‘कुर्सी छोड़ो वरना सारा तेल बेच दूंगा…’, पुतिन-जिनपिंग ने मादुरो के सिर पर रखा हाथ, तो भड़के ट्रंप ने दे डाली खुली धमकी!

'कुर्सी छोड़ो वरना सारा तेल बेच दूंगा...', पुतिन-जिनपिंग ने मादुरो के सिर पर रखा हाथ, तो भड़के ट्रंप ने दे डाली खुली धमकी!

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला को लेकर दुनिया के सुपरपावर देशों के बीच ठन गई है। अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला की घेराबंदी तेज कर दी है, जिससे राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के खिलाफ सख्त ‘सैन्य नाकेबंदी’ (Military Blockade) कर दी है, जिसका सीधा असर वहां के तेल व्यापार पर पड़ रहा है। इस तनाव के बीच अब रूस और चीन खुलकर वेनेजुएला के समर्थन में उतर आए हैं, जिससे अमेरिका और भड़क गया है।

पुतिन और जिनपिंग ने की अमेरिका की आलोचना

चीन ने पहले ही अमेरिका की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। अब रूस ने भी साफ कर दिया है कि वह इस संकट की घड़ी में वेनेजुएला के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। रूस और चीन के इस रुख ने आग में घी डालने का काम किया है। झल्लाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो सरकार को सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, “मादुरो के लिए समझदारी इसी में है कि वो सत्ता छोड़ दें, वरना अमेरिका द्वारा जब्त किया गया वेनेजुएला का सारा तेल बेच दिया जाएगा।”

ट्रंप की सख्त चेतावनी: ‘सत्ता छोड़ो या नुकसान सहो’

ट्रंप ने साफ लहजे में कहा है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के तट से जो तेल टैंकर जब्त किए हैं, उन्हें बाजार में बेचकर पैसा वसूल लिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ये जहाज मादुरो सरकार के संरक्षण में ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। हालांकि, वेनेजुएला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मादुरो सरकार का कहना है कि अमेरिका असल में उनके प्राकृतिक संसाधनों और तेल पर कब्जा करने के लिए ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश रच रहा है।

रूस ने कहा- हम वेनेजुएला के साथ हैं

रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वह वेनेजुएला की संप्रभुता का सम्मान करते हैं। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपने वेनेजुएलाई समकक्ष इवान गिल से फोन पर लंबी बात की। लावरोव ने कैरिबियन सागर में बढ़ती अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताते हुए इसे ‘उकसावे वाली कार्रवाई’ करार दिया। रूस का मानना है कि अमेरिका की इस नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

क्या ये ‘समुद्री डकैती’ है?

बीते कुछ हफ्तों में अमेरिकी कोस्ट गार्ड और नौसेना ने वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों को पकड़ा है। वेनेजुएला ने इसे ‘समुद्री डकैती’ (Piracy) का नाम दिया है। राष्ट्रपति पुतिन ने भी मादुरो का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी देश को बाहरी दबाव के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। वहीं चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के किसी देश के जहाजों को जब्त करना अवैध है।

फिलहाल, कैरिबियन सागर में तनाव चरम पर है। एक तरफ अमेरिका अपनी सैन्य ताकत के दम पर मादुरो को गद्दी से हटाने पर अड़ा है, तो दूसरी तरफ रूस और चीन की जुगलबंदी ने इस विवाद को विश्व युद्ध जैसी स्थिति की ओर धकेल दिया है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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