नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इन दिनों एक नई जंग छिड़ गई है। अभी तक हम ChatGPT और Google Gemini के बीच मुकाबला देख रहे थे, लेकिन अब सोशल मीडिया किंग मार्क जुकरबर्ग ने एक ऐसी चाल चली है जिससे पूरी टेक इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है। मेटा (Meta) अब ‘Mango AI’ (मैंगो) नाम का एक नया और बेहद पावरफुल AI मॉडल तैयार कर रहा है, जो सीधे तौर पर Google के ‘Nano Banana’ और OpenAI के ‘Sora’ जैसे दिग्गजों को चुनौती देने वाला है।
क्या है ‘Mango’ AI और क्यों हो रही है इतनी चर्चा?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के भीतर दो गुप्त प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। इनके कोडनेम ‘Mango’ और ‘Avocado’ रखे गए हैं। ‘Mango’ मॉडल विशेष रूप से हाई-क्वालिटी इमेज और वीडियो जनरेशन पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य उन क्रिएटिव टूल्स को पछाड़ना है जो फिलहाल मार्केट में राज कर रहे हैं।
कहा जा रहा है कि 2026 की पहली छमाही तक इसे आम जनता के लिए पेश कर दिया जाएगा। यह मॉडल केवल साधारण वीडियो ही नहीं बनाएगा, बल्कि इसमें ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसे ‘वर्ल्ड मॉडल्स’ (World Models) कहा जाता है। यानी यह AI केवल शब्दों को नहीं समझेगा, बल्कि भौतिक दुनिया की समझ भी रखेगा।
‘Avocado’ भी है कतार में
सिर्फ वीडियो ही नहीं, जुकरबर्ग की नजर कोडिंग और रीजनिंग पर भी है। इसके लिए मेटा ‘Avocado’ नाम का एक नया लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) तैयार कर रहा है। अक्सर देखा गया है कि मेटा का मौजूदा Llama मॉडल कोडिंग के मामलों में OpenAI और Anthropic से थोड़ा पीछे रह जाता है। ‘Avocado’ को इसी कमी को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह जटिल तकनीकी समस्याओं को सुलझाने और हाई-लेवल प्रोग्रामिंग में माहिर होगा।
28 साल के ‘AI वंडरकिड’ संभाल रहे हैं कमान
मेटा ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया है। कंपनी ने करीब 14-15 अरब डॉलर की भारी-भरकम डील के जरिए Alexandr Wang को अपना चीफ AI ऑफिसर नियुक्त किया है। महज 28 साल के वांग, जो ‘Scale AI’ के संस्थापक हैं, अब मेटा की नई डिवीजन ‘Meta Superintelligence Labs’ (MSL) का नेतृत्व कर रहे हैं।
खबरों की मानें तो जुकरबर्ग ने खुद इस टीम को बनाने में दिलचस्पी ली है और OpenAI के 20 से ज्यादा टॉप वैज्ञानिकों को तोड़कर अपनी टीम में शामिल किया है। इस ‘सुपर टीम’ का लक्ष्य मेटा को AI की रेस में दोबारा नंबर वन बनाना है।
Google और OpenAI के लिए कितनी बड़ी चुनौती?
फिलहाल Google का ‘Nano Banana’ इमेज जनरेशन के मामले में सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वहीं OpenAI का ‘Sora’ वीडियो मेकिंग की दुनिया में क्रांति लाने का दावा करता है। मेटा के ‘Mango’ के आने से यह मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा। मेटा का सबसे बड़ा फायदा उसके अरबों यूजर्स हैं। Facebook, Instagram और WhatsApp के जरिए मेटा अपने नए AI मॉडल्स को सीधे करोड़ों लोगों की उंगलियों तक पहुंचा सकता है, जो Google या OpenAI के लिए एक बड़ी सिरदर्दी साबित हो सकता है।
कब होगा लॉन्च?
मेटा के आंतरिक दस्तावेजों के अनुसार, Mango और Avocado दोनों को 2026 के शुरुआती महीनों में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, तकनीकी विकास के कारण तारीखों में बदलाव भी संभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जुकरबर्ग का यह दांव सही बैठा, तो 2026 तक हम सोशल मीडिया ऐप्स पर ऐसी AI तकनीक देखेंगे जिसकी आज हम सिर्फ कल्पना कर सकते हैं।
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