ड्रग्स के खिलाफ ट्रंप की ‘खूनी जंग’! समंदर में अमेरिकी सेना का तांडव, 104 लोगों को उतारा मौत के घाट

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अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के साथ ही ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का तरीका पूरी तरह बदल गया है। डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अब सीधे सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। हाल ही में अमेरिकी सेना ने एक बड़े अभियान के दौरान समंदर में 29 नावों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसमें 104 लोगों की जान चली गई है। इस कार्रवाई ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है और मानवाधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

तस्कर नहीं ‘अवैध लड़ाके’: ट्रंप प्रशासन का कड़ा रुख

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को जानकारी दी है कि अमेरिका अब ड्रग कार्टेल के खिलाफ औपचारिक रूप से ‘सशस्त्र संघर्ष’ (Armed Conflict) में उतर चुका है। इस अभियान में मारे गए लोगों को प्रशासन ने अपराधी नहीं, बल्कि ‘अवैध लड़ाके’ (Illegal Combatants) करार दिया है।

प्रशासन का दावा है कि न्याय विभाग (DOJ) की एक गुप्त (Classified) रिपोर्ट के आधार पर, अमेरिकी सेना को बिना किसी न्यायिक समीक्षा के ऐसे घातक हमले करने की पूरी छूट है। यानी अब तस्करों को पकड़ने या उन पर मुकदमा चलाने के बजाय, उन्हें सीधे खत्म करने की नीति अपनाई जा रही है।

सिर्फ 3 लोग बचे, बाकी सब खाक

इस भीषण सैन्य कार्रवाई में केवल तीन लोग ही बच पाए। अमेरिकी नौसेना ने दो जीवित बचे लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में उनके देश वापस भेज दिया गया। तीसरे व्यक्ति की तलाश के लिए मैक्सिकन नौसेना ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब उसे भी मृत मान लिया गया है। अमेरिकी सेना के अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका का एक भी सैनिक घायल नहीं हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर मचा बवाल

इन हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना हो रही है। मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने सार्वजनिक रूप से इन हमलों पर असहमति जताई है। मैक्सिको का मानना है कि इस तरह की एकतरफा सैन्य कार्रवाई संप्रभुता का उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में हिंसा और बढ़ेगी।

मानवाधिकार समूहों ने उठाए सवाल

मानवाधिकार समूहों और अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने इस पूरी कार्रवाई को कटघरे में खड़ा किया है। उनके मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:

अमेरिकी सेना और ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने के लिए इसी तरह की आक्रामक कार्रवाई जारी रखेंगे। अब देखना यह है कि मानवाधिकार समूहों के बढ़ते दबाव और मैक्सिको के विरोध के बीच यह ‘ड्रग वॉर’ क्या मोड़ लेती है।


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लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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