जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, वैसे-वैसे इन तकनीकों को चलाने वाले हार्डवेयर की लागत भी तेजी से बढ़ रही है। खासकर AI चिप्स—जो हर बड़े AI मॉडल की रीढ़ माने जाते हैं—उन्हें बनाने में कंपनियों को अरबों नहीं बल्कि खरबों रुपये झोंकने पड़ते हैं। अगर आपको लगता है कि एक चिप बनाना महज़ तकनीक का खेल है, तो ज़रा रुकिये। NVIDIA के सीईओ जेनसेन हुआंग ने खुद खुलासा किया है कि एक नई AI चिप आर्किटेक्चर का खर्च सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा।
हुआंग के अनुसार, एक नए AI चिप डिज़ाइन को शुरू करने भर में ही 5.5 अरब डॉलर से ज्यादा यानी लगभग 4,914 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं। सोचिए! यह रकम तब खर्च होती है, जब चिप की पहली यूनिट फैक्ट्री से बाहर भी नहीं आती।
तो आखिर यह “महंगी पहेली” कैसी है? आइए पूरा मामला समझते हैं।
शुरुआत में ही अरबों क्यों खर्च करने पड़ते हैं?
किसी नई जेनरेशन की AI चिप, जैसे NVIDIA की Blackwell सीरीज़, को बनाने के लिए कई बड़े स्टेप्स पूरे करने पड़ते हैं। इनमें शामिल हैं:
चिप का पूरा डिजाइन तैयार करना
इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर डेवलपमेंट
सिमुलेशन चलाना
टूल-चेन डेवलपमेंट
प्रोडक्शन लेवल वैलिडेशन
हुआंग के मुताबिक, केवल इन शुरुआती इंजीनियरिंग कार्यों पर ही 5–6 बिलियन डॉलर उड़ जाते हैं।
इसके बाद आता है सबसे महंगा तकनीकी हिस्सा—मास्क सेट बनाना। यह वह खाका है, जिसकी मदद से चिप को फैब्रिकेट किया जाता है। एक मास्क सेट की कीमत अकेले ही लगभग 500 मिलियन डॉलर तक पहुँच जाती है।
यानी कुल मिलाकर, पहली चिप बनने से पहले ही 5.5 बिलियन डॉलर खर्च हो जाते हैं।
यही वजह है कि AI चिप डेवलपमेंट को दुनिया की सबसे महंगी टेक्नोलॉजी पहेलियों में गिना जाता है।
तो फिर एक चिप की असली कीमत कितनी होती है?
जब आप सुनते हैं कि शुरुआत में अरबों रुपये खर्च होते हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक चिप की कीमत कितनी पड़ती है?
उदाहरण के तौर पर, NVIDIA की नवीनतम AI-चिप Blackwell B200:
कीमत: 30,000 से 40,000 डॉलर प्रति चिप
यह लागत लगभग पिछली जेनरेशन H100 के बराबर है
लेकिन ध्यान रहे—यह कीमत उस भारी-भरकम R&D का हिस्सा नहीं होती जिससे चिप अस्तित्व में आई।
इस कीमत में सिर्फ शामिल होते हैं:
चिप की निर्माण लागत
पैकेजिंग और टेस्टिंग
सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन
कंपनी का प्रॉफिट
यानी, शुरुआती अरबों डॉलर का खर्च प्रति चिप कीमत में शामिल नहीं किया जाता।
आखिर इतने महंगे चिप बनाना जरूरी क्यों है?
यह सवाल हर किसी के मन में आता है—क्या साधारण CPU या GPU काम नहीं कर सकते?
जवाब है—बिल्कुल नहीं।
AI मॉडल्स को ट्रेन करना और चलाना बेहद भारी प्रोसेस है। यही कारण है कि हाई-एंड AI चिप्स, जैसे कि Blackwell B200, की जरूरत पड़ती है। ये चिप्स:
सैंकड़ों सामान्य CPU/GPU का काम अकेले कर सकती हैं
बेहद तेज़ कंप्यूटेशनल स्पीड देती हैं
हाई मेमोरी बैंडविड्थ प्रदान करती हैं
ऊर्जा और समय दोनों की बचत करती हैं
ऑपरेशन कॉस्ट को कई गुना कम कर देती हैं
दूसरे शब्दों में—एक महंगी चिप भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए दरवाज़ा खोलती है। AI कंपनियाँ इन्हें महंगे दाम पर इसलिए खरीदती हैं, क्योंकि लंबे समय में इनसे मिलने वाले फायदे शुरुआती लागत से कहीं ज्यादा होते हैं।
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