रांची: भारतीय क्रिकेट के ‘रन मशीन’ विराट कोहली जब भी मैदान पर उतरते हैं, रिकॉर्ड्स की झड़ी लग जाती है। रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे मैच में विराट का बल्ला एक बार फिर जमकर गरजा। उन्होंने 135 रनों की एक ऐसी जादुई पारी खेली, जिसने न सिर्फ भारत को 17 रनों से रोमांचक जीत दिलाई, बल्कि जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस का दिल भी जीत लिया। लेकिन इस शानदार पारी के बाद मैदान पर आतिशबाजी से ज्यादा चर्चा एक सवाल की होने लगी— क्या विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में वापसी करेंगे?
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, पीटरसन ने भी मारी एंट्री
विराट कोहली का यह 52वां वनडे शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका 83वां शतक था। इस पारी ने उन चर्चाओं को फिर से हवा दे दी कि क्या भारत के इतिहास के सबसे सफल टेस्ट कप्तान को अपने संन्यास के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। रविवार को जब कोहली ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड लेने पहुंचे, तब तक सोशल मीडिया पर यह अफवाह जंगल की आग की तरह फैल चुकी थी कि बीसीसीआई (BCCI) ने उन्हें और रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए मनाने की कोशिश की है।
इस बहस में इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर केविन पीटरसन भी कूद पड़े। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “अगर यह बात आधी भी सच है कि विराट और रोहित फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलने पर विचार कर रहे हैं, तो इसे बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है। अगर खेल के सबसे बड़े सितारे फिर से खेलना चाहते हैं, तो उन्हें जरूर खेलना चाहिए!”
हर्षा भोगले के सवाल पर विराट का ‘विराट’ जवाब
हर कोई जानना चाहता था कि क्या विराट फिर से सफेद जर्सी में नजर आएंगे। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान अनुभवी कमेंटेटर हर्षा भोगले ने वही सवाल पूछ लिया जो करोड़ों भारतीयों के मन में था। भोगले ने पूछा कि क्या कोहली अब केवल एक ही फॉर्मेट (ODI) खेलने के लिए प्रतिबद्ध हैं?
विराट कोहली ने बिना किसी हिचकिचाहट के, बहुत ही शांत लेकिन सख्त लहजे में इस मामले पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया। कोहली ने कहा, “हां, यह हमेशा ऐसा ही रहने वाला है। मैं अब खेल का केवल एक ही फॉर्मेट खेल रहा हूं।”
इस एक जवाब ने उन तमाम कयासों को खत्म कर दिया जो पिछले कुछ दिनों से लगाए जा रहे थे। 37 वर्षीय कोहली, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में 123 टेस्ट मैचों के बाद संन्यास लिया था, अपने फैसले को बदलने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 30 शतक और 9,230 रन दर्ज हैं। वह 10,000 रनों के जादुई आंकड़े से महज कुछ कदम दूर रह गए थे, लेकिन उनके लिए रिकॉर्ड्स से ज्यादा उनका फैसला मायने रखता है।
“क्रिकेट दिमाग का खेल है, नेट प्रैक्टिस का नहीं”
रांची में कोहली की बल्लेबाजी देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह लंबे समय बाद मैदान पर लौटे हैं। एक महीने के ब्रेक के बाद वापसी करते हुए उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। अपनी फॉर्म और फिटनेस को लेकर कोहली ने एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने बताया कि वह घंटों नेट प्रैक्टिस करने में विश्वास नहीं रखते।
कोहली ने कहा, “मैं कभी भी बहुत अधिक तैयारी करने में विश्वास नहीं रखता। मेरा पूरा क्रिकेट मानसिक रहा है। अगर आप खेल के साथ मानसिक रूप से जुड़े हुए हैं और लय में हैं, तो नेट पर एक-दो घंटे की बल्लेबाजी ही काफी है।”
उन्होंने आगे बताया कि वह रांची जल्दी पहुंच गए थे ताकि परिस्थितियों को समझ सकें। उन्होंने कहा, “मैं खेल को बहुत अधिक विजुअलाइज (कल्पना) करता हूं। अब मैं 37 साल का हूं, इसलिए मुझे अपने शरीर का भी ख्याल रखना होता है। अंत में, मेरे लिए सबसे जरूरी यह है कि मैं खेल का आनंद लूं। जब आप अच्छी शुरुआत करते हैं, तो आपका अनुभव काम आने लगता है।”
टेस्ट क्रिकेट को खलेगी कोहली की कमी
भले ही विराट ने वापसी से इनकार कर दिया हो, लेकिन रांची की उनकी पारी ने एक बार फिर याद दिला दिया कि भारतीय टेस्ट टीम को उनकी कितनी जरूरत है। कोहली की कप्तानी और उनकी आक्रामकता ने ही भारत को विदेशी सरजमीं पर टेस्ट मैच जीतना सिखाया था। आज भी फैंस को उम्मीद थी कि शायद ‘किंग’ का दिल पिघल जाए और वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए वापस आ जाएं, लेकिन कोहली ने साफ कर दिया है कि उनका फोकस अब सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है।
फिलहाल, भारतीय फैंस के लिए खुशी की बात यह है कि विराट वनडे में उसी पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं। उनका लक्ष्य अब आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत को चैंपियन बनाना है।
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