मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) की पिच हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है, लेकिन इस बार बॉक्सिंग डे टेस्ट में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस और खुद पिच बनाने वाले क्यूरेटर को भी हिला कर रख दिया। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले के पहले ही दिन जब 20 विकेट गिर गए, तो स्टेडियम में मौजूद दर्शक ही नहीं, बल्कि पिच क्यूरेटर मैथ्यू पेज भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे।
‘मैं सदमे की स्थिति में था’
मैच के पहले दिन की समाप्ति के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एमसीजी के मुख्य पिच क्यूरेटर मैथ्यू पेज ने स्वीकार किया कि खेल का रुख देखकर वह पूरी तरह से “शॉक” में थे। आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट में पांच दिनों तक रोमांच की उम्मीद की जाती है, लेकिन मेलबर्न की इस पिच ने बल्लेबाजों के लिए ऐसी चुनौती पेश की कि मैच मात्र दो दिनों के भीतर ही खत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच भले ही जीत लिया, लेकिन पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
28 दिसंबर को प्रेस से बात करते हुए मैथ्यू पेज ने कहा, “पहले दिन के खेल के बाद मैं सदमे की स्थिति में था। हमने एक ऐसी पिच तैयार करने की कोशिश की थी जो रोमांचक हो, लेकिन यह उम्मीद से कहीं ज्यादा घातक साबित हुई।”
10mm घास का दांव पड़ा उल्टा?
पिच क्यूरेटर ने खुलासा किया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पिच पर घास की मात्रा बढ़ाई गई थी। पिछले साल मेलबर्न की पिच पर 7mm घास छोड़ी गई थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 10mm कर दिया गया। मैथ्यू पेज को उम्मीद थी कि इससे गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलेगी और खेल में संतुलन बना रहेगा। लेकिन यह 3mm का अंतर बल्लेबाजों के लिए ‘काल’ बन गया।
पिच पर अतिरिक्त नमी और घास के कारण गेंद इतनी ज्यादा हरकत कर रही थी कि दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज भी क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते दिखे। आलम यह था कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों की टीमें पहले ही दिन ढेर हो गईं।
‘उम्मीद है दोबारा ऐसा मैच नहीं देखना पड़ेगा’
मैथ्यू पेज ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि वह भविष्य में कभी भी ऐसे टेस्ट मैच का हिस्सा नहीं बनना चाहेंगे जो सिर्फ दो दिन में समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा, “हमें इस बात की निराशा है कि मैच सिर्फ दो दिन चला। हमने एक ऐसा टेस्ट मैच देने की कोशिश की थी जो दर्शकों को बांधे रखे, लेकिन यह पर्याप्त समय तक नहीं चला। हम इससे सबक लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अगले साल ऐसी गलती न हो।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने करियर में पहले कभी ऐसे टेस्ट मैच का हिस्सा नहीं रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि दोबारा ऐसा कभी न हो।”
टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर सवाल
मेलबर्न टेस्ट का दो दिन में खत्म होना न केवल क्यूरेटर के लिए बल्कि आईसीसी (ICC) के लिए भी चिंता का विषय है। टेस्ट क्रिकेट को बचाने की मुहिम के बीच अगर पिचें इस तरह का व्यवहार करेंगी, तो खेल का रोमांच खत्म होने का डर बना रहता है। हालांकि, मैथ्यू पेज ने वादा किया है कि वह पिच की मिट्टी और घास के संयोजन पर फिर से काम करेंगे ताकि अगले सीजन में एक संतुलित मुकाबला देखने को मिले।
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि एमसीजी की पिच पर अतिरिक्त घास छोड़ने का फैसला मेलबर्न के मौसम को देखते हुए गलत साबित हुआ। बादल छाए रहने के कारण स्विंग और सीम इतनी ज्यादा बढ़ गई कि मैच टेस्ट नहीं बल्कि किसी लॉटरी जैसा लगने लगा।
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