मुंबई में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। कई इलाके पानी में डूब चुके हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार शाम को हालात और बिगड़ गए जब मैसूर कॉलोनी गेट के पास चल रही मुंबई मोनोरेल अचानक पटरी से उतर गई। हादसे की वजह बिजली सप्लाई में आई बड़ी खराबी थी। MMRDA की टीम हालात पर काबू पाने की पूरी कोशिश कर रही है, ताकि जल्द से जल्द सेवाएं शुरू की जा सकें।
जैसे ही ट्रेन ट्रैक पर रुकी, यात्रियों ने बीएमसी की इमरजेंसी हेल्पलाइन पर कॉल किया। तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम तीन स्नोर्कल व्हीकल्स के साथ मौके पर पहुंची और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। MMRDA ने बताया कि मैसूर कॉलोनी के पास एलीवेटेड ट्रैक पर बिजली कट गई थी, इसी कारण मोनोरेल वहीं फंस गई थी। गनीमत रही कि समय रहते सभी की जान बचा ली गई और ट्रैक ठीक करने का काम शुरू हो गया है।
मुंबई और आसपास बरसी आफत
बारिश सिर्फ ट्रेनों ही नहीं, बल्कि पूरी मुंबई में आफत बनकर आई है। महाराष्ट्र के पश्चिमी भाग में 15 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 से 14 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। अगले दो-तीन दिन तक राहत की उम्मीद भी कम ही है। नांदेड़ जिले के मुखेड़ में चार लोगों की मौत और एक लापता व्यक्ति के मरने की संभावना जताई गई है।
सेना और राहत दलों का डबल एक्शन
पूरी ताकत के साथ NDRF, SDRF और भारतीय सेना लोगों की जान बचाने में जुटी है। पालघर, वसई-नालासोपारा-विरार जैसे आस-पास के इलाके तो पूरी तरह डूब चुके हैं। यहां 497 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में 1,000 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सड़कों पर इतना पानी भर गया है कि जगह-जगह ट्रैफिक जाम लग गया है, वहीं वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हैं।
कई इलाकों में ऑरेंज और रेड अलर्ट
रविवार से मंगलवार के बीच मुंबई और उसके आसपास के कई इलाकों में 600मिमी. से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। BMC ने भीड़भाड़ वाले दर्जन भर इलाकों में राहत और अलर्ट जारी किया है। बुधवार के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ एक्टिव है, जबकि कई ज़िलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी है।
सरकार का बड़ा फैसला, दफ्तरों में छुट्टी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। मुंबई में जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों में छुट्टी का ऐलान हो गया है। निजी कंपनियों से अपील की गई है कि वे अपने स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम दें। मुंबई हाई कोर्ट का काम भी आधे दिन में बंद कर दिया गया है।
कहां कितनी बारिश
BMC की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार से मंगलवार के बीच सिर्फ 24 घंटे में कई इलाकों में 300मिमी. से ज्यादा बारिश हुई है। चिंचोली फायर स्टेशन (361मिमी.), कांदिवली (337मिमी.), डिंडोशी (305मिमी.), मागाठाणे (304मिमी.), दादर (300मिमी.), चेंबूर (297मिमी.) में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई।
रेलवे, एयरपोर्ट सब हुए ठहर
मुंबई की लाइफलाइन माने जाने वाली लोकल ट्रेन और एयरपोर्ट भी बारिश के आगे बेबस नजर आए। पश्चिम और मध्य रेलवे दोनों की सेवाएं घंटों तक ठप रहीं। लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर पड़ा। फंसे यात्रियों को पानी, चाय और खाना बीएमसी ने उपलब्ध कराया। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे पर पानी भरने से फ्लाइट्स का शेड्यूल गड़बड़ा गया।
मुंबई की मानसून आफत अभी रुकने का नाम नहीं ले रही। ऐसे में प्रशासन और राहत दल हर मोर्चे पर डटे हैं, ताकि हर किसी की सुरक्षा की गारंटी दी जा सके।
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