कोलकाता/नादिया: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलिकॉप्टर खराब मौसम और कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण नादिया जिले के ताहिरपुर में लैंड नहीं कर सका। काफी देर तक आसमान में चक्कर काटने के बाद, सुरक्षा कारणों से पायलट ने हेलिकॉप्टर को वापस कोलकाता ले जाने का फैसला किया। हालांकि, पीएम मोदी ने अपने समर्थकों को निराश नहीं किया और फोन के जरिए ही हुंकार भरी।
आसमान में मंडराता रहा हेलिकॉप्टर, फिर लौटना पड़ा वापस
तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को सुबह करीब 11:15 बजे ताहिरपुर पहुंचना था। वह सुबह 10:40 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए नादिया के लिए रवाना हुए। लेकिन जैसे ही हेलिकॉप्टर ताहिरपुर के ऊपर पहुंचा, वहां छाई धुंध और खराब मौसम ने लैंडिंग में बाधा डाल दी। अधिकारियों के मुताबिक, काफी देर तक हेलिकॉप्टर रैली स्थल के ऊपर मंडराता रहा, लेकिन पायलट को नीचे का क्लियर व्यू नहीं मिला। अंततः सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए हेलिकॉप्टर को वापस दमदम एयरपोर्ट (कोलकाता) ले जाया गया।
ग्राउंड जीरो पर मची अफरातफरी, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
ताहिरपुर के नेताजी पार्क में पीएम मोदी का इंतजार कर रही भीड़ के बीच जैसे ही देरी की खबर पहुंची, वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। भारी संख्या में लोग रैली स्थल के बाहर जमा हो गए और अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया। लोग अपने नेता की एक झलक पाने के लिए बेताब थे, जिससे वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा।
फोन पर गर्जे मोदी: “ममता सरकार के दिन अब गिनती के”
भले ही पीएम मोदी शारीरिक रूप से मंच पर नहीं पहुंच पाए, लेकिन उन्होंने फोन कॉल के जरिए ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। पीएम ने कहा, “बंगाल की जनता अब टीएमसी के अत्याचार, लूट और डर के शासन से तंग आ चुकी है। भाजपा ही राज्य में आशा की एकमात्र किरण है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बंगाल के विकास के लिए भाजपा को एक मौका दें।
इससे पहले मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी राज्य सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा कि केंद्र की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचने में राज्य सरकार रोड़े अटका रही है।
मटुआ समुदाय और विकास परियोजनाओं पर थी नजर
पीएम मोदी का यह दौरा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। ताहिरपुर और राणाघाट का यह इलाका मटुआ समुदाय का गढ़ है। यह समुदाय हाल के दिनों में मतदाता सूची से नाम कटने की खबरों को लेकर चिंतित है। पीएम का यहां आना इस वोट बैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश थी।
इसके अलावा, पीएम को 3,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देनी थी। इसमें कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नेशनल हाईवे-34 (NH-34) के अहम हिस्सों का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल था।
भले ही मौसम ने आज बाधा डाली हो, लेकिन पीएम मोदी के फोन संदेश ने समर्थकों में जोश भर दिया है। अब देखना यह है कि भाजपा इस ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ के जरिए आगामी चुनावों में कितनी बढ़त बना पाती है।
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