पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, लेकिन अब उनकी बेगम बुशरा बीबी को लेकर जो खबर सामने आई है, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान की जेल में बंद बुशरा बीबी की बिगड़ती सेहत और उनके साथ हो रहे कथित ‘अमानवीय व्यवहार’ को लेकर अब संयुक्त राष्ट्र (UN) ने मोर्चा खोल दिया है।
संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान सरकार को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि बुशरा बीबी की नजरबंदी की मौजूदा परिस्थितियां उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती हैं।
यूएन की विशेष दूत ने जताई कड़ी आपत्ति
टॉर्चर और अमानवीय व्यवहार पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, एलिस जिल एडवर्ड्स ने इस मामले पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हिरासत के दौरान बुशरा बीबी की सेहत, उनकी सुरक्षा और उनकी गरिमा को सुनिश्चित करना पूरी तरह से पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है। एडवर्ड्स के इस बयान ने पाकिस्तान की जेलों की व्यवस्था और कैदियों के मानवाधिकारों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
चूहों वाली कालकोठरी और टॉर्चर के आरोप
पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं कि बुशरा बीबी को जिस जगह रखा गया है, वहां की स्थिति बेहद खराब है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) और उनके वकीलों ने समय-समय पर आरोप लगाए हैं कि:
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बुशरा बीबी को एक ऐसी कालकोठरी में रखा गया है जहाँ चूहों की भरमार है।
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उन्हें दिए जाने वाले खाने में जरूरत से ज्यादा मिर्च और मसाले मिलाए जा रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य को बिगाड़ रहे हैं।
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परिजनों का आरोप है कि उन्हें ‘धीमा जहर’ देने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, पाकिस्तान की जेल प्रशासन इन दावों को हमेशा खारिज करता रहा है, लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र के दखल के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
क्या पाकिस्तान पर बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय दबाव?
इमरान खान और बुशरा बीबी लंबे समय से सलाखों के पीछे हैं। इमरान खान जहां अदियाला जेल में बंद हैं, वहीं बुशरा बीबी को पहले उनके घर (बनी गाला) में नजरबंद किया गया था और बाद में जेल शिफ्ट किया गया। यूएन का कहना है कि किसी भी राजनीतिक कैदी या आरोपी के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ व्यवहार नहीं होना चाहिए।
विशेष दूत एलिस जिल एडवर्ड्स ने नसीहत दी है कि पाकिस्तान को अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिए और बुशरा बीबी को उचित चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना चाहिए। यदि उनकी सेहत में और गिरावट आती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इमरान खान भी जता चुके हैं चिंता
हाल ही में अदालत में पेशी के दौरान इमरान खान ने भी चिल्लाकर अपनी पत्नी की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। अब देखना यह होगा कि संयुक्त राष्ट्र की इस ‘वॉर्निंग’ के बाद पाकिस्तान सरकार बुशरा बीबी की नजरबंदी की शर्तों में कोई बदलाव करती है या नहीं।
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