इस्लामाबाद: पाकिस्तान के एक बड़े मंत्री के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है। आसिफ ने सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि अमेरिका को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘किडनैप’ कर लेना चाहिए और उन पर अपने ही देश की अदालत में मुकदमा चलाना चाहिए। पाकिस्तानी मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और हमास के बीच युद्ध को लेकर दुनिया भर में तनाव बढ़ा हुआ है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो जैसा हो हश्र
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने यह विवादित बयान एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान दिया। उन्होंने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का उदाहरण दिया। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के जरिए मादुरो को पकड़ा था। इसी का जिक्र करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा, “अगर अमेरिका न्याय की बात करता है, तो उसे नेतन्याहू के साथ भी वैसा ही करना चाहिए जैसा उसने मादुरो के साथ किया। नेतन्याहू को अगवा कर अमेरिका ले जाना चाहिए और वहां की अदालतों में उनके गुनाहों का हिसाब होना चाहिए।”
इंसानियत के सबसे बड़े गुनहगार हैं नेतन्याहू: ख्वाजा आसिफ
इंटरव्यू के दौरान ख्वाजा आसिफ यहीं नहीं रुके। उन्होंने नेतन्याहू को ‘इंसानियत का सबसे बड़ा अपराधी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों में किसी भी कौम ने फिलिस्तीनियों के साथ वैसा जुल्म नहीं किया है जैसा इजरायल ने किया है। आसिफ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने पहले ही नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी कर रखा है, ऐसे में दुनिया के ताकतवर देशों को उन्हें सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तुर्की नेतन्याहू को अगवा करने की हिम्मत दिखाता है, तो पूरा पाकिस्तान उनके लिए दुआ करेगा।
लाइव शो में मच गया हड़कंप, रोकना पड़ा इंटरव्यू
जब ख्वाजा आसिफ जियो न्यूज के जाने-माने पत्रकार हामिद मीर के शो में यह बातें कह रहे थे, तो एंकर खुद भी हैरान रह गए। मंत्री जी की बातों की गंभीरता को देखते हुए हामिद मीर ने बीच में ही उन्हें टोक दिया। मीर ने कहा कि रक्षा मंत्री की बातों से ऐसा लग सकता है कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कोई टिप्पणी कर रहे हैं। मामला बढ़ता देख एंकर ने तुरंत ब्रेक ले लिया ताकि बात और ज्यादा न बिगड़े।
पाकिस्तान और इजरायल के बीच तल्खी पुरानी
मालूम हो कि पाकिस्तान और इजरायल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान हमेशा से ही फिलिस्तीन का मुखर समर्थक रहा है और इजरायल को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देता। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का यह बयान उसी पुरानी कड़वाहट का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, जिस तरह से उन्होंने ‘अपहरण’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, उससे डिप्लोमेटिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि को और ज्यादा आक्रामक दिखाना चाहता है। वहीं दूसरी ओर, इजरायल ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है और अपनी कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया है। अब देखना यह होगा कि अमेरिका या इजरायल की तरफ से इस तीखे बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
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