प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज के त्रिवेणी तट पर आज से ‘मिनी कुंभ’ यानी माघ मेला 2026 का शंखनाद हो गया है। कड़ाके की ठंड और सुबह के कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाई। शनिवार को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ ही डेढ़ महीने तक चलने वाले इस आध्यात्मिक उत्सव की शुरुआत हो गई है।
महाकुंभ के बाद अब माघ मेले की बारी: 15 करोड़ का अनुमान
साल 2025 के भव्य महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद यह पहला माघ मेला है। यही कारण है कि प्रशासन इस बार रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की उम्मीद कर रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार और मेला प्रशासन का मानना है कि इस साल श्रद्धालुओं की संख्या 2024 और उससे पहले के सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा हो सकती है। अनुमान जताया गया है कि पूरे मेले के दौरान लगभग 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम की रेती पर आएंगे। भारी भीड़ को देखते हुए इस बार मेला क्षेत्र का दायरा बढ़ाया गया है और गंगा नदी पर पीपे के पुलों (पांटुन ब्रिज) की संख्या में भी इजाफा किया गया है।
पहले ही दिन 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
मेला प्रशासन के मुताबिक, शनिवार को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर करीब 25 से 30 लाख लोगों के त्रिवेणी में डुबकी लगाने का अनुमान है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और तैयारियों का जायजा लिया। अफसरों का कहना है कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
क्या है स्नान का शुभ मुहूर्त?
तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल के अनुसार, पौष पूर्णिमा तिथि शुक्रवार शाम 6:12 बजे से शुरू हो गई थी, जो शनिवार (आज) शाम 4:03 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के महत्व के कारण शनिवार को पूरे दिन स्नान करना शुभ फलदायी माना जा रहा है। संगम तट पर सुबह से ही “हर-हर गंगे” के जयघोष गूंज रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का ‘कवच’ तैयार
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी तगड़ी घेराबंदी की है। मेले में किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए 30 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें से 20 सामान्य एंबुलेंस (108) हैं और 10 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस शामिल हैं, जो विशेष रूप से संगम नोज के पास मौजूद रहेंगी।
मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में:
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20-20 बेड के दो बड़े अस्पताल तैयार किए गए हैं।
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सभी सेक्टरों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एक्टिव हैं।
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एलोपैथिक के साथ-साथ चार आयुर्वेदिक अस्पताल भी बनाए गए हैं।
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SRN, बेली और कॉल्विन जैसे बड़े अस्पतालों में बेड रिजर्व रखे गए हैं।
सीएमओ डॉ. एके तिवारी ने बताया कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रामा सेंटर में भी अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में इलाज में देरी न हो।
अगर आप भी इस बार संगम की रेती पर कल्पवास या स्नान के लिए जा रहे हैं, तो प्रशासन की गाइडलाइन्स का पालन करें और आस्था के इस महापर्व का हिस्सा बनें।
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