Sudha Kongara की ‘Parasakthi’ का ट्रेलर आउट: क्या हिंदी थोपने के खिलाफ शिवकार्तिकेयन ने छेड़ दी है जंग? जानें फिल्म से जुड़ा हर बड़ा अपडेट!

Sudha Kongara की 'Parasakthi' का ट्रेलर आउट: क्या हिंदी थोपने के खिलाफ शिवकार्तिकेयन ने छेड़ दी है जंग? जानें फिल्म से जुड़ा हर बड़ा अपडेट!

दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज निर्देशक सुधा कोंगरा (Sudha Kongara) एक बार फिर चर्चा में हैं। अपनी सुपरहिट फिल्म ‘सोरारई पोटरु’ (Soorarai Pottru) के बाद से ही फैंस उनकी अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘पराशक्ति’ (Parasakthi) का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। इस फिल्म में तमिल स्टार शिवकार्तिकेयन (Sivakarthikeyan) मुख्य भूमिका में हैं और कहानी सीधे तौर पर ‘हिंदी थोपने’ (Hindi Imposition) के विवाद से जुड़ी हुई है।

1960 के दशक की कहानी और हिंदी का विरोध

‘पराशक्ति’ के ट्रेलर में दिखाया गया है कि यह फिल्म 1960 के दशक के उस दौर पर आधारित है, जब तमिलनाडु में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के खिलाफ बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुए थे। फिल्म में शिवकार्तिकेयन एक साधारण रेलवे कर्मचारी ‘चेझियन’ का किरदार निभा रहे हैं, जो बाद में इस आंदोलन का चेहरा बन जाता है। ट्रेलर का एक डायलॉग पहले ही वायरल हो चुका है, जिसमें नायक कहता है— “जब मद्रासी दिल्ली जाता है, तो वह हिंदी बोलता है। तो जब कोई हिंदी बोलने वाला मदुरै आए, तो उसे तमिल बोलनी चाहिए।” यह फिल्म भाषाई अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई को बड़े पर्दे पर पेश करने वाली है।

सूर्या की जगह शिवकार्तिकेयन क्यों? सुधा कोंगरा ने खुद बताया सच

शुरुआत में इस फिल्म का नाम ‘पुराणानूरु’ (Purananooru) रखा गया था और इसमें मुख्य भूमिका सूर्या (Suriya) निभाने वाले थे। लेकिन अचानक सूर्या के फिल्म से बाहर होने पर कई तरह की अफवाहें उड़ने लगी थीं। कुछ लोगों ने इसे वैचारिक मतभेद बताया तो कुछ ने इसे राजनीतिक विवाद।

हाल ही में एक इंटरव्यू में सुधा कोंगरा ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि सूर्या का फिल्म छोड़ना पूरी तरह से ‘शेड्यूलिंग’ की समस्या थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फिल्म के लिए एक लंबा और बिना किसी ब्रेक वाला शूटिंग शेड्यूल चाहिए था, जो सूर्या अपनी पिछली प्रतिबद्धताओं के कारण नहीं दे पा रहे थे। इसके बाद फिल्म को नए सिरे से डिजाइन किया गया और शिवकार्तिकेयन की एंट्री हुई। सुधा ने शिवकार्तिकेयन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने स्क्रिप्ट सुनते ही तुरंत हां कर दी थी।

मद्रास हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत

फिल्म की रिलीज से ठीक पहले इसे कानूनी पचड़ों में भी फंसना पड़ा। एक लेखक ने दावा किया था कि ‘पराशक्ति’ की कहानी उनकी रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘चेम्मोझी’ से चुराई गई है। मामला मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंचा। हालांकि, 5 जनवरी 2026 को अदालत ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फिल्म एक बड़े बजट की परियोजना है और इस मोड़ पर रोक लगाना सही नहीं होगा। इस फैसले के बाद फिल्म की टीम ने राहत की सांस ली है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘महा-मुकाबला’: थलपति विजय बनाम शिवकार्तिकेयन

इस पोंगल (जनवरी 2026) पर बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ा टकराव देखने को मिलेगा। एक तरफ सुधा कोंगरा की ‘पराशक्ति’ 10 जनवरी को रिलीज हो रही है, वहीं दूसरी ओर तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय (Vijay) की आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ (Jana Nayagan) 9 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। विजय के राजनीति में जाने से पहले यह उनकी आखिरी फिल्म है, इसलिए इसका क्रेज सातवें आसमान पर है। अब देखना यह होगा कि सुधा कोंगरा की यह पावरफुल फिल्म विजय की विदाई फिल्म के सामने कितनी टिक पाती है।

खास बातें जो आपको जाननी चाहिए

सुधा कोंगरा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह संवेदनशील और सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर उतारने में माहिर हैं। क्या ‘पराशक्ति’ इस साल की सबसे बड़ी हिट साबित होगी? इसका फैसला 10 जनवरी को दर्शक करेंगे।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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