PM Fasal Bima Yojana 2026 के तहत खरीफ सीजन के लिए फसल बीमा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की इस योजना में किसान सिर्फ 2 प्रतिशत प्रीमियम देकर अपनी खरीफ फसल का बीमा करा सकते हैं, और बाकी प्रीमियम केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर भरती हैं। ज्यादातर राज्यों में आवेदन की अंतिम तारीख 31 जुलाई रहती है, हालांकि हर राज्य अपनी अधिसूचना में अलग कट-ऑफ तारीख तय करता है।
इस साल योजना में एक बड़ा बदलाव भी हुआ है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बताया कि अब अगर बीमा कंपनी 21 दिनों के भीतर क्लेम का भुगतान नहीं करती, तो उसे किसान को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि देनी होगी। राज्य सरकार की देरी पर भी यही नियम लागू होगा। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस कदम का मकसद किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से क्लेम दिलाना है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
| शुरू की गई | 2016 |
| शुरू करने वाली सरकार | केंद्र सरकार (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय) |
| लाभार्थी | देश के खरीफ और रबी फसल उगाने वाले किसान |
| किसान प्रीमियम | खरीफ 2%, रबी 1.5%, वाणिज्यिक/बागवानी 5% |
| आवेदन मोड | ऑनलाइन (pmfby.gov.in) / CSC / बैंक |
| खरीफ अंतिम तारीख | आमतौर पर 31 जुलाई (राज्य अधिसूचना के अनुसार) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmfby.gov.in |
| हेल्पलाइन | 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल) |
PM Fasal Bima Yojana 2026 में क्या है ताज़ा अपडेट
केंद्र सरकार ने इस बार क्लेम भुगतान को तेज़ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। कृषि मंत्रालय के अनुसार खरीफ 2024 से ही यह व्यवस्था लागू है कि क्लेम भुगतान में देरी होने पर बीमा कंपनी को 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा, और इस साल इसकी निगरानी और सख्त की गई है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसान क्लेम से जुड़ी किसी भी शिकायत को कृषि रक्षक पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं और टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। हर शिकायत पर एक टिकट नंबर मिलता है, जिससे किसान अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
क्लेम प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार DigiClaim मॉड्यूल और सैटेलाइट तथा ड्रोन आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिससे नुकसान का आकलन तेज़ी से होता है और भुगतान सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।
योजना क्या है: पात्रता और कवरेज
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना है, जिसे 2016 में शुरू किया गया था। प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, आग, कीट या बीमारी से फसल खराब होने पर इस योजना के तहत किसानों को आर्थिक मुआवज़ा मिलता है। PMFBY पोर्टल के अनुसार यह कवर बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक की अवधि पर लागू होता है।
देश का कोई भी किसान, जिसने अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल बोई है, इस योजना के लिए पात्र है। इसमें अपनी ज़मीन पर खेती करने वाले किसान, बटाईदार और किरायेदार किसान सभी शामिल हैं। बटाईदार और किरायेदार किसानों को पटवारी या कृषि विभाग से जारी बुवाई/पेरणी प्रमाणपत्र अपलोड करना होता है।
कितना प्रीमियम देना होगा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत बेहद कम प्रीमियम है। किसान को फसल के प्रकार के हिसाब से तय हिस्सा ही देना होता है, बाकी पूरा प्रीमियम सरकार वहन करती है।
| फसल का प्रकार | किसान का प्रीमियम हिस्सा |
|---|---|
| खरीफ फसलें | बीमित राशि का 2% |
| रबी फसलें | बीमित राशि का 1.5% |
| वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलें | बीमित राशि का 5% |
आधिकारिक जानकारी के अनुसार शेष actuarial प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार 50:50 के अनुपात में भरती हैं। पूर्वोत्तर तथा हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है। बीमित राशि और सटीक प्रीमियम फसल, ज़िले और राज्य के अनुसार बदलती है, जिसे किसान pmfby.gov.in पर प्रीमियम कैलकुलेटर से जाँच सकते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़ और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें
आवेदन से पहले ये दस्तावेज़ तैयार रखें: आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक, ज़मीन के दस्तावेज़ (खसरा/गट नंबर, 7/12 व 8अ उतारा), और बोई गई फसल की जानकारी। बटाईदार किसानों के लिए पेरणी प्रमाणपत्र ज़रूरी है। ध्यान रहे कि e-KYC अनिवार्य है, इसलिए आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए।
- pmfby.gov.in (राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल) पर जाएं।
- “Farmer Corner” पर क्लिक करें। पहली बार आवेदन करने वाले किसान “Guest Farmer” विकल्प चुनें।
- नाम, पता और आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें, फिर OTP से सत्यापन करें।
- लॉगिन के बाद current सीजन (Kharif 2026) और योजना चुनें।
- ज़मीन का खसरा/गट नंबर और बोई गई फसल की जानकारी भरें।
- ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें और 2% प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान करें।
- भुगतान के बाद application receipt डाउनलोड कर सुरक्षित रखें। इसी नंबर से आगे status चेक होगा।
महाराष्ट्र के किसान कहाँ और कैसे करें आवेदन
महाराष्ट्र में भी PMFBY लागू है और राज्य के लाखों किसान इसका लाभ उठाते हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2023-24 से “एक रुपयात पीक विमा” मॉडल चलाया था, जिसमें किसान का हिस्सा राज्य सरकार वहन करती थी। मौजूदा खरीफ सीजन के लिए किसान का प्रीमियम हिस्सा और अंतिम तारीख राज्य की अधिसूचना में तय होती है, इसलिए आवेदन से पहले राज्य कृषि विभाग की अधिसूचना ज़रूर देखें।
महाराष्ट्र के किसान pmfby.gov.in के अलावा नज़दीकी CSC center, बैंक शाखा या कृषि विभाग कार्यालय से भी आवेदन कर सकते हैं। मराठवाड़ा और विदर्भ के सोयाबीन, कपास तथा तूर उगाने वाले किसानों के लि
