नई दिल्ली/बैंकॉक: दुनिया में दो देशों के बीच ज़मीन की जंग तो आपने बहुत देखी होगी, लेकिन अब यह लड़ाई भगवान की प्रतिमा तक पहुँच गई है। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे सालों पुराने सीमा विवाद ने एक नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि थाईलैंड की सेना ने कंबोडियाई सीमा के पास स्थित भगवान विष्णु की एक विशाल मूर्ति को बुलडोजर से ज़मींदोज़ कर दिया है।
क्या है वायरल वीडियो का सच?
शुरुआत में जब यह वीडियो इंटरनेट पर आया, तो कई लोगों ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया फेक वीडियो करार दिया। लेकिन इंटरनेशनल न्यूज़ प्लेटफॉर्म Wion की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना को लेकर अब गंभीर दावे किए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि थाई सेना के इंजीनियर एक भारी-भरकम खुदाई करने वाली मशीन (बुलडोजर) का इस्तेमाल कर रहे हैं। मशीन के प्रहार से 9 मीटर ऊँची भगवान विष्णु की मूर्ति पल भर में धराशायी हो जाती है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहाँ कंबोडिया के लोग इसे अपनी आस्था और संप्रभुता पर हमला बता रहे हैं, वहीं थाई यूजर्स इसे अपनी ज़मीन वापस लेने की कार्रवाई मान रहे हैं।
धार्मिक नफरत या ज़मीन का कब्ज़ा?
हैरानी की बात यह है कि थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही मुख्य रूप से बौद्ध राष्ट्र हैं, जिनकी सांस्कृतिक जड़ें हिंदू धर्म से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यहाँ तक कि इन देशों में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार मानकर पूजा जाता है। फिर थाई सेना ने ऐसा कदम क्यों उठाया?
जानकारों का कहना है कि यह तोड़फोड़ धार्मिक दुश्मनी की वजह से नहीं, बल्कि ज़मीन पर मालिकाना हक जताने के लिए की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह मूर्ति साल 2013 में कंबोडियाई सेना ने उस क्षेत्र में स्थापित की थी जिसे थाईलैंड अपना इलाका मानता है। थाई सेना का तर्क है कि मूर्ति को गिराकर उन्होंने उस क्षेत्र पर अपनी ‘संप्रभुता’ (Sovereignty) साबित की है और इलाके पर फिर से नियंत्रण पा लिया है।
खूनी रहा है प्रेह विहार मंदिर का इतिहास
यह पूरा विवाद ‘प्रेह विहार’ मंदिर परिसर के आसपास केंद्रित है। आपको बता दें कि 1962 में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने इस ऐतिहासिक मंदिर पर कंबोडिया के दावे को सही ठहराया था। बावजूद इसके, थाईलैंड इस फैसले को पूरी तरह स्वीकार नहीं करता और अक्सर यहाँ सीमा पर तनाव की स्थिति बनी रहती है। अतीत में इस सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच खूनी झड़पें भी हो चुकी हैं।
दुनियाभर के हिंदुओं और बौद्धों में रोष
भले ही यह ज़मीन का विवाद हो, लेकिन भगवान विष्णु की मूर्ति को जिस तरह बुलडोजर से गिराया गया, उसने दुनियाभर के हिंदुओं और बौद्ध समुदाय के लोगों को आहत किया है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या सीमा विवाद सुलझाने का यही एकमात्र तरीका था? क्या किसी आराध्य की प्रतिमा का सम्मान नहीं किया जाना चाहिए था?
फिलहाल, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है और कई न्यूज़ एजेंसीज़ इसकी सत्यता को लेकर सावधानी बरत रही हैं। लेकिन एक बात साफ है कि इस घटना ने दक्षिण-पूर्व एशिया के इन दो पड़ोसियों के बीच कड़वाहट को एक बार फिर चरम पर पहुँचा दिया है।
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