लाल किले के पास I-20 में धमाका! तीन लोग थे सवार, जले टुकड़ों से नंबर खोज रही पुलिस

लाल किले के पास I-20 में धमाका! तीन लोग थे सवार, जले टुकड़ों से नंबर खोज रही पुलिस

दिल्ली के लाल किले के पास खड़ी I-20 कार में अचानक धमाका हुआ। कार में तीन लोग सवार थे। फॉरेंसिक और स्पेशल सेल जांच में जुटी है। घायल शरीर पर कील-तार के निशान नहीं, धमाका अधिक तीव्र था।

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए कार विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट हुंडई I-20 कार में हुआ, और धमाके के वक्त गाड़ी में तीन लोग मौजूद थे।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, धमाका कार के पिछले हिस्से में हुआ। घटना के बाद मौके पर स्पेशल सेल और फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि यह धमाका दुर्घटना थी या किसी साजिश का हिस्सा।

 

धमाके की तीव्रता काफी ज्यादा बताई जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि विस्फोट के बाद वहां कोई बड़ा गड्ढा या क्रेटर नहीं मिला। आम तौर पर IED या उच्च शक्ति के ब्लास्ट में जमीनी हिस्सा फटकर गड्ढा बन जाता है।

फॉरेंसिक के अनुसार, यह संकेत देता है कि
 धमाका सतह से नीचे नहीं था
 यह किसी अन्य तरह का विस्फोट हो सकता है

पूरी टीम इस एंगल पर जांच कर रही है।


शरीर पर कील-तार के निशान नहीं—विशेष संकेत

पुलिस और फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया है कि
 घायलों या मृतकों के शरीर पर कील, तार या अन्य मेटल पेलोड के कोई निशान नहीं हैं

जो आमतौर पर IED या शार्पनेल-आधारित ब्लास्ट में मिल जाते हैं।

इसके अलावा
 घायलों के शरीर पर कालेपन या जलने के निशान भी हल्के हैं
 चोटें मुख्य रूप से आग लगने से हुईं

यह साफ संकेत है कि प्रयोग किया गया विस्फोटक पारंपरिक IED जैसा नहीं लग रहा।

जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि
 क्या कार के अंदर रखे किसी सामान से ब्लास्ट हुआ
 या फिर कार में फ्यूल-आधारित विस्फोट हुआ
 या यह शॉर्ट सर्किट या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया का नतीजा था


टूटे पुर्ज़ों से गाड़ी नंबर पहचानने की कोशिश

ब्लास्ट में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उसका नंबर प्लेट पूरी तरह नष्ट हो गया है।

स्पेशल सेल और फोरेंसिक एक्सपर्ट
 जले और टूटे हिस्सों को जोड़कर
 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और मालिक की पहचान करने में जुटे हैं।

टीम कार के
 इंजन नंबर
 चेसिस नंबर
 जले धातु के टुकड़ों
 वायरिंग
 सीटिंग स्ट्रक्चर
से पहचान ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि
 तीनों सवार कौन थे?
 वे कहां से आए, कहां जा रहे थे?
 धमाके से पहले कार में क्या गतिविधि हुई थी?

स्थानीय CCTV फुटेज भी खंगाला जा रहा है।


धमाका, हादसा या साजिश? जांच जारी

अब तक जांच में तीन प्रमुख एंगल पर काम हो रहा है—

  1. एक्सीडेंटल ब्लास्ट (रासायनिक या फ्यूल आधारित)

  2. तकनीकी खराबी से विस्फोट

  3. साजिश या आपराधिक गतिविधि

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह कह रही हैं कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि
 यह महज दुर्घटना है
या
 इसके पीछे कोई बड़ी प्लानिंग

हाालत को देखते हुए NIA और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
    फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
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