PMFME Yojana 2026: ₹10 लाख सब्सिडी, आवेदन सितंबर तक

PMFME Yojana 2026 — सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई पर ₹10 लाख सब्सिडी बैनर

ताज़ा अपडेट (24 जून 2026): केंद्र सरकार ने PMFME योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है। मंत्रालय इसे पाँच और साल जारी रखने तथा सब्सिडी की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। पात्र उद्यमियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया फिलहाल खुली है।

PMFME Yojana 2026 के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने वाले उद्यमियों को परियोजना लागत पर 35% तक की क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख प्रति इकाई मिलती है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने इस योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है, यानी पात्र उद्यमियों के पास अभी आवेदन का अवसर खुला है।

यह केंद्र सरकार की प्रायोजित (centrally sponsored) योजना है, जिसे आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 29 जून 2020 को शुरू किया गया था। शुरुआत में इसकी अवधि 2020-21 से 2024-25 तक और कुल परिव्यय ₹10,000 करोड़ रखा गया था। मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि योजना को सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है और सरकार इसे अगले पाँच वर्षों तक संशोधित दिशानिर्देशों के साथ जारी रखने का प्रस्ताव ला रही है, जिसमें क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी की मौजूदा ₹10 लाख की ऊपरी सीमा बढ़ाने तथा महिला उद्यमियों और पहाड़ी क्षेत्रों की इकाइयों को प्राथमिकता देने जैसे बदलाव शामिल हैं।

यह योजना देश के 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है, जिनमें महाराष्ट्र भी शामिल है। One District One Product (ODOP) के तहत 726 जिलों के स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। महाराष्ट्र में इसी योजना के अंतर्गत राज्य-स्तरीय ब्रांड “BHIMTHADI” भी लॉन्च किया गया है।

विवरण जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना
शुरू की गई 29 जून 2020
शुरू करने वाली सरकार केंद्र सरकार (खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय)
लाभार्थी व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाई, SHG, FPO, सहकारी संस्थाएं
लाभ राशि परियोजना लागत का 35%, अधिकतम ₹10 लाख प्रति इकाई
SHG सीड कैपिटल ₹40,000 प्रति सदस्य
आवेदन मोड ऑनलाइन (और कुछ श्रेणियों के लिए ऑफलाइन)
आधिकारिक वेबसाइट pmfme.mofpi.gov.in
हेल्पलाइन 9254997101 से 9254997105

PMFME Yojana 2026 में ताज़ा अपडेट क्या है

आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल के अनुसार सरकार इसे अगले पाँच वर्षों तक जारी रखने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। प्रस्तावित बदलावों में क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी की ₹10 लाख की मौजूदा सीमा बढ़ाना और महिला उद्यमियों तथा पहाड़ी क्षेत्रों की इकाइयों को प्राथमिकता देना शामिल बताया गया है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के मंत्रालय के तहत यह योजना संचालित होती है। प्रस्ताव अभी विचाराधीन है, इसलिए संशोधित दिशानिर्देशों की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से ही करें।

PMFME योजना क्या है: उद्देश्य और लाभ

इस योजना का उद्देश्य देश के असंगठित क्षेत्र की मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देना, उन्हें आधुनिक बनाना और उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाना है। नीचे योजना के मुख्य लाभ एक साथ दिए गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस श्रेणी को कितनी सहायता मिलती है।

लाभ का प्रकार सहायता किसके लिए
क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी परियोजना लागत का 35%, अधिकतम ₹10 लाख व्यक्तिगत उद्यमी, प्रोप्राइटरशिप, साझेदारी फर्म आदि
सीड कैपिटल ₹40,000 प्रति सदस्य स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य
ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता कुल खर्च का 50% तक FPO, SHG, सहकारी संस्था, SPV
सामान्य अवसंरचना (Common Infrastructure) 35% क्रेडिट-लिंक्ड ग्रांट (अधिकतम सीमा के लिए आधिकारिक दिशानिर्देश देखें) समूह / सहकारी / SPV

आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार व्यक्तिगत इकाई के मामले में लाभार्थी को परियोजना लागत का कम से कम 10% हिस्सा स्वयं वहन करना होता है और शेष राशि बैंक ऋण के रूप में दी जाती है। सब्सिडी सीधे लाभार्थी को नकद नहीं मिलती, बल्कि ऋण मंज़ूर होने के बाद बैंक के माध्यम से ऋण खाते में समायोजित की जाती है। योजना में कौशल प्रशिक्षण भी शामिल है, जिसमें खाद्य सुरक्षा, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

पात्रता: किन्हें मिलेगा योजना का लाभ

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियां आवेदन कर सकती हैं:

योजना मौजूदा इकाइयों के उन्नयन (upgradation) और नई इकाइयों, दोनों के लिए सहायता देती है। ODOP और गैर-ODOP, दोनों प्रकार के खाद्य उत्पादों की परियोजनाएं स्वीकार की जाती हैं। हालांकि अनाज, मसालों या बाजरे की केवल खरीद-बिक्री (बिना प्रसंस्करण) जैसी गतिविधियां पात्र नहीं हैं।

ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप गाइड

  1. आधिकारिक पोर्टल pmfme.mofpi.gov.in पर जाएं।
  2. “Apply / New Registration” विकल्प चुनकर अपना पंजीकरण करें।
  3. आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से सत्यापन पूरा करें।
  4. व्यक्तिगत और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी भरें तथा आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  5. अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करके संलग्न करें। DPR तैयार करने में राज्य की नोडल एजेंसी और जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) मदद करते हैं।
  6. आवेदन सबमिट करें और Application ID सुरक्षित रखें, ताकि आप status ट्रैक कर सकें।
  7. आवेदन की जांच के बाद इसे संबंधित बैंक को भेजा जाता है। बैंक द्वारा ऋण मंज़ूर होने पर सब्सिडी का हिस्सा प्रक्रिया में आगे बढ़ता है।

महाराष्ट्र में आवेदन और मदद कहाँ से लें

महाराष्ट्र के व्यक्तिगत और समूह लाभार्थी इसी ऑनलाइन पोर्टल pmfme.mofpi.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। राज्य की नोडल एजेंसी और जिला स्तर पर नियुक्त जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) आवेदन तथा DPR तैयार करने में मदद करते हैं। मार्केटिंग और ब्रांडिंग प्रस्तावों के लिए राज्य नोडल एजेंसी की ओर से DPR तैयार करने हेतु सहायता का भी प्रावधान है। महाराष्ट्र में इसी योजना के तहत राज्य-स्तरीय ब्रांड “BHIMTHADI” लॉन्च किया जा चुका है, जो स्थानीय उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाने का उदाहरण है। ODOP सूची देखकर अपने जिले के लिए चिह्नित उत्पाद के आधार पर परियोजना चुनना फायदेमंद रहता है।

आम समस्याएं और ज़रूरी सावधानियाँ

आवेदन के दौरान कुछ सामान्य गलतियों से प्रक्रिया अटक सकती है। इनसे बचना ज़रूरी है:

  1. FSSAI पंजीकरण: खाद्य व्यवसाय के लिए FSSAI पंजीकरण ज़रूरी है, इसलिए आवेदन की प्रक्रिया के साथ ही यह काम शुरू कर दें।
  2. परियोजना लागत वास्तविक रखें: लागत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने से सब्सिडी नहीं बढ़ती, बल्कि मूल्यांकन के समय आवेदन अटक सकता है।
  3. नाम का मिलान: आधार और बैंक खाते में नाम की spelling एक जैसी होनी चाहिए, वरना भुगतान में देरी हो सकती है।
  4. पात्र उत्पाद चुनें: आवेदन से पहले यह पुष्टि कर लें कि आपका उत्पाद योजना के तहत पात्र गतिविधि में आता है।
  5. प्रशिक्षण का लाभ लें: योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण को न छोड़ें, इसमें खाद्य सुरक्षा और पैकेजिंग की व्यावहारिक जानकारी मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: PMFME योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाई को परियोजना लागत का 35% तक, अधिकतम ₹10 लाख प्रति इकाई क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी मिलती है।

प्रश्न 2: क्या योजना अभी खुली है या बंद हो गई है?

मंत्रालय के अनुसार योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है और इसे आगे जारी रखने का प्रस्ताव विचाराधीन है। आवेदन से पहले पोर्टल पर मौजूदा स्थिति ज़रूर जांच लें।

प्रश्न 3: क्या सब्सिडी सीधे खाते में मिलती है?

नहीं। यह क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी है, जो बैंक ऋण मंज़ूर होने के बाद बैंक के माध्यम से ऋण खाते में समायोजित की जाती है, सीधे नकद के रूप में नहीं दी जाती।

प्रश्न 4: स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य को क्या लाभ मिलता है?

आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार SHG के प्रत्येक सदस्य को छोटे उपकरण और कार्यशील पूंजी के लिए ₹40,000 की सीड कैपिटल सहायता का प्रावधान है।

प्रश्न 5: आवेदन कहाँ करें?

आवेदन आधिकारिक पोर्टल pmfme.mofpi.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है। महाराष्ट्र में जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) और राज्य नोडल एजेंसी इसमें मदद करते हैं।

प्रश्न 6: ODOP क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?

ODOP यानी One District One Product के तहत हर जिले के लिए एक प्रमुख उत्पाद चिह्नित किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह सूची 726 जिलों को कवर करती है। हालांकि गैर-ODOP उत्पादों की परियोजनाएं भी योजना के तहत स्वीकार की जाती हैं।

लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले अपने ज़रूरी दस्तावेज़ और DPR तैयार रखें तथा अपने जिले की ODOP सूची एक बार ज़रूर देख लें। योजना से जुड़ी ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट जांचते रहें। किसी सवाल या समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 9254997101 से 9254997105 पर संपर्क किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: केंद्र सरकार की अन्य योजनाएं

आधिकारिक जानकारी के लिए: PMFME आधिकारिक पोर्टल

यह जानकारी 24 जून 2026 तक की आधिकारिक सूचना पर आधारित है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें। BigNews18 किसी सरकारी योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं है।

लेखक

  • मयूर फाटक BigNews18.in के संस्थापक हैं। 2024 से वे महाराष्ट्र सरकारी योजना, MPSC भर्ती और केंद्र सरकारी योजनाओं पर हिंदी में शोध-आधारित लेख लिख रहे हैं। विशेषज्ञता: Ladki Bahin Yojana, PM Kisan, MPSC Rajyaseva, PM Awas Yojana। सभी जानकारी आधिकारिक सरकारी सूत्रों पर आधारित। 80+ लेख प्रकाशित। Maharashtra, India।

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