पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से एक बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने पाकिस्तानी सेना पर एक के बाद एक कई भीषण हमले किए हैं, जिसमें सेना के 9 जवान मारे गए हैं। इन हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने ली है। बीएलए ने दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने अकेले 6 सैनिकों को मौत के घाट उतारा है, जबकि बीएलएफ ने 3 जवानों को मारने की बात कही है।
रेलवे ट्रैक पर बिछाया मौत का जाल
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह हमले बीते सप्ताह के अंत में क्वेटा, कच्ची और केच जिलों में किए गए। सबसे घातक हमला बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके ‘डाघारी’ में हुआ।
दावे के मुताबिक, शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना के जवान डाघारी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक की सफाई और सुरक्षा जांच करने के बाद एक जगह आराम करने बैठे थे। लड़ाकों ने पहले से ही वहां रिमोट कंट्रोल IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट कर रखा था। जैसे ही जवान घेरे में आए, जोरदार धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में 4 सैनिक मौके पर ही ढेर हो गए और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
रॉकेट और ऑटोमैटिक हथियारों से बोला धावा
क्वेटा के अलावा अन्य जिलों में भी पाकिस्तानी फौज को भारी नुकसान पहुंचा है।
कच्ची जिला: शुक्रवार शाम को धादर के कलामुद्दीन इलाके में पाकिस्तानी सैनिक अपनी पोस्ट से बाहर निकल रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे BLA लड़ाकों ने उन पर ऑटोमैटिक हथियारों और रॉकेट से हमला कर दिया।
केच जिला: शुक्रवार रात को ही केच के कुलाग (सामी) इलाके में सेना की एक चेक पोस्ट को निशाना बनाया गया। रॉकेट दागे जाने और भारी गोलीबारी में 2 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई घायल हुए।
पाकिस्तानी सेना का जवाबी पलटवार
एक तरफ जहां बलूचिस्तान में सेना को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (ISPR) ने भी अपना बयान जारी किया है। सेना का दावा है कि उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाकर 9 आतंकवादियों को मार गिराया है।
पाकिस्तानी सेना इन विद्रोहियों के लिए ‘फितना अल-ख्वारिज’ शब्द का इस्तेमाल कर रही है, जो मुख्य रूप से प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े लड़ाकों के लिए उपयोग किया जाता है।
डेरा इस्माइल खान: खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए पहले ऑपरेशन में 4 आतंकी मारे गए।
बन्नू जिला: दूसरे बड़े ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने 5 और लड़ाकों को ढेर कर दिया।
बलूचिस्तान में क्यों बढ़ रही है हिंसा?
बलूचिस्तान में पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी सेना और बलूच विद्रोहियों के बीच जंग तेज हो गई है। विद्रोही समूह इस इलाके के संसाधनों पर पाकिस्तान के कब्जे और मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं। हालिया हमलों ने यह साफ कर दिया है कि भारी सुरक्षा के बावजूद अलगाववादी समूह अब सीधे सेना की चौकियों और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं।
फिलहाल, पूरे बलूचिस्तान में तनाव का माहौल है और पाकिस्तानी सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
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