नई दिल्ली/टोक्यो: क्या आप सोच सकते हैं कि कोई शख्स करोड़ों रुपये की ब्रांड न्यू या विंटेज पोर्श (Porsche) कार को बीच से काटने का साहस करेगा? सुनने में यह किसी बुरे सपने जैसा लग सकता है, लेकिन दुनिया में एक ऐसा इंसान है जिसके पास लोग अपनी बेशकीमती कारें कटवाने के लिए सालों इंतजार करते हैं। हम बात कर रहे हैं जापान के मशहूर कार ट्यूनर अकीरा नकाई (Akira Nakai) की।
अकीरा नकाई कोई साधारण मैकेनिक नहीं हैं, बल्कि वे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के वो ‘रॉकस्टार’ हैं जिन्होंने कारों को देखने का नजरिया ही बदल दिया। उनके द्वारा बनाई गई हर कार एक ‘मास्टरपीस’ कहलाती है और उनके ब्रांड RWB (RAUH-Welt BEGRIFF) का पूरी दुनिया में एक अलग ही जलवा है।
कौन हैं अकीरा नकाई और क्या है RWB?
अकीरा नकाई ने अपने करियर की शुरुआत जापान के ‘ड्रिफ्टिंग’ सीन से की थी। वे ‘रफ वर्ल्ड’ (Rough World) नाम के एक क्रू का हिस्सा थे। शुरुआत में उन्होंने टोयोटा AE86 पर हाथ आजमाया, लेकिन जल्द ही उनका दिल पोर्श 911 (Porsche 911) पर आ गया। उन्होंने ‘RAUH-Welt BEGRIFF’ नाम से अपनी वर्कशॉप शुरू की, जिसका जर्मन में अर्थ होता है “रफ वर्ल्ड कॉन्सेप्ट”।
नकाई सैन (जापानी में सम्मानजनक संबोधन) का काम करने का तरीका किसी भी आधुनिक वर्कशॉप से बिलकुल अलग है। जहाँ आज की बड़ी कंपनियाँ लेजर कटिंग और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल करती हैं, वहीं नकाई सैन सिर्फ अपनी आँखों के अंदाजे, एक साधारण आरी और कुछ बुनियादी औजारों से करोड़ों की कारों का हुलिया बदल देते हैं।
काम करने का अनोखा अंदाज: सिगरेट, सोडा और जुनून
अकीरा नकाई को काम करते देखना किसी फिल्म के सीन जैसा होता है। वे अक्सर अपनी वर्कशॉप में फर्श पर बैठकर, हाथ में सिगरेट और पास में सोडा या कोका-कोला की कैन रखे नजर आते हैं। वे कार के फेंडर्स (पहियों के ऊपर का हिस्सा) को काटकर उसे एक ‘वाइड-बॉडी’ लुक देते हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वे किसी भी हिस्से को नापने के लिए टेप या स्केल का इस्तेमाल नहीं करते। वे बस कार को देखते हैं और अपनी कलाकारी शुरू कर देते हैं। उनके द्वारा लगाए गए ‘बॉडी किट्स’ इतने सटीक होते हैं कि वे तेज रफ्तार पर भी कार को जबरदस्त बैलेंस देते हैं।
जब नकाई सैन खुद चलकर आते हैं आपके घर
RWB की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसकी बॉडी किट सिर्फ खरीदकर कहीं से फिट नहीं करवा सकते। अगर आप अपनी पोर्श को RWB बनाना चाहते हैं, तो नकाई सैन खुद आपके देश और आपके गैराज तक सफर करके आते हैं। वे पूरी दुनिया घूमते हैं और हर कार को अपने हाथों से तैयार करते हैं।
वे हर उस कार को एक खास नाम देते हैं जिसे वे मॉडिफाई करते हैं। उनकी सबसे पहली और मशहूर कार का नाम ‘स्टेला आर्टोइस’ (Stella Artois) है। आज दुनिया के लगभग हर कोने में, चाहे वो अमेरिका हो, यूरोप हो या भारत के पड़ोसी देश, अकीरा नकाई के बनाए ‘मॉन्स्टर’ सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं।
विवाद और लोकप्रियता का मिश्रण
नकाई सैन का काम जितना मशहूर है, उतना ही विवादों में भी रहता है। पोर्श के ‘प्योरिस्ट’ यानी वो लोग जो कार को ओरिजिनल हालत में रखना पसंद करते हैं, नकाई सैन के इस तरीके को पसंद नहीं करते। उनका मानना है कि पोर्श जैसी क्लासिक कार को काटना उसकी तौहीन है।
लेकिन दूसरी तरफ, कार प्रेमियों की एक बड़ी फौज है जो मानती है कि नकाई सैन उन कारों में जान फूंक देते हैं। उनके चौड़े टायर, विशाल विंग्स और जमीन से चिपकी हुई बॉडी कार को एक आक्रामक और निडर लुक देती है।
एक कलाकार की विरासत
अकीरा नकाई ने साबित कर दिया है कि कला सिर्फ कैनवस पर नहीं, बल्कि लोहे और इंजन पर भी उकेरी जा सकती है। आज 50 साल से अधिक की उम्र में भी, वे बिना थके पूरी दुनिया घूम रहे हैं और कारों को एक नई पहचान दे रहे हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक बिजनेस नहीं, बल्कि एक साधना है।
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