जब ओशो ने महेश भट्ट को दी ‘बर्बाद’ करने की धमकी! विनोद खन्ना ने फोन कर कहा था- ‘वापस आ जाओ वरना…’

जब ओशो ने महेश भट्ट को दी 'बर्बाद' करने की धमकी! विनोद खन्ना ने फोन कर कहा था- 'वापस आ जाओ वरना...'

बॉलीवुड में दोस्ती, दुश्मनी और विवादों के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था जब फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज महेश भट्ट को ‘बर्बाद’ करने की धमकी मिली थी? और यह धमकी किसी अंडरवर्ल्ड डॉन ने नहीं, बल्कि खुद को भगवान कहने वाले ओशो रजनीश ने दी थी। इस धमकी के बीच में फंसे थे सुपरस्टार विनोद खन्ना

आइए जानते हैं उस खौफनाक किस्से के बारे में जिसने उस वक्त पूरी फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी मचा दी थी।

स्टारडम की ऊंचाई पर जब ‘स्वामी’ बन गए विनोद खन्ना

यह बात 70 के दशक के आखिरी सालों की है। विनोद खन्ना उस दौर में अमिताभ बच्चन के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी थे। लेकिन अचानक उन्होंने वो किया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। करियर के शिखर पर विनोद खन्ना ने चकाचौंध छोड़ दी और ओशो के शिष्य बन गए। वे सब कुछ छोड़कर अमेरिका के ओरेगन में ‘रजनीशपुरम’ चले गए। वहां वे बगीचे में माली का काम करते थे और खुद को ‘स्वामी विनोद भारती’ कहने लगे थे।

लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि विनोद खन्ना को ओशो के पास ले जाने वाले कोई और नहीं, बल्कि महेश भट्ट ही थे।

जब महेश भट्ट ने टॉयलेट के कमोड में फेंकी ‘माला’

महेश भट्ट ने अरबाज खान के शो में बताया था कि एक वक्त वो खुद भी ओशो के कट्टर भक्त बन गए थे। वे दिन में कई बार मेडिटेशन करते और भगवा कपड़े पहनते थे। लेकिन जल्द ही उन्हें इस सबमें पाखंड नजर आने लगा।

भट्ट ने बताया, “मुझे लगा कि मैं खुद से झूठ बोल रहा हूं। मेरे भीतर अभी भी वही गुस्सा और जलन है, तो मैं यह पवित्र माला पहनकर क्या साबित करना चाह रहा हूं?” गुस्से और हताशा में महेश भट्ट ने अपनी ओशो वाली माला तोड़ी और उसे बाथरूम के कमोड में डालकर फ्लश कर दिया। बस यहीं से बवाल शुरू हुआ।

विनोद खन्ना का वो रहस्यमयी फोन कॉल

जब यह बात ओशो तक पहुंची, तो वे आगबबूला हो गए। महेश भट्ट ने खुलासा किया कि उन्हें विनोद खन्ना का फोन आया, जो उस वक्त ओशो के बेहद करीब थे। विनोद खन्ना ने फोन पर कहा— “भगवान (ओशो) बहुत ज्यादा गुस्से में हैं। तुमने माला तोड़कर कमोड में फेंक दी, यह बहुत बड़ी गलती है।”

महेश भट्ट अपनी बात पर अड़े रहे, तब विनोद खन्ना ने अपनी आवाज धीमी की और एक ऐसी बात कही जिसने भट्ट के होश उड़ा दिए। विनोद ने कहा, “भगवान ने कहा है कि महेश से कहो वापस आए और माला खुद सौंपे, वरना वो तुम्हें बर्बाद कर देंगे।”

ओशो ने महेश भट्ट को क्यों कहा ‘चूहा’?

ओशो की नाराजगी सिर्फ धमकी तक नहीं रुकी। उन्होंने अपनी किताब ‘द 99 नेम्स ऑफ नथिंगनेस’ में महेश भट्ट पर जमकर निशाना साधा। ओशो ने लिखा कि महेश भट्ट अपनी गर्लफ्रेंड के मोह में फंसकर वापस भाग गए। उन्होंने भट्ट के लिए ‘चूहा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और लिखा कि जब कोई पुरुष अपनी शक्ति खो देता है और औरतों की चालों में फंस जाता है, तो वह ‘शेर’ से ‘चूहा’ बन जाता है।

टूटे हुए लौटे थे विनोद खन्ना

महेश भट्ट तो ओशो से अलग हो गए, लेकिन विनोद खन्ना सालों तक वहां रहे। हालांकि, जब वे ओरेगन से वापस लौटे, तो वे पहले जैसे नहीं थे। महेश भट्ट ने बताया कि जिस रात विनोद वापस आए, उन्होंने साथ बैठकर शराब पी थी। भट्ट के मुताबिक, “विनोद पूरी तरह टूट चुके थे। उनकी आंखों की वो चमक जा चुकी थी।” विनोद खन्ना ने बाद में खुद माना था कि आध्यात्मिकता का यह रास्ता उनके लिए व्यावहारिक नहीं था।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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