Current date 27/03/2026

अमेरिका के डॉलर के साथ ये क्या हो गया? 2026 के ‘ट्रेलर’ ने उड़ाए होश, क्या अब रद्दी बन जाएगा USD!

URL copied
us-dollar-performance-2026-fed-rate-cut-impact-hindi
Share URL copied

वॉशिंगटन: साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसी, अमेरिकी डॉलर (USD) को लेकर सुर्खियां गर्म हैं। हालांकि नए साल के शुरुआती दिनों में डॉलर ने मामूली बढ़त जरूर दिखाई है, लेकिन पीछे मुड़कर देखें तो 2025 का साल डॉलर के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं था। पिछले आठ वर्षों में डॉलर ने अपनी सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट दर्ज की है।

फिलहाल, जापान और चीन जैसे एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण कारोबार थोड़ा सुस्त है, लेकिन निवेशक सांसें रोककर अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या 2026 में डॉलर अपनी बादशाहत वापस पा सकेगा या यह गिरावट का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?

आखिर क्यों कांप रहा है डॉलर? कमजोरी की 4 बड़ी वजहें

दुनिया भर के डिप्लोमेसी एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स की मानें तो 2025 में डॉलर के धराशायी होने के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई बड़े फैक्टर्स जिम्मेदार रहे हैं:

  1. ब्याज दरों का खेल: अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले अमेरिका में ब्याज दरों का अंतर कम होना डॉलर के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ।

  2. राजकोषीय घाटा: अमेरिका के बढ़ते सरकारी खर्च और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है।

  3. ट्रेड वॉर का साया: वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध की आशंकाओं ने डॉलर की स्थिरता को हिला कर रख दिया है।

  4. फेडरल रिजर्व पर दबाव: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में फेडरल रिजर्व (Fed) की स्वतंत्रता को लेकर उठ रहे सवालों ने आग में घी डालने का काम किया है।

क्यों महत्वपूर्ण है डॉलर की यह उठापटक?

2026 में मुद्रा बाजार (Currency Market) एक अजीब सी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। सबसे बड़ी चिंता अमेरिकी मौद्रिक नीति पर राजनीतिक प्रभाव को लेकर है। बाजार में यह चर्चा जोरों पर है कि फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष शायद अधिक ‘नरम’ रुख अपना सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो ब्याज दरों में भारी कटौती (Rate Cut) हो सकती है, जिससे डॉलर पर दबाव और ज्यादा बढ़ जाएगा।

वैश्विक बाजार पर क्या होगा असर?

डॉलर का प्रदर्शन केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर भारत जैसे उभरते बाजारों (Emerging Markets) और वैश्विक पूंजी प्रवाह (Global Capital Flow) पर पड़ता है। अगर डॉलर कमजोर होता है, तो कच्चे तेल से लेकर सोने तक की कीमतों में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

बाकी करेंसी के सामने डॉलर का हाल (लेटेस्ट आंकड़े):

करेंसीस्थिति (Status)ताजा भाव
डॉलर सूचकांक2025 में 9.4% की गिरावट के बाद98.39 (0.2% की बढ़त)
यूरोमजबूत रैली के बाद हल्की गिरावट$1.1725
पाउंड स्टर्लिंगकई सालों के उच्चतम स्तर के पास$1.3455
येन (जापान)10 महीने के निचले स्तर पर156.9 प्रति डॉलर
ऑस्ट्रेलियाई डॉलरशानदार उछाल$0.6706

आगे क्या? ‘पिक्चर’ अभी बाकी है…

आने वाले दिनों में अमेरिका में वेतन और बेरोजगारी के आंकड़े जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कितनी और कब कटौती करेगा। साथ ही, पूरी दुनिया की नजरें राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले पर टिकी हैं, जिसमें वे फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष की घोषणा करेंगे। निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि नई नीतियां बाजार के लिए ‘उदार’ होंगी।

उधर, जापान का येन (Yen) भी संकट में है। निवेशकों को संदेह है कि बैंक ऑफ जापान अपनी नीतियों को कड़ा करेगा या नहीं। ऐसे में 2026 में केवल डॉलर ही नहीं, बल्कि कई बड़ी करेंसी अग्निपरीक्षा से गुजरने वाली हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • 1759686603979

    दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
    फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
    जटिल सूचनाओं को सरल, प्रभावी भाषा में बदलना उनकी खासियत है।

    View all posts
Share URL copied
Written by
Divyanshu

दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
जटिल सूचनाओं को सरल, प्रभावी भाषा में बदलना उनकी खासियत है।

टेक्नोलॉजी39
विदेश134
देश122
व्यापार64
कैप्टन अशोक खरात: ढोंगी बाबा के Fraud नेटवर्क का खुलासा
क्राइम

महाराष्ट्र का ‘एपस्टीन’: आस्था की आड़ में कैप्टन खरात का घिनौना खेल और 200 करोड़ का साम्राज्य

महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ कैप्टन अशोक खरात का मामला अब महज एक स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि एक ऐसे गहरे और...

पवन कल्याण की Ustaad Bhagat Singh: फिल्म या प्रचार?
मनोरंजन

क्या पवन कल्याण की ‘Ustaad Bhagat Singh’ केवल एक चुनावी हथियार है? सिनेमा और सत्ता के बीच धुंधली होती लकीरें

दक्षिण भारतीय सिनेमा के इतिहास में पर्दे और राजनीति का रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है, लेकिन वर्तमान दौर में यह संबंध...

Vivo X300 Ultra की लॉन्च डेट लीक, देखें शानदार Design
टेक्नोलॉजी

Vivo X300 Ultra की लॉन्च डेट का खुलासा: स्मार्टफोन फोटोग्राफी की दुनिया में आने वाला है बड़ा भूचाल!

स्मार्टफोन बाजार में जब भी ‘अल्ट्रा’ शब्द का जिक्र होता है, तो उपभोक्ताओं की उम्मीदें केवल एक फोन से नहीं, बल्कि एक...

Related Articles

सर्राफा बाजार में तपिश: सोने और चांदी की कीमतों में उछाल, क्या यह निवेश का सही समय है?

भारतीय परिवारों और निवेशकों के लिए सोना केवल एक धातु नहीं, बल्कि...