पुणे: कहते हैं कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो उम्र महज एक आंकड़ा बनकर रह जाती है। इस बात को सच कर दिखाया है पुणे के रहने वाले 65 वर्षीय बालू हीरामन जवंजाळ ने, जिन्हें प्यार से लोग ‘आप्पा’ कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों आप्पा के चर्चे हर तरफ हैं। पुणे में आयोजित हुई इंटरनेशनल लेवल की ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026’ (Bajaj Pune Grand Tour) साइकिल प्रतियोगिता में आप्पा ने जो कर दिखाया, उसने दुनिया भर के प्रोफेशनल एथलीट्स को हैरान कर दिया है।
सादी साइकिल और फौलादी इरादे
हाल ही में पुणे की सड़कों पर भारत की पहली UCI 2.2 क्लासिफाइड इंटरनेशनल साइकिल रेस आयोजित की गई। इस रेस में 35 देशों के करीब 171 प्रोफेशनल साइकलिस्ट्स हिस्सा ले रहे थे। इन सबके पास लाखों की कीमत वाली हाई-टेक गियर वाली साइकिलें थीं और प्रोफेशनल स्पोर्ट्स किट थी। लेकिन इसी रेस के बीच एक शख्स ऐसा भी था, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ये थे हमारे बालू आप्पा। अपनी पुरानी और साधारण साइकिल, सिर पर गांधी टोपी और चेहरे पर गजब का आत्मविश्वास लिए आप्पा जब रेस के रूट पर उतरे, तो देखने वाले बस देखते रह गए। भले ही वो इस प्रतियोगिता के आधिकारिक प्रतिभागी नहीं थे, लेकिन उन्होंने जिस तेजी और जोश के साथ साइकिल चलाई, उसने इंटरनेशनल साइकलिस्ट्स के भी पसीने छुड़ा दिए।
‘आप्पा का विषय लई हार्ड’ – सोशल मीडिया पर वायरल
जैसे ही आप्पा का साइकिल चलाते हुए वीडियो इंटरनेट पर आया, वो देखते ही देखते वायरल हो गया। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोगों ने उन्हें ‘वायरल आजोबा’ (वायरल दादाजी) का नाम दिया है। नेटिज़न्स उनके वीडियो पर मजेदार और गर्व भरे कमेंट्स कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि “आप्पा का विषय लई हार्ड है”, तो कोई उन्हें असली “चैंपियन” बता रहा है।
पुणे के हिंजवड़ी और मुल्शी जैसे इलाकों में जब रेस गुजर रही थी, तब आप्पा ने अपनी साइकिल से युवाओं को भी पीछे छोड़ दिया। उनका उत्साह देखकर वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। यहाँ तक कि विदेशी खिलाड़ियों ने भी आप्पा के इस जज्बे को सलाम किया।
बचपन से है साइकिल का शौक
एक स्थानीय न्यूज़ पोर्टल से बात करते हुए बालू हीरामन जवंजाळ ने बताया कि उन्हें साइकिल चलाने का शौक बचपन से है। उन्होंने कहा, “मैं सालों से साइकिल चला रहा हूँ। मेरे लिए ये कोई कॉम्पिटिशन नहीं, बल्कि मेरा जुनून है। जब मुझे पता चला कि पुणे में इतनी बड़ी रेस हो रही है, तो मैं खुद को रोक नहीं पाया। मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी अपनी साइकिल के साथ इन युवाओं के साथ थोड़ा कदम से कदम मिलाऊं।”
पुणे ग्रैंड टूर: एक ऐतिहासिक आयोजन
आपको बता दें कि ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026’ भारत के साइकिलिंग इतिहास की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक है। यह 437 किलोमीटर लंबी रेस चार चरणों में विभाजित थी, जिसमें पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, मुल्शी, मावल और बारामती जैसे कठिन रास्ते शामिल थे। जहाँ प्रोफेशनल राइडर्स को इस रूट पर संघर्ष करना पड़ा, वहीं 65 की उम्र में आप्पा ने इसे बड़ी सहजता से पूरा कर दिखाया।
आज की पीढ़ी को दिया खास संदेश
आप्पा केवल साइकिल नहीं चला रहे, बल्कि वो आज की उस पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गए हैं जो छोटी-छोटी दिक्कतों में हार मान लेती है। आप्पा का कहना है कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है। अगर आप शारीरिक रूप से फिट हैं, तो आप दुनिया की किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर आप्पा की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि जीतने के लिए हमेशा महंगी मशीनों या गियर्स की जरूरत नहीं होती, कभी-कभी बस ‘इच्छाशक्ति’ ही काफी होती है। आज आप्पा पुणे ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक हीरो बन चुके हैं।
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