नई दिल्ली: कांग्रेस के दिग्गज नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने कुछ ऐसा कहा है जिससे राजनीति के जानकारों के कान खड़े हो गए हैं। थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन करते हुए एक बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि विदेश नीति किसी एक राजनीतिक दल (भाजपा या कांग्रेस) की नहीं होती, बल्कि यह पूरे ‘भारत’ की होती है।
“पीएम की हार का जश्न मनाना देश का अपमान”
एक निजी न्यूज़ चैनल (इंडिया टुडे) से बातचीत के दौरान शशि थरूर ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री की हार होती है, तो उसे किसी एक नेता की हार नहीं बल्कि पूरे देश की हार माना जाना चाहिए। थरूर के मुताबिक, “प्रधानमंत्री की हार का जश्न मनाना, भारत की हार का जश्न मनाने जैसा है। हमें यह समझना होगा कि दुनिया के सामने हम सब एक हैं।”
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की एक मशहूर पंक्ति को दोहराते हुए कहा, “अगर भारत मर गया, तो फिर कौन जिंदा रहेगा?” थरूर का यह बयान उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो विदेशी मंचों पर देश की छवि को लेकर राजनीति करते हैं।
पाकिस्तान की ‘हाइपरसोनिक’ चाल से रहें सावधान
थरूर ने केवल समर्थन ही नहीं किया, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की बदलती रणनीति पर भी देश को आगाह किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान अब पुरानी तकनीक छोड़कर आधुनिक युद्ध की ओर बढ़ रहा है।
हाइपरसोनिक मिसाइल: थरूर के अनुसार, ड्रोन और रॉकेट के बाद अब पाकिस्तान हाइपरसोनिक मिसाइलों पर ध्यान दे रहा है।
छद्म युद्ध (Proxy War): पाकिस्तान अब छिपकर वार करने की फिराक में है, जिसे भारत किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं कर सकता।
कंगाल पाकिस्तान, ताकतवर सेना: थरूर ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि वहां सरकार सिर्फ नाम की है, असली कमान आज भी सेना के पास है। पाकिस्तान की जीडीपी विकास दर महज 2.7% है और वह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मदद (भीख) पर टिका है।
बांग्लादेश के साथ बढ़ता खतरा
कांग्रेस नेता ने एक और गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि हाल ही में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता भारत के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI फिर से बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल करके भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (Northeast) में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर सकती है।
भारत की बढ़ती ताकत पर भरोसा
इतनी चुनौतियों के बावजूद शशि थरूर भारत की क्षमता को लेकर काफी सकारात्मक नजर आए। उन्होंने कहा:
ग्लोबल साउथ की आवाज: भारत उभरती हुई ग्लोबल पावर है और ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों का नेतृत्व कर सकता है।
तकनीकी तरक्की: साइबर स्पेस से लेकर अंतरिक्ष (Space) तक भारत ने झंडे गाड़े हैं।
मददगार छवि: भारत न केवल खुद मजबूत हो रहा है, बल्कि दुनिया के अन्य देशों की भी मदद कर रहा है।
शशि थरूर का यह बयान साबित करता है कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जब बात सरहद और विदेश नीति की आती है, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के सुर एक हो सकते हैं।
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