मोदी का बड़ा प्रहार: “हमने मुलायम और प्रणब दा को सम्मान दिया, कांग्रेस-सपा से ये उम्मीद करना भी बेकार”

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लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के खास मौके पर लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी के तेवर काफी हमलावर नजर आए। उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के संस्कार सबको साथ लेकर चलने और सम्मान देने के हैं, जबकि विपक्षी दलों ने हमेशा ‘राजनीतिक छुआछूत’ को बढ़ावा दिया है।

विरोधियों को सम्मान देना भाजपा के संस्कार

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही वे विपक्षी विचारधारा से थे, लेकिन एनडीए सरकार ने उन्हें उचित सम्मान दिया। उन्होंने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा, “एनडीए ने प्रणब मुखर्जी और मुलायम सिंह यादव को सम्मानित किया, लेकिन कांग्रेस या सपा से ऐसी गरिमा की उम्मीद कोई सपने में भी नहीं कर सकता।”

मोदी ने आरोप लगाया कि दिल्ली के संग्रहालयों में दशकों तक कई पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को सिर्फ इसलिए नजरअंदाज किया गया क्योंकि वे एक खास परिवार से नहीं थे। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली का ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ हर उस व्यक्ति के योगदान को नमन करता है जिसने देश की सेवा की, चाहे उसका कार्यकाल कितना भी छोटा क्यों न रहा हो।

यूपी में बदला कानून व्यवस्था का चेहरा

उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि यूपी से सांसद हैं। उन्होंने कहा, “एक समय था जब यूपी की चर्चा खराब कानून व्यवस्था और अपराध के लिए होती थी, लेकिन आज यूपी की पहचान ‘विकास’ और ‘सुशासन’ से होती है।” उन्होंने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि ये स्थल यूपी को नई वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।

अनुच्छेद 370 और अखंड भारत का सपना

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “दो विधान, दो निशान और दो प्रधान” की व्यवस्था भारत की अखंडता के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उनकी सरकार ने अनुच्छेद 370 की दीवार को गिराकर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान पूरी तरह लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है।

सुशासन: नारों से निकलकर हकीकत तक

पीएम मोदी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक ‘गरीबी हटाओ’ जैसे नारों को ही सुशासन मान लिया गया था। लेकिन अटल जी ने सुशासन को जमीन पर उतारा। डिजिटल इंडिया और टेलीकॉम क्रांति की नींव भी अटल जी के समय ही रखी गई थी।

सरकारी योजनाओं के कुछ प्रमुख आंकड़े:

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि आज गरीबों को मिलने वाला सीधा लाभ (DBT) और डिजिटल कनेक्टिविटी अटल जी के विजन का ही परिणाम है।

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