आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल: आवेदन केवल सरकारी Mahaswayam पोर्टल से करें। किसी भी थर्ड-पार्टी वेबसाइट या फर्जी लिंक पर क्लिक न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: योजना के तहत कितना स्टायपेंड मिलता है?
उत्तर: आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार 12वीं पास को ₹6,000, ITI/डिप्लोमा को ₹8,000 और स्नातक/स्नातकोत्तर को ₹10,000 प्रति माह का स्टायपेंड दिया जाता है।
प्रश्न 2: योजना के लिए आयु सीमा क्या है?
उत्तर: इस योजना के लिए आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए।
प्रश्न 3: प्रशिक्षण की अवधि कितनी है?
उत्तर: प्रशिक्षण की मूल अवधि 6 महीने है। आधिकारिक नोटिस के अनुसार जो प्रशिक्षणार्थी 6 महीने पूरे कर चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त 5 महीने (कुल 11 महीने तक) प्रशिक्षण का विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 4: आवेदन कहाँ और कैसे करें?
उत्तर: आवेदन Online माध्यम से आधिकारिक Mahaswayam पोर्टल (rojgar.mahaswayam.gov.in) पर किया जा सकता है।
प्रश्न 5: स्टायपेंड कैसे मिलता है?
उत्तर: स्टायपेंड की राशि DBT के माध्यम से सीधे आवेदक के आधार से लिंक बैंक खाते में हर महीने ट्रांसफर की जाती है।
प्रश्न 6: क्या स्टायपेंड राशि बढ़ाई गई है?
उत्तर: अभी तक राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर बढ़ी हुई स्टायपेंड राशि की पुष्टि नहीं की है। वर्तमान में ₹6,000 से ₹10,000 की राशि ही लागू है।
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अधिक जानकारी के लिए: आधिकारिक Mahaswayam पोर्टल
योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी या आवेदन की स्थिति जानने के लिए लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें। शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता देने की दिशा में यह योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
यह जानकारी 1 जून 2026 तक की आधिकारिक सूचना पर आधारित है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।
