धमाका! 17 साल का वनवास खत्म, ढाका लौट रहे हैं तारिक रहमान; बीएनपी ने किया शक्ति प्रदर्शन का एलान

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बांग्लादेश की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। करीब पौने दो दशक यानी 17 साल के लंबे इंतजार के बाद, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान 25 दिसंबर को वतन लौट रहे हैं। उनकी इस वापसी को लेकर न केवल बीएनपी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है, बल्कि पूरे देश की निगाहें ढाका पर टिकी हैं। पार्टी ने अपने नेता के स्वागत के लिए ऐसी तैयारी की है जैसी दशकों में नहीं देखी गई।

एयरपोर्ट से अस्पताल तक: क्या है पूरा प्लान?

बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने बुधवार को गुलशन स्थित पार्टी के राजनीतिक कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तारिक रहमान के आगमन का पूरा खाका पेश किया। अहमद ने बताया कि गुरुवार को जब तारिक रहमान ढाका के हजरत शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे, तो वहां लाखों कार्यकर्ताओं का हुजूम उनके स्वागत के लिए तैयार रहेगा।

योजना के मुताबिक, एयरपोर्ट से निकलने के बाद तारिक रहमान सीधे ‘तीन सौ फीट सड़क’ (300 Feet Road) इलाके में पहुंचेंगे। यहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे समारोह में तारिक रहमान इकलौते वक्ता होंगे। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद, वह सीधे अपनी मां और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया से मिलने एवरकेयर अस्पताल जाएंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सरकार भी दे रही साथ

इतने बड़े कद के नेता की वापसी और भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। सलाहुद्दीन अहमद ने साफ किया कि सरकार इस मामले में पूरा सहयोग कर रही है। हालांकि, पार्टी ने अपनी ओर से ‘स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स’ (SSF) की मांग नहीं की है, लेकिन सरकार ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। पार्टी को भरोसा है कि उनके नेता की सुरक्षा और कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से होगा।

18 महीने जेल और 17 साल का लंबा इंतजार

तारिक रहमान के वतन लौटने की कहानी संघर्षों से भरी रही है। साल 2007 में बांग्लादेश में सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार सत्ता में थी। उस दौरान तारिक रहमान को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने लगभग 18 महीने जेल की सलाखों के पीछे बिताए। 3 सितंबर 2008 को रिहा होने के बाद वह इलाज के बहाने लंदन चले गए थे और तब से वहीं से पार्टी की कमान संभाल रहे थे।

अब, 17 साल बाद उनकी वापसी को बीएनपी के पुनरुत्थान के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तारिक रहमान की मौजूदगी आने वाले समय में बांग्लादेश की राजनीति की दिशा और दशा बदल सकती है।

बीएनपी कार्यकर्ताओं में भारी जोश

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि देश के कोने-कोने से कार्यकर्ता ढाका पहुंचना शुरू हो गए हैं। सड़कों पर पोस्टर, बैनर और कटआउट्स की भरमार है। बीएनपी इसे केवल एक नेता की वापसी नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत के तौर पर देख रही है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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