संभल: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का ‘बुलडोजर अभियान’ थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला संभल जिले से सामने आया है, जहां प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को बिछोली गांव उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब भारी पुलिस बल और दो-दो बुलडोजर एक साथ गांव में दाखिल हुए।
प्रधान का घर भी नहीं बचा, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
इस बार प्रशासन के निशाने पर कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि गांव के रसूखदार लोग थे। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ग्राम प्रधान के अवैध मकान समेत कुल 5 पक्के निर्माणों को ढहा दिया। जैसे ही बुलडोजर ने गर्जना शुरू की, गांव में हड़कंप मच गया। सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए इन घरों को प्रशासन ने अवैध घोषित कर रखा था और बार-बार चेतावनी के बाद भी जब कब्जा नहीं हटा, तो बुलडोजर का सहारा लेना पड़ा।
अधिकारियों की भारी-भरकम फौज रही मौजूद
कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर 20 लेखपाल, 4 कानूनगो और एक नायब तहसीलदार समेत कुल 25 राजस्व अधिकारियों की टीम तैनात थी। किसी भी विरोध या बवाल की आशंका को देखते हुए रैपिड रिएक्शन फोर्स (RRF) और भारी पुलिस बल ने पूरे इलाके को घेर रखा था।
27 बीघा जमीन की हुई पैमाइश
सिर्फ मकानों को गिराना ही प्रशासन का मकसद नहीं था। बुलडोजर कार्रवाई के साथ-साथ राजस्व विभाग की टीम ने गांव में ‘पौने 27 बीघा’ सरकारी जमीन की पैमाइश भी की। अधिकारियों का कहना है कि जितनी भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उन्हें इसी तरह खाली कराया जाएगा। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
गांव में मचा हड़कंप, कार्रवाई जारी रहेगी
इस बड़े एक्शन के बाद बिछोली और आसपास के गांवों में खलबली मची हुई है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जिन्होंने तालाब, चरागाह या ग्राम समाज की जमीन पर सालों से कब्जा जमा रखा है। सूत्रों की मानें तो संभल में आने वाले दिनों में और भी कई जगहों पर ऐसे ही ‘पीले पंजे’ का वार देखने को मिल सकता है।
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