शक्ति कपूर ने जब फिल्म में खींचा था लड़की का दुपट्टा, थिएटर छोड़कर गुस्से में भागे थे माता-पिता, फिर जो हुआ…

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शक्ति कपूर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने दशकों लंबे करियर में सैकड़ों फिल्में कीं और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। हालांकि, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता विलेन यानी खलनायक के किरदारों से मिली। पर्दे पर जब भी शक्ति कपूर क्रूर अंदाज में नजर आते, लोग खौफ खा जाते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस अभिनय के लिए दुनिया उन्हें सलाम करती थी, उसी अभिनय की वजह से एक बार उनके माता-पिता को शर्मिंदा होना पड़ा था?

हाल ही में एक इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने उस दिलचस्प और थोड़े भावुक किस्से का जिक्र किया, जब उनके माता-पिता उनका सीन देखकर बीच में ही थिएटर छोड़कर भाग खड़े हुए थे।

जब पेरेंट्स के सामने ही खींच लिया ‘दुपट्टा’

शक्ति कपूर ने बताया कि यह वाकया उस समय का है जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही थीं। उनकी एक बड़ी फिल्म रिलीज हुई थी— ‘इंसानियत के दुश्मन’। शक्ति कपूर काफी उत्साहित थे और उन्होंने अपने माता-पिता से जिद की कि वे इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने जरूर जाएं।

जैसे ही फिल्म शुरू हुई, शुरुआती सीन में ही शक्ति कपूर को एक विलेन के तौर पर एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करते और उसका दुपट्टा खींचते दिखाया गया। यह सीन देखते ही उनके पिता का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

पिता बोले- ‘बाहर भी यही करता था, अब पर्दे पर भी…’

शक्ति कपूर के अनुसार, उनके पिता इस सीन को बर्दाश्त नहीं कर पाए। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी (शक्ति कपूर की मां) का हाथ पकड़ा और थिएटर से बाहर निकलने लगे। पिता ने गुस्से में कहा, “पहले यह गलियों में बाहर यही सब करता था और अब यह बड़े पर्दे पर भी यही सब कर रहा है। मुझे यह फिल्म नहीं देखनी!”

सिर्फ इतना ही नहीं, घर लौटने के बाद शक्ति कपूर की जमकर क्लास भी लगी। उनके माता-पिता ने उन्हें डांटते हुए पूछा कि वह इस तरह के घटिया रोल क्यों कर रहे हैं?

हेमा मालिनी और जीनत अमान के साथ काम करने की थी सलाह

शक्ति कपूर के माता-पिता चाहते थे कि उनका बेटा पर्दे पर एक शरीफ इंसान या ‘हीरो’ का रोल निभाए। उन्होंने शक्ति से कहा था, “तुम गुंडे के रोल क्यों करते हो? तुम्हें हेमा मालिनी और जीनत अमान जैसे बड़े सितारों के साथ अच्छे और सम्मानजनक रोल करने चाहिए।”

हालांकि, शक्ति कपूर ने अपने पेरेंट्स को बड़ी मासूमियत से जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, “आपने मुझे जन्म दिया है और मुझे यह चेहरा दिया है। मेरा चेहरा देखने के बाद कोई भी डायरेक्टर मुझे हीरो का रोल नहीं देता, सबको मुझमें विलेन ही नजर आता है।”

बेटी श्रद्धा कपूर भी रहती थीं नाराज

सिर्फ माता-पिता ही नहीं, शक्ति कपूर की बेटी और मशहूर अभिनेत्री श्रद्धा कपूर को भी बचपन में अपने पिता का विलेन अवतार बिल्कुल पसंद नहीं था। श्रद्धा ने एक पुराने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब वह छोटी थीं, तो टीवी पर अपने पिता को लोगों को पीटते या बुरा काम करते देख रोने लगती थीं और उनसे नाराज हो जाती थीं। बाद में उनकी मां शिवांगी कोल्हापुरे ने उन्हें समझाया कि यह सब सिर्फ एक्टिंग है और असल जिंदगी में उनके पिता एक बहुत अच्छे इंसान हैं।

शक्ति कपूर ने 90 के दशक में ‘अंदाज अपना अपना’ के क्राइम मास्टर गोगो और ‘गुंडा’ के बुल्ला जैसे किरदारों से इतिहास रच दिया। आज भले ही वह विलेन के रूप में मशहूर हों, लेकिन उनके इस संघर्ष और परिवार की नाराजगी की कहानी यह बताती है कि एक एक्टर को अपनी पहचान बनाने के लिए क्या-कुछ झेलना पड़ता है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
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