मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब सिर्फ सरहदों तक सीमित नहीं रह गई है। रूस की राजधानी मॉस्को में पिछले कुछ दिनों से जो हो रहा है, उसने पुतिन सरकार की नींद उड़ा दी है। अभी रूसी जनरल फानिल सरवारोव की कार बम धमाके में हुई मौत का मातम खत्म भी नहीं हुआ था कि दक्षिणी मॉस्को एक बार फिर धमाकों की गूँज से दहल उठा है। ताजा मामले में दो पुलिस अधिकारियों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है।
ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हुआ बड़ा धमाका
रूस की जांच समिति (Investigative Committee) के मुताबिक, यह खौफनाक घटना बुधवार तड़के हुई। ट्रैफिक पुलिस के दो युवा अधिकारी एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। जैसे ही अधिकारी अपनी सर्विस वैन के पास खड़े उस संदिग्ध के करीब पहुंचे, तभी वहां रखा एक शक्तिशाली विस्फोटक डिवाइस (IED) फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि अधिकारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
अस्पताल में तोड़ा दम, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
समिति ने जानकारी दी है कि घायल पुलिस अधिकारियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस धमाके में संदिग्ध या उसके पास खड़े एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हो गई है। मारे गए पुलिस अधिकारियों की उम्र महज 24 और 25 साल थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से एक अधिकारी शादीशुदा थे और उनका एक छोटा बच्चा भी है। इस घटना ने पूरे रूस को झकझोर कर रख दिया है।
चश्मदीदों की जुबानी: ‘हिल गई पूरी इमारत’
धमाके की तीव्रता का अंदाजा स्थानीय लोगों के बयानों से लगाया जा सकता है। घटनास्थल के पास रहने वाले अलेक्जेंडर ने बताया कि धमाका बिल्कुल वैसा ही था जैसा कुछ दिन पहले कार बम विस्फोट के दौरान सुना गया था। वहीं, रोजा नाम की महिला ने कहा कि वह सुबह गहरी नींद में थीं, तभी एक जोरदार आवाज हुई और उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनकी पूरी बिल्डिंग ही हिल गई हो।
जनरल सरवारोव की हत्या से जुड़े हैं तार?
हैरानी की बात यह है कि यह नया धमाका उसी येल्त्सकाया स्ट्रीट के पास हुआ है, जहां सोमवार को रूसी जनरल फानिल सरवारोव की हत्या की गई थी। जनरल सरवारोव रूसी जनरल स्टाफ में ऑपरेशनल ट्रेनिंग विभाग के प्रमुख थे। उनकी गाड़ी के नीचे बम लगाकर उन्हें निशाना बनाया गया था। रूसी जांचकर्ताओं का दावा है कि जनरल की हत्या के पीछे यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों का हाथ था।
रूस के अंदर बढ़ता ‘खतरे’ का साया
जब से फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया है, तब से रूस के सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों और मॉस्को जैसे शहरों में हमले बढ़ गए हैं। अब तक कई रूसी जनरल, स्थानीय नेता और युद्ध का समर्थन करने वाले चेहरों को निशाना बनाया जा चुका है। हालांकि यूक्रेन अक्सर इन हमलों पर चुप्पी साधे रहता है, लेकिन रूस का सीधा आरोप है कि यूक्रेन अब सीधे मॉस्को के अंदर घुसकर ‘टारगेट किलिंग’ कर रहा है।
फिलहाल, रूसी सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और मामले की जांच ‘आतंकी साजिश’ और ‘विस्फोटकों की अवैध तस्करी’ के एंगल से की जा रही है। लेकिन इन लगातार होते धमाकों ने मॉस्को की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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