भारत की बढ़ी टेंशन! पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच ‘सीक्रेट’ डिफेंस डील की तैयारी, क्या शुरू होगा टू-फ्रंट वॉर?

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दक्षिण एशिया की राजनीति में एक ऐसा बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर बल ला दिए हैं। खबर है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश बहुत जल्द एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते (Defense Pact) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। यह समझौता न केवल दोनों देशों के सैन्य रिश्तों को नई दिशा देगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के पावर बैलेंस को भी हिलाकर रख सकता है।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और सेना के आला अधिकारियों के हालिया ढाका दौरों के बाद इस ‘सीक्रेट’ डील की खबरें तेज हो गई हैं। जानकार इसे भारत को घेरने की एक बड़ी रणनीतिक बिसात के तौर पर देख रहे हैं।

सऊदी अरब की तर्ज पर होगी ये ‘महाडील’

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस्लामाबाद और ढाका ने एक ‘जॉइंट मैकेनिज्म’ तैयार किया है। इस टीम का काम समझौते के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देना है। बताया जा रहा है कि यह समझौता ठीक वैसा ही होगा जैसा पाकिस्तान का सऊदी अरब के साथ है। इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं ट्रेनिंग, हथियारों की खरीद-बिक्री और रणनीतिक सूचनाएं साझा करने में एक-दूसरे का साथ देंगी।

चुनाव के बाद लग सकती है मुहर

राजनयिक सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश का सैन्य प्रतिष्ठान इस समझौते को लेकर काफी उत्साहित है। दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच कई दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। हालांकि, इस समझौते के आधिकारिक ऐलान में थोड़ा वक्त लग सकता है। माना जा रहा है कि अंतिम ड्राफ्ट बांग्लादेश के आम चुनावों के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। बांग्लादेश में अगले साल फरवरी 2025 में चुनाव होने हैं, और नई सरकार ही इस पर अंतिम मुहर लगाएगी।

भारत के लिए ‘टू-फ्रंट वॉर’ का खतरा?

पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और बांग्लादेश की थल सेना, वायु सेना और नौसेना के अधिकारियों के बीच मुलाकातों का सिलसिला अचानक बढ़ गया है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के आने के बाद से ही पाकिस्तान की ढाका में सक्रियता काफी बढ़ी है।

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘टू-फ्रंट वॉर’ (दो मोर्चों पर युद्ध) की स्थिति है। पाकिस्तान हमेशा से भारत को पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं से घेरने की कोशिश करता रहा है।

हालांकि, ढाका की अंतरिम सरकार ने बार-बार कहा है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ता यह ‘सैन्य प्रेम’ भारत की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा रेड सिग्नल है। रक्षा विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह समझौता दक्षिण एशिया में भारत के दबदबे को चुनौती देने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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