मुंबई: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर कैबिनेट उपसमिति के अध्यक्ष से मिलने, राज्य के मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात करने और जल्द से जल्द समाधान निकालने की जानकारी बीजेपी के विधायक सुरेश धस ने दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने पहले भी मध्यस्थता की थी और इस बार भी मध्यस्थ बनकर जल्द रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे। मनोज जरांगे से मुलाकात के बाद धस ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
आज़ाद मैदान में आंदोलन जारी
मराठा आरक्षण पर जल्द निर्णय की मांग को लेकर मनोज जरांगे ने मुंबई के आज़ाद मैदान में आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन का पहला दिन पूरा हो चुका है और शनिवार को भी यह आंदोलन जारी रहेगा। इसी दौरान विधायक सुरेश धस ने जरांगे से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।
मंत्रिमंडल उपसमिति से मिलेंगे
जरांगे से मिलने के बाद सुरेश धस ने कहा, “हम विधायक प्रकाश सोलंके समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ शनिवार को मंत्रिमंडल की उपसमिति से मिलेंगे। मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर इस मामले में जल्द से जल्द समाधान की मांग रखेंगे। मराठा आरक्षण का पक्ष उनके सामने मजबूती से रखकर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करेंगे।”
धस ने बताया कि जरांगे की मांगों में से एक पर निर्णय स्वीकार किया जा चुका है। बाकी मांगों पर भी समाधान की कोशिश होनी चाहिए। मुंबई में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं और किसी ठोस निर्णय के बिना वापस नहीं जाएंगे, ऐसा भी धस ने कहा।
जरांगे किस पर बोलते हैं?
धस ने कहा, “पिछले उपोषण के दौरान भी हमने मध्यस्थता की थी। अब भी मध्यस्थता करके यह मुद्दा जल्द सुलझाया जाए, यह हमारी मुख्यमंत्री से मांग होगी।”
जरांगे अक्सर मुख्यमंत्री को ही घेरते हैं, इस पर धस बोले, “मुख्यमंत्री ही राज्य के प्रमुख हैं और निर्णय वही लेते हैं। पहले के फैसले भी उन्हीं के स्तर पर हुए थे। इसलिए उनसे ही उम्मीद है, और जरांगे उन्हीं पर बोलेंगे—विपक्ष के नेता पर क्यों बोलेंगे?”
“अब ज्यादा न तानें, बीड संवेदनशील”
धस ने कहा, “अब इस मुद्दे को ज्यादा न तानते हुए जल्द निर्णय होना चाहिए। मराठा आरक्षण पर बीड ज़िला ज्यादा संवेदनशील है, इसलिए बीड के जनप्रतिनिधियों ने जरांगे के आंदोलन में पहुंचकर मुलाकात की है।”
जरांगे से क्या चर्चा हुई?
मुलाकात के बाद धस ने बताया कि मराठा आरक्षण पर जरांगे की मांगें और उनसे जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। “ये सभी मांगें हम मराठा उपसमिति के सामने रखेंगे,” धस ने कहा।
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