नई दिल्ली: अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के रियल एस्टेट सेक्टर से जो आंकड़े निकलकर आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एक तरफ जहां प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ हकीकत यह है कि लाखों फ्लैट्स बनकर तैयार खड़े हैं, लेकिन उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के प्रमुख 7 बड़े शहरों में करीब 5.77 लाख फ्लैट्स अनसोल्ड (Unsold) यानी बिना बिके पड़े हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या डिमांड में कमी आने की वजह से अब बिल्डर्स को कीमतें कम करनी पड़ेंगी? आइए समझते हैं पूरी गणित।
आखिर क्यों नहीं बिक रहे ये फ्लैट्स?
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ सालों में घरों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। मध्यमवर्गीय परिवार की पहुंच से ये घर अब बाहर होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई (MMR), बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में इन्वेंट्री का अंबार लगा हुआ है।
बिल्डर्स ने प्रोजेक्ट्स तो पूरे कर लिए हैं, लेकिन ऊंची ब्याज दरों और प्रॉपर्टी के बढ़े हुए रेट्स ने खरीदारों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। कई लोग अब “वेट एंड वॉच” की स्थिति में हैं, यानी वे इंतजार कर रहे हैं कि कब कीमतें कम हों और वे निवेश करें।
किस शहर का क्या है हाल?
इन्वेंट्री के मामले में मुंबई और दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे हैं।
मुंबई (MMR): यहां सबसे ज्यादा अनसोल्ड फ्लैट्स हैं। प्रीमियम सेगमेंट के घरों की भरमार है, लेकिन मिडिल क्लास बजट वाले घर गायब हैं।
दिल्ली-एनसीआर: नोएडा और गुरुग्राम में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, फिर भी ग्राहकों की तलाश जारी है।
दक्षिण भारत: बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी आईटी सेक्टर में छंटनी और वर्क-फ्रॉम-होम के बदलते कल्चर ने डिमांड को प्रभावित किया है।
क्या अब घटेंगी कीमतें?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिल्डर्स इन फ्लैट्स को बेचने के लिए कीमतों में कटौती करेंगे? जानकारों की मानें तो बिल्डर्स फिलहाल सीधे तौर पर कीमतें घटाने से बच रहे हैं। इसकी जगह वे ग्राहकों को लुभाने के लिए ‘फ्री कार पार्किंग’, ‘नो ईएमआई टिल पजेशन’ और ‘स्टाम्प ड्यूटी में छूट’ जैसे ऑफर्स दे रहे हैं।
लेकिन अगर अगले कुछ महीनों तक यही स्थिति बनी रही, तो भारी दबाव के चलते बिल्डर्स को रेट्स कम करने पड़ सकते हैं। खासकर उन प्रोजेक्ट्स में जहां मेंटेनेंस का खर्चा बिल्डर्स की जेब पर भारी पड़ रहा है।
खरीदारों के लिए सुनहरा मौका?
अगर आप घर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। चूंकि स्टॉक काफी ज्यादा है, इसलिए खरीदारों के पास मोलभाव (Negotiation) करने की पूरी ताकत है। आप बिल्डर से न केवल बेहतर डिस्काउंट मांग सकते हैं, बल्कि एडिशनल सुविधाएं भी फ्री में ले सकते हैं।
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