सीधी (मध्य प्रदेश): रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक नाबालिग बच्ची के साथ उसके ही सगे रिश्तेदार ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। जिस भाई की कलाई पर बहन राखी बांधती है, उसी ने अपनी बहन की आबरू को तार-तार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
Highlights:
- नानी के घर गई थी पीड़िता, जहां रिश्ते के भाई ने बनाया हवस का शिकार।
- आरोपी की मां (नानी) ने भी अपराध छिपाने और सहयोग में निभाई भूमिका।
- छत्तीसगढ़ के जंगलों और सुदूर इलाकों से पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा।
- पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, दोनों आरोपी भेजे गए जेल।
क्या है पूरा मामला?
दिल को दहला देने वाली यह घटना सीधी जिले के कुसमी थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता बीते 10 नवंबर को खुशी-खुशी अपनी नानी के घर ग्राम ‘लड़केरी’ गई थी। उसे क्या पता था कि जिस घर को वह अपना मान रही है, वहीं उसके साथ सबसे बड़ा धोखा होने वाला है।
16 नवंबर को उसकी नानी उसे छत्तीसगढ़ के नेउर गांव ले गई। वहाँ उसे अपनी पुरानी ससुराल में यह कहकर छोड़ दिया कि “यहीं रहना और यहीं खाना।” जैसे ही नानी वहां से निकली, उसके पुत्र लल्लू उर्फ इन्द्रजीत सिंह गोंड़ ने अपनी नीचता दिखाई। उसने नाबालिग के साथ डरा-धमकाकर लगातार कई रातों तक दुष्कर्म किया।
घर लौटकर सुनाई आपबीती
पीड़िता उस नरक में फंसी रही, लेकिन 20 नवंबर को जब उसकी मौसी और मौसा वहां पहुंचे, तो वह उनके साथ वापस कुसमी लौट आई। घर पहुँचते ही पीड़िता का बांध टूट गया और उसने अपनी मां को रोते हुए पूरी दास्तां सुनाई। मां के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे तुरंत 24 नवंबर को कुसमी थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ से पकड़ा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधी पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत टीम गठित की। आरोपी घटना के बाद से ही फरार था और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में छिपा बैठा था। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने जाल बिछाया और छत्तीसगढ़ के नेउर मझारी टोला (जिला एमसीबी) से आरोपी इन्द्रजीत को गिरफ्तार कर लिया।
इतना ही नहीं, पुलिस ने आरोपी की मां यानी पीड़िता की नानी मानवती सिंह को भी गिरफ्तार किया है, क्योंकि उसने पूरी साजिश में साथ दिया था।
इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका
इस सफल कार्रवाई में कुसमी थाना प्रभारी निरीक्षक अरुणा द्विवेदी, उपनिरीक्षक प्रीति वर्मा और साइबर सेल के प्रधान आरक्षक प्रदीप मिश्रा समेत पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि अपराधी चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से नहीं बच सकता।
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