मलबे से निकलकर ‘लग्जरी’ बनेगा गाजा! ट्रंप का 9.3 लाख करोड़ का प्लान, स्मार्ट सिटी में होंगे बीच रिसॉर्ट और हाई-स्पीड ट्रेनें

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युद्ध की आग में जलते और खंडहर बन चुके गाजा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी योजना पेश की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ट्रंप सरकार गाजा को फिर से बसाने के लिए 112 अरब डॉलर (करीब 9.3 लाख करोड़ रुपये) का मेगा प्रोजेक्ट लेकर आई है। इस योजना के तहत गाजा अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे आधुनिक ‘स्मार्ट सिटी’ और ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनेगा।

‘प्रोजेक्ट सनराइज’: मलबे के ऊपर खड़ा होगा सपनों का शहर

इस महत्वाकांक्षी योजना को ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ (Project Sunrise) नाम दिया गया है। इसे ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर और अमेरिकी विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट का खाका 32 स्लाइड की एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने पेश किया जा रहा है।

इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि 9.3 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में से अकेले अमेरिका लगभग 5 लाख करोड़ रुपये (60 अरब डॉलर) की मदद देगा। बाकी की राशि खाड़ी देशों, यूरोप और प्राइवेट निवेशकों से जुटाई जाएगी।

गाजा में क्या-क्या बदलेगा?

ट्रंप ने इसी साल फरवरी में एक एआई (AI) वीडियो जारी कर दिखाया था कि भविष्य का गाजा कैसा दिखेगा। इस स्मार्ट सिटी की मुख्य विशेषताएं कुछ इस तरह होंगी:

10 साल का समय और बड़ी चुनौतियां

यह मेगा प्रोजेक्ट अगले 10 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, कागजों पर सुनहरी दिखने वाली इस योजना की राह में कांटों की कमी नहीं है:

  1. पुनर्वास की समस्या: गाजा की लगभग 20 लाख फिलिस्तीनी आबादी को निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी रूप से कहां बसाया जाएगा, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है।

  2. मलबे का अंबार: युद्ध के कारण गाजा में करोड़ों टन मलबा जमा है, जिसे साफ करने में ही अरबों डॉलर और सालों का वक्त लग सकता है।

  3. सुरक्षा और राजनीति: अमेरिका की शर्त है कि यह प्रोजेक्ट तभी शुरू होगा जब हमास का पूरी तरह निरस्त्रीकरण (Disarmament) हो जाएगा। वर्तमान युद्ध के हालात में यह सबसे बड़ी बाधा है।

युद्ध की विभीषिका के बीच नई उम्मीद?

पिछले दो सालों से चल रहे इजराइल-हमास युद्ध में गाजा पूरी तरह तबाह हो चुका है। इजराइली हमलों में अब तक 65 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। करीब 90% आबादी बेघर है।

ऐसे मानवीय संकट के बीच, ट्रंप का यह स्मार्ट सिटी प्लान गाजा को एक नई शुरुआत देने का वादा तो करता है, लेकिन इसे हकीकत की जमीन पर उतारना दुनिया के सबसे कठिन कामों में से एक माना जा रहा है। क्या गाजा वाकई एक लग्जरी शहर बन पाएगा या यह सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट बनकर रह जाएगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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