तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान की सड़कों पर इस वक्त जबरदस्त उबाल है। बढ़ती महंगाई और बदहाल अर्थव्यवस्था से तंग आकर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार के खिलाफ जारी यह विरोध प्रदर्शन पिछले तीन सालों में सबसे बड़ा और आक्रामक बताया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब इसमें दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की एंट्री हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान सरकार को चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों का साथ देने का एलान किया है।
तीन साल का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन
ईरान के अलग-अलग शहरों से आ रही खबरें डराने वाली हैं। बीबीसी अरबी सेवा के अनुसार, पिछले एक हफ्ते से जारी इन झड़पों में अब तक कम से कम सात लोगों की जान जा चुकी है। लोग सड़कों पर उतरकर सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं और आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। सरकार इन प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा।
ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पर गर्जना
ईरान के बिगड़ते हालात पर नजर गड़ाए बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि अमेरिका इन प्रदर्शनों को करीब से देख रहा है।
उन्होंने लिखा, “अगर ईरान की सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती है या उन्हें बेरहमी से मारती है—जो कि उनकी पुरानी आदत रही है—तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। हम उन मासूम लोगों को बचाने के लिए आगे आएंगे।” ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका ईरान के ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों’ की मदद के लिए ‘पूरी तरह तैयार’ है। अमेरिका का यह रुख साफ संकेत देता है कि अगर तेहरान ने ताकत का इस्तेमाल किया, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरान का पलटवार: ‘दखल दिया तो फैलेगी अस्थिरता’
अमेरिका की इस चेतावनी पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी प्रशासन का कहना है कि ट्रंप को दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने की आदत छोड़ देनी चाहिए। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हस्तक्षेप से न केवल ईरान, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के इलाके में अस्थिरता फैल जाएगी। ईरान ने इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का भी अंदेशा जताया है।
क्या बढ़ेगा तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर दबाव बनाने की एक रणनीति है। हालांकि, इससे दोनों देशों के बीच पहले से ही जारी कड़वाहट और बढ़ सकती है। ईरान में फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इंटरनेट पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। अब देखना यह होगा कि ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ क्या रुख अपनाती है।
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