कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि ‘युवा साथी’ (Yuvashathi) परियोजना की राशि आज यानी शनिवार से ही आवेदकों के बैंक खातों में जमा होनी शुरू हो जाएगी।
सबसे खास बात यह है कि इस योजना का लाभ पहले 1 अप्रैल से मिलना तय हुआ था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे समय से पहले लागू करने का निर्णय लिया है। ममता बनर्जी ने इसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के अवसर पर राज्य के युवाओं के लिए एक विशेष ‘उपहार’ करार दिया है।
ममता बनर्जी का बड़ा निर्णय
कल यानी रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इस गरिमामय अवसर से ठीक एक दिन पहले, शनिवार को कोलकाता के धर्मतला स्थित मंच से मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमने वादा किया था कि 1 अप्रैल से युवा साथी के पैसे खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। लेकिन चूंकि कल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है, इसलिए इसकी खुशी में हमने 1 अप्रैल की प्रतीक्षा करने के बजाय आज, शनिवार से ही प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि राज्य के युवाओं ने इस योजना के प्रति कितनी भारी रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वालों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक है।
किसे मिलेगा लाभ और कितनी होगी राशि?
‘युवा साथी’ योजना का मुख्य उद्देश्य 21 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, “राज्य के करीब 90 लाख से 1 करोड़ युवाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया है। ये वे युवा हैं जो वर्तमान में किसी अन्य सरकारी वजीफे या वित्तीय सहायता का लाभ नहीं ले रहे हैं।”
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि जो छात्र अपनी पढ़ाई के लिए पहले से स्कॉलरशिप प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है, क्योंकि उन्हें शिक्षा हेतु सहायता पहले से मिल रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जो लगातार पांच वर्षों तक जारी रहेगी।
इन जिलों में दिखा सबसे ज्यादा उत्साह
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से आए आवेदनों में दक्षिण 24 परगना सबसे ऊपर रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
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दक्षिण 24 परगना: यहाँ से सर्वाधिक 9,34,285 आवेदन प्राप्त हुए।
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मुर्शिदाबाद: 7,14,133 आवेदनों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
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उत्तर 24 परगना: यहाँ से कुल 7,20,070 युवाओं ने फॉर्म भरे हैं।
बजट घोषणा से क्रियान्वयन तक का सफर
उल्लेखनीय है कि इस साल के राज्य के अंतरिम बजट में वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ‘युवा साथी’ परियोजना की नींव रखी थी। शुरुआत में इसे 15 अगस्त से लागू करने का विचार था, जिसे बाद में मुख्यमंत्री ने 1 अप्रैल तय किया।
राज्य भर में ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाए गए और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिकॉर्ड समय में आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई। 15 फरवरी यानी शिवरात्रि के दिन से ही कैंप लगाकर आवेदन लेने का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ था। अब, समय से पहले पैसा जारी होने से बंगाल के लाखों युवाओं के बैंक खातों में सीधे मदद पहुँचनी शुरू हो गई है।
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जानकारों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम न केवल युवाओं को आर्थिक मदद देगा, बल्कि महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लिया गया यह निर्णय समाज के हर वर्ग तक एक सकारात्मक संदेश पहुँचाएगा।
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