न घुटनों पर बैठे, न कोई फिल्मी प्रपोजल… यामी गौतम ने क्यों चुनी पहाड़ों वाली सादगी? शादी के 3 साल बाद खोला दिल का राज!

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चकाचौंध भरी बॉलीवुड इंडस्ट्री में जहां शादियां करोड़ों के खर्च, विदेशी लोकेशंस और हफ्तों चलने वाले तामझाम के लिए जानी जाती हैं, वहीं एक्ट्रेस यामी गौतम और फिल्म मेकर आदित्य धर ने साल 2021 में बिल्कुल अलग रास्ता चुना था। हिमाचल की वादियों में देवदार के पेड़ों के नीचे हुई इस शादी की सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया था। अब यामी ने अपनी शादी को लेकर कुछ ऐसी बातें साझा की हैं, जो साबित करती हैं कि प्यार के लिए दिखावा जरूरी नहीं।

‘घुटनों पर बैठकर किसी ने प्रपोज नहीं किया’

अक्सर फिल्मों में दिखाया जाता है कि हीरो घुटनों पर बैठकर हीरोइन को प्रपोज करता है, लेकिन यामी और आदित्य की असल जिंदगी की कहानी इससे उलट है। यामी ने हाल ही में ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनके बीच कभी कोई औपचारिक प्रपोजल नहीं हुआ।

यामी के मुताबिक, फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के प्रमोशन के दौरान उनकी दोस्ती शुरू हुई और धीरे-धीरे उन्हें अहसास हुआ कि वे एक-दूसरे के लिए बने हैं। यामी ने कहा, “ऐसा कोई पल नहीं था जब कोई घुटनों पर बैठा हो। हम दोनों बस यह जानते थे कि हमें साथ रहना है और शादी करनी है। हमारे परिवार भी इस रिश्ते से बहुत खुश थे।”

‘दिखावा नहीं, परंपराएं थीं जरूरी’

यामी ने बताया कि अगर कोरोना काल नहीं भी होता, तब भी वह ऐसी ही शादी करना पसंद करतीं। वह चाहती थीं कि उनकी शादी शोर-शराबे से दूर प्रकृति के बीच हो। उन्होंने कहा, “हम चाहते थे कि हमारी शादी दिखावे के बजाय रस्मों पर आधारित हो। मुझे हमारी हिंदू संस्कृति और परंपराओं से गहरा लगाव है। शादी में बोले जाने वाले हर मंत्र का अपना एक गहरा अर्थ होता है, जिसे हमने महसूस किया।”

मां की साड़ी और नानी की नथ: भावुक कर देने वाला पल

एक तरफ जहां बॉलीवुड एक्ट्रेसेज अपनी शादी के लिए महंगे डिजाइनर लहंगे चुनती हैं, वहीं यामी ने अपनी मां की पुरानी साड़ी पहनकर सात फेरे लिए। यामी ने बताया, “मैं अपनी शादी में बिल्कुल अपनी मां की तरह दिखना चाहती थी। मैंने खुद अपना मेकअप किया और मेरी बहन सुरीली ने मेरे बाल संवारे।”

इतना ही नहीं, यामी ने अपनी नानी द्वारा दी गई ‘पहाड़ी नथ’ और ‘रीडा’ दुपट्टा भी पहना था। उन्होंने बताया कि उनकी नानी ने वह नथ उनके जन्म के समय से ही संभालकर रखी थी। यह उनके लिए किसी भी डिजाइनर आउटफिट से कहीं ज्यादा कीमती था।

आदित्य धर को क्यों कहा जाता है ‘ग्रीन फॉरेस्ट’?

यामी ने आदित्य की तारीफ करते हुए उन्हें ‘ग्रीन फॉरेस्ट’ (बेहद सुकून देने वाला इंसान) बताया। उन्होंने एक पुराना किस्सा शेयर किया कि ‘उरी’ की शूटिंग के दौरान जब वह जमीन पर बैठकर खाना खा रही थीं, तो आदित्य ने अपनी डायरेक्टर वाली कुर्सी उन्हें ऑफर कर दी थी। उनकी इस छोटी सी बात ने यामी का दिल जीत लिया था।

हाल ही में जब यामी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के प्रमोशन के दौरान प्रेग्नेंट थीं, तब भी आदित्य ने उनकी सुख-सुविधा का पूरा ख्याल रखा। इंटरनेट पर लोग आदित्य के इसी केयरिंग नेचर की वजह से उन्हें ‘ग्रीन फ्लैग’ और ‘ग्रीन फॉरेस्ट’ बुलाते हैं।

दो परिवारों का मिलन

यामी का मानना है कि शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन है। उनकी शादी में आदित्य और यामी के परिवार किचन में साथ मिलकर खाना बना रहे थे और आपस में बातें कर रहे थे। बिना किसी तामझाम के हुई इस शादी ने यह संदेश दिया कि खुशियां सादगी में ही बसती हैं। आज इस कपल का एक प्यारा सा बेटा भी है, जिसका नाम उन्होंने ‘वेदाविद’ रखा है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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