इस्लामिक दुनिया के सबसे पवित्र स्थल माने जाने वाले सऊदी अरब से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। दशकों से जिस देश में शराब शब्द एक बड़े ‘टैबू’ और सख्त प्रतिबंध के घेरे में था, वहां अब शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगने लगी हैं। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के नेतृत्व में सऊदी सरकार ने बिना किसी शोर-शराबे के एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे देश के सामाजिक इतिहास में एक बड़े यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, सऊदी अरब ने अपने इकलौते शराब बेचने वाले स्टोर तक पहुंच का दायरा बढ़ा दिया है। अब केवल विदेशी राजनयिक ही नहीं, बल्कि अमीरों की एक खास श्रेणी भी यहां से जाम छलकाने के लिए बोतलें खरीद सकेगी।
राजधानी रियाद में कहां है यह ‘सीक्रेट’ स्टोर?
खबरों के मुताबिक, यह शराब की दुकान राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर (Diplomatic Quarter) में स्थित है। दिलचस्प बात यह है कि इस दुकान पर बाहर से कोई साइनबोर्ड या नाम नहीं लगा है ताकि यह आम दुकानों जैसी ही दिखे। जनवरी 2024 में जब यह स्टोर खुला था, तब यहां केवल गैर-मुस्लिम राजनयिकों को ही शराब खरीदने की इजाजत थी। लेकिन अब इस ‘नो-नेम’ स्टोर के बाहर कारों का तांता लगा हुआ है।
अमीरों के लिए खुला रास्ता: क्या है ‘प्रीमियम रेजिडेंसी’?
सरकार के नए फैसले के अनुसार, अब प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट रखने वाले गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक भी इस स्टोर से शराब खरीद सकते हैं। अब सवाल उठता है कि ये प्रीमियम रेजिडेंसी क्या है?
दरअसल, यह सऊदी की एक खास स्कीम है जिसका मकसद दुनिया भर के बड़े निवेशकों, अरबपति उद्यमियों और टैलेंटेड लोगों को अपने देश में बसाना है। इस परमिट को पाने के लिए बहुत ऊँची आय और बड़े निवेश की जरूरत होती है। जो लोग इसे हासिल कर लेते हैं, उन्हें बिना किसी लोकल स्पॉन्सर के प्रॉपर्टी खरीदने और बिजनेस करने की आजादी मिलती है। अब सऊदी सरकार ने इन्हें ‘लिकर स्टोर’ तक जाने का भी ‘गोल्डन टिकट’ दे दिया है।
आसमान छू रही हैं कीमतें: बीयर और वाइन का स्टॉक सीमित
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टोर से बाहर निकलने वाले ग्राहकों का कहना है कि यहां शराब की कीमतें बेहद ज्यादा हैं। हालांकि राजनयिकों को तो टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन प्रीमियम रेजिडेंसी वाले आम विदेशियों को पूरी कीमत चुकानी पड़ रही है। ग्राहकों ने बताया कि दुकान में स्टॉक तो काफी है, लेकिन फिलहाल बीयर और वाइन के विकल्प थोड़े कम हैं।
बहरीन का ‘वीकेंड’ अब होगा फीका?
अभी तक सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी और कुछ स्थानीय लोग जाम छलकाने के लिए पड़ोसी देश बहरीन का रुख करते थे। वहां मुसलमानों और गैर-मुसलमानों दोनों के लिए शराब कानूनी है। वीकेंड पर सऊदी की सीमाओं से बहरीन जाने वाली गाड़ियों की लंबी कतारें दिखती थीं। सऊदी के इस नए कदम से अब बहरीन के शराब पर्यटन को थोड़ा झटका लग सकता है।
क्यों बदल रहा है सऊदी अरब?
सऊदी अरब के किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का लक्ष्य ‘विजन 2030’ है। वे सऊदी को केवल तेल पर निर्भर देश नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे दुनिया का बड़ा टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट हब बनाना चाहते हैं।
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सामाजिक सुधार: महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति, सिनेमा हॉल खोलना और बड़े म्यूजिक कंसर्ट इसी दिशा में उठाए गए कदम थे।
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आर्थिक सुधार: विदेशी टैलेंट को देश में रोकने के लिए उन्हें ऐसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जो उन्हें सऊदी में रहने के लिए प्रेरित करें।
माना जा रहा है कि यह फैसला भी उसी मॉडर्नाइजेशन का हिस्सा है, जिससे सऊदी दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि वह अब एक बंद समाज नहीं, बल्कि एक आधुनिक और उदार राष्ट्र बन रहा है।
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