Sando Sandwich Trend: क्या आपने खाया ‘Sando’ Sandwich? सोशल मीडिया पर मचा रहा है तहलका, जानें क्यों हो रहा है इतना वायरल!

Sando Sandwich Trend: क्या आपने खाया 'Sando' Sandwich? सोशल मीडिया पर मचा रहा है तहलका, जानें क्यों हो रहा है इतना वायरल!

आजकल अगर आप सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम या फेसबुक स्क्रॉल कर रहे हैं, तो आपने सुंदर, चौकोर और रंग-बिरंगे सैंडविच की तस्वीरें जरूर देखी होंगी। इन्हें Sando‘ (सांडो) कहा जा रहा है। सैंडविच तो हम सभी बचपन से खाते आ रहे हैं, लेकिन यह ‘सांडो’ आखिर क्या बला है और क्यों बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज से लेकर आम जनता तक इसके पीछे दीवानी हो रही है? आइए जानते हैं इस जापानी जायके की पूरी कहानी।

क्या है सांडो सैंडविच? (What is Sando Sandwich) दरअसल, ‘सांडो’ जापानी शब्द ‘सैंडविच’ (Sandowitchi) का छोटा रूप है। यह कोई साधारण सैंडविच नहीं है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका ‘शोकूपन’ (Shokupan) ब्रेड है। यह एक जापानी मिल्क ब्रेड होता है जो बहुत ही नरम, फ्लफी और हल्का मीठा होता है। इस ब्रेड के किनारे (Crusts) काटकर निकाल दिए जाते हैं, जिससे यह दिखने में बहुत ही साफ और आकर्षक लगता है।

सांडो के प्रकार: फ्रूट से लेकर चिकन तक सांडो मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं जो इंटरनेट पर धूम मचा रहे हैं:

  1. फ्रूट सांडो (Fruit Sando): यह दिखने में किसी पेंटिंग जैसा लगता है। इसमें ताजे फल जैसे स्ट्रॉबेरी, कीवी, या आम को गाढ़ी व्हिप्ड क्रीम के साथ ब्रेड के बीच सजाया जाता है। जब इसे बीच से काटा जाता है, तो फलों का सुंदर डिजाइन उभर कर आता है।

  2. कात्सू सांडो (Katsu Sando): यह उन लोगों के लिए है जो तीखा और नमकीन पसंद करते हैं। इसमें ब्रेड के बीच में ‘कात्सू’ यानी डीप फ्राइड क्रिस्पी कटलेट रखा जाता है। यह वेज (पनीर या आलू) और नॉन-वेज (चिकन) दोनों अवतारों में मिलता है।

भारत में क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज? मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों के प्रीमियम कैफे में अब सांडो सैंडविच मेनू की जान बन गया है। इसके वायरल होने की सबसे बड़ी वजह इसका ‘Aesthetic’ लुक है। यह दिखने में इतना शानदार होता है कि लोग खाने से पहले इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डालना नहीं भूलते। इसके अलावा, इसका स्वाद भारतीय सैंडविच से बिल्कुल अलग और हल्का होता है, जो नई पीढ़ी को खूब पसंद आ रहा है।

आम सैंडविच से कैसे है अलग? अगर आप सोच रहे हैं कि घर पर बने आलू सैंडविच और इसमें क्या अंतर है, तो जवाब है इसकी बनावट। जहाँ हमारे देसी सैंडविच में मसालों और चटनी का बोलबाला होता है, वहीं सांडो अपनी सादगी और ब्रेड की क्वालिटी के लिए जाना जाता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सॉस (जैसे टोन्कात्सू सॉस) इसे एक यूनिक जापानी टच देती है।

हेल्थ और स्वाद का मेल विशेषज्ञों का मानना है कि सांडो सैंडविच एक ‘कम्फर्ट फूड’ की तरह काम करता है। इसमें इस्तेमाल होने वाले ताजे फल और क्रीम इसे एक हेल्दी डेजर्ट जैसा अहसास देते हैं। वहीं, प्रोटीन से भरपूर कात्सू सांडो एक पूरा मील (Meal) बन सकता है। हालांकि, यह आम स्ट्रीट फूड के मुकाबले थोड़ा महंगा होता है, लेकिन इसके चाहने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

अगर आप भी कुछ नया और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं, तो अगली बार कैफे जाने पर ‘Sando’ ऑर्डर करना न भूलें। यकीन मानिए, इसका एक बाइट ही आपको जापान की गलियों की सैर करा देगा!

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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