नई दिल्ली: भारतीय सड़कों पर ‘इलेक्ट्रिक क्रांति’ लाने वाली दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) अब एक और बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (TPEM) ने साल 2030 तक के लिए अपना बेहद महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश कर दिया है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह न सिर्फ 5 नई शानदार इलेक्ट्रिक कारें (EVs) लॉन्च करेगी, बल्कि चार्जिंग की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए देशभर में 10 लाख चार्जिंग पॉइंट्स का जाल भी बिछाएगी।
टाटा का ‘विजय रथ’: 2.5 लाख EV बिक्री का आंकड़ा पार
टाटा मोटर्स ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब उसने भारतीय बाजार में अपनी बादशाहत साबित कर दी है। कंपनी ने भारत में कुल 2,50,000 इलेक्ट्रिक कारें बेचने का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाई है देश की सबसे पसंदीदा इलेक्ट्रिक SUV Nexon.ev ने। टाटा के मुताबिक, कुल बिक्री में से 1 लाख से ज्यादा गाड़ियां अकेले नेक्सन ईवी की हैं। ग्राहकों के इसी भरोसे को देखते हुए टाटा ने अब वित्त वर्ष 2025 से 2030 के बीच 16,000 करोड़ से 18,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश का एलान किया है।
2030 तक आएंगी 5 नई इलेक्ट्रिक कारें: सिएरा से होगी शुरुआत
टाटा मोटर्स के पास फिलहाल Tiago EV, Tigor EV, Punch EV, Nexon EV, Curvv EV और Harrier EV जैसी 6 गाड़ियों का मजबूत पोर्टफोलियो है। लेकिन असली रोमांच अब शुरू होने वाला है। कंपनी 2030 तक 5 नए नाम (Nameplates) बाजार में उतारेगी:
Tata Sierra EV: पुरानी यादों को ताजा करने वाली ‘सिएरा’ अब इलेक्ट्रिक अवतार में अगले साल (2025-26) दस्तक देने वाली है। इसकी बुकिंग को लेकर पहले ही जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
Tata Avinya: 2026 के अंत तक कंपनी अपना प्रीमियम इलेक्ट्रिक ब्रांड ‘अविन्या’ लॉन्च करेगी। यह सिर्फ एक कार नहीं, बल्कि टाटा की हाई-टेक तकनीक का नमूना होगा।
तीन अन्य सीक्रेट मॉडल: 2027 से 2030 के बीच टाटा तीन और बिल्कुल नए इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करेगी, जो अलग-अलग बजट और सेगमेंट के ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे।
चार्जिंग की टेंशन होगी खत्म: 10 लाख पॉइंट्स का लक्ष्य
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के मन में सबसे बड़ा सवाल चार्जिंग को लेकर होता है। टाटा ने इसका समाधान खोज लिया है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक पूरे देश में 10 लाख चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने का है। इसमें से 1 लाख सार्वजनिक (Public) चार्जिंग पॉइंट्स होंगे, जबकि अन्य होम और कम्युनिटी चार्जिंग समाधान होंगे।
कंपनी का खास फोकस अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। टाटा अपनी सेल्स और सर्विस नेटवर्क को टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से फैला रही है, ताकि छोटे शहरों के लोग भी बिना किसी हिचकिचाहट के पेट्रोल-डीजल छोड़ इलेक्ट्रिक का विकल्प चुन सकें।
क्यों खास है टाटा का यह निवेश?
टाटा मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्रा का कहना है कि यह निवेश नई तकनीक, स्वदेशी प्लेटफॉर्म और बेहतर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पर खर्च किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में अपनी 50% हिस्सेदारी को बरकरार रखना और इलेक्ट्रिक वाहनों को मुख्यधारा (Mainstream) बनाना है।
कुल मिलाकर, अगर आप भी नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो टाटा के ये आने वाले मॉडल्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। आने वाले 5 साल भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए पूरी तरह ‘इलेक्ट्रिफाइंग’ होने वाले हैं।
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