दुनिया में सीमाओं की लड़ाई तो आपने बहुत देखी होगी, लेकिन क्या कभी सुना है कि दो देशों की आपसी रंजिश के बीच भगवान की मूर्ति पर बुलडोजर चल जाए? सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने पूरी दुनिया के हिंदुओं और बौद्ध अनुयायियों के बीच सनसनी मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि थाईलैंड की सेना ने कंबोडियाई सीमा पर स्थित भगवान विष्णु की एक विशाल मूर्ति को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ा युद्ध, AI है या हकीकत?
इस घटना का वीडियो जैसे ही सामने आया, इंटरनेट पर बवाल मच गया। शुरुआत में कई लोगों ने इसे ‘AI जनरेटेड’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाया गया) वीडियो मानकर खारिज कर दिया था। लेकिन इंटरनेशनल न्यूज प्लेटफॉर्म ‘Wion’ की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब यह दावा मजबूती से किया जा रहा है कि यह घटना हकीकत है।
22 दिसंबर की इस कथित घटना के बाद थाई और कंबोडियाई सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि थाई सेना के इंजीनियरों ने एक पीले रंग के बुलडोजर का इस्तेमाल कर करीब 9 मीटर ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा को पीछे से धक्का देकर गिरा दिया। जैसे ही मूर्ति मिट्टी में मिली, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
आखिर क्यों चलाई गई भगवान की मूर्ति पर मशीन?
अब सवाल उठता है कि एक मुख्य रूप से बौद्ध देश (थाईलैंड) ने हिंदू देवता की मूर्ति क्यों तोड़ी? जानकारों का कहना है कि यह धार्मिक नफरत का मामला नहीं, बल्कि जमीन के कब्जे की ‘अहंकार की लड़ाई’ है।
बताया जा रहा है कि यह मूर्ति साल 2013 में कंबोडियाई सेना द्वारा उस विवादित जमीन पर स्थापित की गई थी, जिसे थाईलैंड अपना हिस्सा मानता है। थाई सेना ने इस इलाके पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के बाद अपनी ‘संप्रभुता’ दिखाने के लिए उस चबूतरे और मूर्ति को गिराने का फैसला किया। उनके लिए यह मूर्ति सिर्फ एक ढांचा थी, जिसे कंबोडिया ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए वहां खड़ा किया था।
9 मीटर ऊंची मूर्ति और वर्षों पुराना विवाद
यह घटना उस जगह के पास हुई है जो प्रेह विहार मंदिर (Preah Vihear Temple) परिसर के आसपास का इलाका बताया जा रहा है। आपको बता दें कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच इस मंदिर और आसपास की जमीन को लेकर दशकों पुराना विवाद है।
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1962 का फैसला: इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने 1962 में इस परिसर पर कंबोडिया का हक बताया था।
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थाईलैंड का स्टैंड: थाईलैंड इस फैसले को पूरी तरह मानने से इनकार करता रहा है और अक्सर यहां खूनी झड़पें होती रहती हैं।
सांस्कृतिक जड़ों पर चोट?
हैरानी की बात यह है कि थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही देशों की जड़ें हिंदू और बौद्ध धर्म से गहराई से जुड़ी हैं। दोनों देशों में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार मानने वालों की बड़ी संख्या है। ऐसे में सेना द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल कंबोडिया बल्कि दुनियाभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है।
हालांकि, इस वीडियो की सत्यता को लेकर अब भी कई स्वतंत्र एजेंसियां जांच कर रही हैं। कई प्लेटफॉर्म्स ने इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन जिस तरह से यह वीडियो वैश्विक स्तर पर साझा किया जा रहा है, उसने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर से चरम पर पहुंचा दिया है।
क्या सीमाओं के विवाद में धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाना सही है? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।
