शेयर बाजार में अक्सर हम अपने दोस्तों या रिश्तेदारों की सलाह पर पैसा लगा देते हैं. हमें लगता है कि अगर कोई कंपनी बड़ी है और उसका नाम हर जगह है, तो उसका शेयर भी हमेशा ऊपर ही जाएगा. लेकिन बाजार की हकीकत इससे थोड़ी अलग होती है. कभी-कभी बहुत बड़ी दिखने वाली कंपनियों के अंदरूनी आंकड़े और सरकारी नियम उनके शेयर्स की रफ्तार पर ब्रेक लगा देते हैं.
आज हम ऐसी ही दो बड़ी कंपनियों की बात कर रहे हैं— D-Mart (Avenue Supermarts) और Petronet LNG. इन दोनों कंपनियों के नाम बड़े हैं, काम भी बड़ा है, लेकिन ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स को इनके आने वाले वक्त में कुछ गिरावट नजर आ रही है. मैक्वेरी (Macquarie) और सिटी (Citi) जैसी दिग्गज संस्थाओं ने इन पर ‘Sell’ (बेचने) की रेटिंग दी है. आइए समझते हैं कि आखिर एक्सपर्ट्स क्यों डरे हुए हैं.
D-Mart: कमाई बढ़ी पर चमक क्यों हुई फीकी?
दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी D-Mart आज रिटेल सेक्टर का बेताज बादशाह है. हर शहर में इसके स्टोर्स के बाहर लगी लंबी लाइनें इसकी लोकप्रियता की गवाही देती हैं. लेकिन स्टॉक मार्केट में सिर्फ भीड़ से काम नहीं चलता, वहां गणित देखा जाता है.
हाल ही में कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के आंकड़े पेश किए हैं. आंकड़ों के मुताबिक:
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कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 17,612.62 करोड़ रुपये रहा है.
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पिछले साल इसी तिमाही (Q3 FY25) में यह आंकड़ा 15,565.23 करोड़ रुपये था.
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साल 2024 में यह लगभग 13,247 करोड़ रुपये के करीब था.
ऊपर से देखने पर लगता है कि कंपनी की कमाई साल-दर-साल बढ़ रही है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) का नजरिया थोड़ा अलग है. सिटी ने D-Mart के शेयर पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस घटाकर 3,250 – 3,500 रुपये के आसपास कर दिया है.
ब्रोकरेज की चिंता का कारण: एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘क्विक कॉमर्स’ (जैसे Blinkit, Zepto) के बढ़ते चलन ने D-Mart जैसे बड़े स्टोर्स के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. लोग अब घर बैठे 10 मिनट में सामान मंगाना पसंद कर रहे हैं, जिससे D-Mart की स्टोर-लेवल ग्रोथ पर दबाव दिख रहा है. इसके अलावा, कंपनी के मार्जिन में भी उतनी बढ़ोतरी नहीं हो रही है जितनी उम्मीद की जा रही थी.
Petronet LNG: रेगुलेटरी रस्साकशी में फंसा शेयर
दूसरी कंपनी है Petronet LNG, जो गैस सेक्टर की दिग्गज खिलाड़ी है. जहां कुछ ब्रोकरेज हाउस जैसे ‘इन्वेस्टेक’ इसे 400 रुपये के लक्ष्य के साथ ‘Top Pick’ बता रहे हैं, वहीं सिटी (Citi) ने इस पर रेड सिग्नल दिखा दिया है.
सिटी ने पेट्रोनेट एलएनजी पर ‘Sell’ रेटिंग देते हुए इसे ‘नेगेटिव वॉच’ पर रखा है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है PNGRB (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड) के नए नियम और टैरिफ को लेकर चल रही अनिश्चितता.
शेयर गिरने का क्या है डर?
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टैरिफ में कटौती का खतरा: रेगुलेटर की नजर कंपनी के दाहेज टर्मिनल के टैरिफ पर है. अगर नियमों में बदलाव हुआ, तो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर सीधा असर पड़ेगा.
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कंपटीशन: नए एलएनजी टर्मिनल्स के आने से पेट्रोनेट के एकाधिकार को चुनौती मिल रही है.
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धीमी ग्रोथ: पिछली तिमाहियों में कंपनी के वॉल्यूम ग्रोथ में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे बड़े निवेशक थोड़े सावधान नजर आ रहे हैं.
क्या करें निवेशक?
अगर आप इन शेयरों में पैसा लगाने की सोच रहे हैं या पहले से निवेशित हैं, तो एक्सपर्ट्स की इन चेतावनियों को नजरअंदाज न करें. बाजार में किसी भी शेयर का ‘नाम’ देखकर नहीं, बल्कि उसके भविष्य के ‘नंबर्स’ और ‘चुनौतियों’ को देखकर फैसला लेना चाहिए.
ब्रोकरेज फर्म्स का कहना है कि फिलहाल इन दोनों शेयरों में ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति बेहतर है, क्योंकि शॉर्ट से मीडियम टर्म में इनमें गिरावट की संभावना ज्यादा दिख रही है.
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