बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में हर साल सैकड़ों चेहरे अपनी किस्मत आजमाने आते हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो अपनी अदाकारी और व्यक्तित्व से लोगों के दिलों में एक स्थायी जगह बना लेते हैं। ऐसा ही एक नाम था सुशांत सिंह राजपूत। सुशांत को दुनिया से गए हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन उनकी यादें आज भी उनके चाहने वालों के बीच उतनी ही ताजा हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर सुशांत की एक पुरानी तस्वीर और उनकी खास ‘मैथ इक्वेशन’ वाली टी-शर्ट ने एक बार फिर इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है।
जब मैथ इक्वेशन बनी स्टाइल स्टेटमेंट
सुशांत सिंह राजपूत केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि वह एक ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ सोचने वाले इंसान थे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई और साइंस में गहरी रुचि रखने वाले सुशांत का स्टाइल भी उनकी बुद्धिमत्ता की तरह ही अनोखा था। वायरल हो रही तस्वीर में सुशांत एक ऐसी टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं जिस पर जटिल मैथ इक्वेशंस (गणितीय समीकरण) बने हुए हैं।
फैंस के लिए यह महज एक टी-शर्ट नहीं, बल्कि सुशांत के उस व्यक्तित्व का हिस्सा है जो उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाता था। वह अक्सर सितारों, गैलेक्सी और क्वांटम फिजिक्स की बातें किया करते थे। उनकी यह टी-शर्ट उनके उसी ‘साइंस लवर’ अवतार की याद दिला रही है, जिसे देख फैंस एक बार फिर भावुक हो गए हैं।
9 साल का छोटा करियर और 6 यादगार सुपरहिट फिल्में
सुशांत सिंह राजपूत का फिल्मी सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर जो मुकाम हासिल किया, वह किसी मिसाल से कम नहीं है। करीब 9 साल के फिल्मी करियर में सुशांत ने ‘क्वालिटी ओवर क्वांटिटी’ पर भरोसा किया और दर्शकों को ऐसी फिल्में दीं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
काय पो छे (2013): टीवी से फिल्मों का रुख करने वाले सुशांत की यह पहली फिल्म थी। अपनी पहली ही फिल्म से उन्होंने साबित कर दिया था कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं।
एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी: यह फिल्म सुशांत के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। महेंद्र सिंह धोनी के किरदार में वह इस कदर डूबे कि लोगों को फर्क करना मुश्किल हो गया था।
पीके: भले ही इस फिल्म में उनका रोल छोटा था, लेकिन ‘सरफराज’ के किरदार में उन्होंने अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत लिया।
केदारनाथ: सारा अली खान के साथ आई इस फिल्म में ‘मंसूर’ का किरदार निभाकर सुशांत ने दर्शकों को खूब रुलाया।
छिछोरे: यह फिल्म आज भी युवाओं और छात्रों के लिए एक प्रेरणा है। इसमें सुशांत ने हार न मानने का जो संदेश दिया, वह अमर हो गया।
दिल बेचारा: उनकी आखिरी फिल्म, जिसने रिलीज होते ही सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह फिल्म उनके फैंस के लिए एक आखिरी तोहफा थी।
आउटसाइडर से सुपरस्टार बनने की कहानी
पटना की गलियों से निकलकर मुंबई के मायानगरी तक का सफर सुशांत के लिए आसान नहीं था। उन्होंने बैकग्राउंड डांसर के तौर पर शुरुआत की, फिर ‘पवित्र रिश्ता’ जैसे शो से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। जब उन्होंने फिल्मों का रुख किया, तो कई लोगों ने उन पर संदेह किया, लेकिन सुशांत ने अपनी काबिलियत से सबका मुंह बंद कर दिया।
उनका यह अंदाज, उनकी वो प्यारी सी मुस्कान और उनकी आंखों में चमकते बड़े-बड़े सपने आज भी उनके चाहने वालों को प्रेरित करते हैं। वह अक्सर अपनी डायरी में अपने 50 सपनों की लिस्ट बनाया करते थे, जो यह बताता है कि वह जिंदगी को कितनी गहराई से जीना चाहते थे।
आज भी क्यों याद आते हैं सुशांत?
सुशांत सिंह राजपूत की कमी बॉलीवुड को हमेशा खलेगी। वह एक ऐसे अभिनेता थे जो सिर्फ अभिनय नहीं करते थे, बल्कि वह एक फिलॉसफर, एक साइंटिस्ट और एक नेक इंसान थे। सोशल मीडिया पर उनकी वायरल हो रही टी-शर्ट और उनकी पुरानी यादें इस बात का सबूत हैं कि सुशांत भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी यादें और उनकी फिल्में हमेशा हमारे साथ रहेंगी।
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